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फरीदाबाद, 12 मई। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा जिला फरीदाबाद के गांव जवां में पोक्सो अधिनियम एवं बाल विकास अधिनियम 2006 पर एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोग की सदस्य सुमन राणा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने पॉक्सो एक्ट के तहत बच्चों के साथ होने वाले अपराधों, उनकी हानियों और इससे जुड़ी कानूनी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही, बाल श्रम, बाल विवाह और आयोग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में भी लोगों को जागरूक किया। उन्होंने बच्चों को ‘1098’ टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर के उपयोग के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि अधिकतर अपराध अपने ही लोगों की मिलीभगत से होते हैं, इसलिए बच्चों को सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने ग्राम वासियों से अपील की कि किसी भी घटना को छुपाने की बजाय स्थानीय पुलिस को तुरंत सूचना दें। सुमन राणा ने यह भी स्पष्ट किया कि हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग बच्चों की सहायता, सुरक्षा और कानूनी मदद के लिए हमेशा तत्पर है।

कार्यक्रम के दौरान सुमन राणा ने कहा कि बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार किया जाए ताकि वे बिना किसी झिझक और लोकलाज के डर के अपने माता-पिता को हर बात बता सकें। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि कई माता-पिता सामाजिक बदनामी और इज्जत के कारण ऐसे गंभीर मामलों को दबा लेते हैं, जबकि यह प्रवृत्ति गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार पॉक्सो जैसे मामलों में किसी भी प्रकार के समझौते को महत्व नहीं दिया जाएगा और पीड़ित बच्चों को हर हाल में न्याय मिलेगा। उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे सतर्क रहें और ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लें। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता गांव के सरपंच विष्णु दारा ने की। कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण इकाई से सामाजिक कार्यकर्ता युद्धवीर, आउटरीच वर्कर प्रवीन, अर्चना, महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी हेमा कौशिक, गांव की आंगनवाड़ी वर्कर, आशा वर्कर तथा अनेक ग्रामवासी उपस्थित रहे।

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