– जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन, एएसडीसी और विक्टोरा इंडस्ट्रीज की संयुक्त पहल से युवाओं को मिलेगा उद्योग आधारित प्रशिक्षण, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर
फरीदाबाद, 20 अगस्त | युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत विक्टोरा इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन के प्रोजेक्ट उम्मीद एवं ऑटोमोटिव स्किल्स डेवलपमेंट काउंसिल (एएसडीसी) के संयुक्त प्रयास से ऑटोमोटिव मशीनिंग ऑपरेटर प्रशिक्षण कार्यक्रम के नए बैच का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर ऑटोमोटिव स्किल्स डेवलपमेंट काउंसिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रसन्न पाहाड़े मुख्य अतिथि के रूप में तथा विक्टोरा इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक एवं ‘हरियाणा के ट्री मैन’ एस.एस. बांगा और जेएसडब्ल्यू एमआई, पलवल के मानव संसाधन प्रबंधक नवेंदु पाठक विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि प्रसन्न पाहाड़े ने कहा कि देश के तेजी से बढ़ते ऑटोमोबाइल एवं विनिर्माण क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करना अत्यंत आवश्यक है। उद्योग आधारित प्रशिक्षण युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन, एएसडीसी और विक्टोरा इंडस्ट्रीज की संयुक्त पहल युवाओं को व्यावहारिक कौशल और बेहतर करियर अवसर प्रदान करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं विक्टोरा इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक तथा ‘हरियाणा के ट्री मैन’ एस.एस. बांगा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल ही आत्मनिर्भरता की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने युवाओं से अनुशासन, निरंतर सीखने की इच्छा और मेहनत को अपनी सफलता का आधार बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विक्टोरा इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक दमन बांगा ने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रोजेक्ट उम्मीद केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं को नए अवसर, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य से जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास एवं सामाजिक उत्थान से जुड़े विभिन्न प्रयासों की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम में जेएसडब्ल्यू एमआई, पलवल के मानव संसाधन प्रबंधक नवेंदु पाठक ने जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन द्वारा युवाओं को कौशलयुक्त रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में चलाए जा रहे प्रोजेक्ट उम्मीद के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने उद्योग जगत की अपेक्षाओं, कार्यस्थल अनुशासन, रोजगार के अवसरों तथा युवाओं में व्यावसायिक कौशल के महत्व पर भी अपने विचार साझा किए।
ऑटोमोटिव स्किल्स डेवलपमेंट काउंसिल की कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं मुख्य रणनीति एवं संचालन अधिकारी सुश्री मीनू सरावगी तथा परियोजना क्रियान्वयन टीम से अरुण और मनीषा ने कार्यक्रम एवं प्रशिक्षण व्यवस्था को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत युवाओं को ऑटोमोटिव मशीनिंग ऑपरेटर के रूप में उद्योग आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण में सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक ज्ञान के साथ कार्यस्थल आधारित प्रशिक्षण, मूल्यांकन एवं प्रमाणन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए आवश्यक सहयोग भी प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण सामग्री किट वितरित की गई। अतिथियों ने प्रशिक्षुओं से संवाद करते हुए उन्हें पूरे प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, मेहनत और निरंतर सीखने के लिए प्रेरित किया।
प्रोजेक्ट उम्मीद का उद्देश्य युवाओं को कौशल, अवसर और रोजगार से जोड़कर उनके उज्ज्वल एवं आत्मनिर्भर भविष्य की नींव मजबूत करना है। यह पहल युवाओं को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने तथा उन्हें बेहतर रोजगार अवसरों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. सरोज कुमार द्वारा किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्लांट हेड रविंदर सिंह ने सभी सम्मानित अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में एम आर पुष्पेंद्र शर्मा, एचआर टीम से कॉर्पोरेट एच आर जयेश कुमार, मनोज गुप्ता, बिजेंद्र रावत, राखी, अनुराधा, अजित सहित अन्य सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी ने समन्वय, व्यवस्थाओं एवं कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

