फरीदाबाद, 21 सितम्बर : समाज की गति और दशा श्रेष्ठ महापुरूषो व महान आत्माओं पर निर्भर करती है। वे श्रेष्ठ पुरूष जिस काल में होते हैं प्रेरणा के स्त्रोत होते हैं। उनके बाद भी उनके आदर्श हमारी प्रेरणा बन जाते हैं। यह बात आर्य समाज सैक्टर-28-31 फरीदाबाद में चल रही योगीराज युगपुरूष वैदिक श्रीकृष्ण कथा में बोलते हुए कथा वाचिका अंजलि आर्या ने कही। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने हमेशा सत्य के लिए प्रयास किए और असत्य और अधर्म पर चलने वाले लोगों का सर्वनाश भी किया। अंजलि आर्या ने बताया कि उनके जीवन की यह प्रेरणा हमे धर्म से जोडऩे का कार्य करती है। दुनिया में अगर माना जाए तो भारत देश सबसे बड़ा धार्मिक देश है, जिसमें सैंकडों हजारों वर्षों से धार्मिक रीति, परंपराओं, उपदेशों और महापुरूषों के व्याख्यानों की चर्चाए और उनको जीवन में उतारने की प्रेरणा धर्म से मिलती है। इस अवसर पर आर्य समाज के प्रधान प्रवीण गोयल ने कथा वाचिका अंजलि आर्या सहित कथा श्रवण करने आए जिले के विभिन्न आर्य समाजों के पदाधिकारी, शहर के गण्यमान्य लोगों का स्वागत किया। कमेटी के पदाधिकारी राजीव गुप्ता, सुभाष नागपाल, प्रवीण महेंदू्र, आरके आर्य सहित सभी सदस्यों ने व्यवस्था को बनाए रखने में सहयोग प्रदान किया।

