‘वैल्यू योर वर्च्युज’ प्रतियोगिता के विजेताओं को किया सम्मानित, भौतिक ज्ञान के साथ आत्मिक ज्ञान को प्राथमिकता देने पर जोर

फरीदाबाद, 7 सितंबर। सतयुग दर्शन ट्रस्ट (रजि.) के तत्वावधान में विश्व समभाव दिवस के अवसर पर सतयुग दर्शन वसुंधरा स्थित सभागार में भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मानव जीवन के वास्तविक उद्देश्य, आत्मज्ञान, समभाव-समदृष्टि और मानवता के मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने समाज के चारित्रिक उत्थान के लिए भौतिक ज्ञान के साथ आत्मिक ज्ञान की प्राप्ति को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सतयुग दर्शन ट्रस्ट के मार्गदर्शक परम श्रद्धेय श्री सजन जी, मैनेजिंग ट्रस्टी श्रीमती रश्मा गांधी, श्रीमती अनुपमा तलवार, पद्मश्री डॉ. संत राम देसवाल, पद्मश्री सुमित्रा गुहा सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस अवसर पर ट्रस्ट के मार्गदर्शक श्री सजन जी ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को ब्रह्म और ब्रह्मांड के आदि, अनादि एवं परम सत्य को अपने जीवन में विवेकपूर्वक स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में समभाव के साथ सर्वोच्च सत्य पर मानसिक रूप से स्थिर रहने का प्रयास करना चाहिए। निष्काम और अकर्ता भाव से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए यथार्थतापूर्ण एवं निर्विकार जीवन जीना ही मानव जीवन की सार्थकता है। उन्होंने विचार, वचन और कर्म में श्रेष्ठता को अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में अंबाला, फरीदाबाद, गुरुग्राम, दिल्ली, जालंधर, बरेली और वसुंधरा सहित विभिन्न स्थानों से आए सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्रों के बाल एवं युवा कलाकारों ने भरतनाट्यम, सूफी नृत्य, भांगड़ा, माइम और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकारों ने ‘समभाव-समदृष्टि’, आत्मज्ञान और मानवता का प्रभावशाली संदेश दिया। प्रस्तुतियों को दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से सराहा।

कार्यक्रम में प्रस्तुत नृत्य-नाटिका की शुरुआत सवाल ‘इंसान इस दुनिया में क्या करने आया है?’ से हुई। नाटिका के माध्यम से बताया गया कि मानव जीवन केवल भौतिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मज्ञान प्राप्त करना, अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानना और परमार्थ के मार्ग पर आगे बढ़ना ही जीवन का वास्तविक उद्देश्य है।

‘वैल्यू योर वर्च्युज’ के विजेता सम्मानित

समारोह के दौरान ‘वैल्यू योर वर्च्युज’ प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। 12वें अंतर्राष्ट्रीय मानवता ओलंपियाड (IHO), ‘स्पिरिचुअल एलोक्वेंस’ (आध्यात्मिक वाक्पटुता) और ‘स्पिरिचुअल इकोस’ (आध्यात्मिक प्रतिध्वनि) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को उनके योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया।

पुष्प श्रेणी में पश्चिम बंगाल की संचिता साहू, हरियाणा के कुणाल कुमार व अक्षिता शर्मा, दिल्ली की जानवी व सुगम परिहार तथा जम्मू-कश्मीर की अरनवी मिश्रा को सम्मानित किया गया। अंकुर श्रेणी में उत्तराखंड की इशरा अंसारी, चंडीगढ़ की सरयू कोचर, दिल्ली के अनूप कुमार और हरियाणा की जानवी विजेता रहे।

इसी प्रकार तरुवर श्रेणी में हरियाणा की रीना सैनी तथा दरख्त श्रेणी में हरियाणा की गुजरी भारद्वाज और रूद्र शेखर को उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों की भूमिका की भी सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षण संस्थान जागरूक, समर्पित और गुणनिष्ठ विद्यार्थियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस दौरान लोगों से समभाव-समदृष्टि के निःशुल्क स्कूलों तथा सतयुग दर्शन ट्रस्ट की विभिन्न गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया गया। ट्रस्ट की एप के माध्यम से भी ऑनलाइन जुड़कर आत्मिक ज्ञान, मानवता, सदाचार और परमार्थ के मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर सभी के लिए मंगलकामना की गई कि प्रत्येक व्यक्ति अपने वास्तविक स्वरूप को पहचाने, समभाव-समदृष्टि को जीवन में धारण करे और मानव जीवन के परम लक्ष्य की ओर अग्रसर हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About Us

फरीदाबाद दर्शन एक स्वतंत्र हिंदी समाचार पोर्टल है, जो फरीदाबाद व आसपास के क्षेत्रों की ताज़ा, सत्य और निष्पक्ष खबरें पाठकों तक पहुँचाता है। हमारा उद्देश्य स्थानीय समाचारों को विश्वसनीय और जिम्मेदार तरीके से प्रस्तुत करना है।

Contact

📍 Faridabad, Haryana
📞 Phone: +91 9891990785                                    

© 2026 Faridabad Darshan — All Copyrights Reserved
Made with ❤️ by Divyanshu Ojha (Journalist)