शेयर मार्केट निवेश के नाम पर साइबर ठगी का मामला
ऑनलाइन निवेश और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते चलन के साथ साइबर ठगी के मामलों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। खासकर शेयर मार्केट, फॉरेक्स ट्रेडिंग और क्रिप्टो निवेश के नाम पर लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर ठगा जा रहा है। ऐसा ही एक मामला फरीदाबाद से सामने आया है, जहां शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर एक व्यक्ति से 3,51,050 रुपये की ठगी कर ली गई।
इस मामले में साइबर थाना NIT की टीम ने कार्रवाई करते हुए खाता उपलब्ध करवाने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराध के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
फरीदाबाद से दर्ज हुई शिकायत
यह मामला फरीदाबाद के सेक्टर-21D क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। पीड़ित व्यक्ति ने साइबर थाना NIT में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि 21 अगस्त को उसकी बातचीत टेलीग्राम ऐप के माध्यम से एक महिला से हुई थी।
महिला ने स्वयं को फॉरेक्स एक्सचेंज से जुड़ी एक टीम का सदस्य बताया और ऑनलाइन निवेश के माध्यम से अधिक लाभ कमाने का भरोसा दिलाया। उसकी बातों से प्रभावित होकर शिकायतकर्ता ने उसके द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक कर एक अकाउंट बनाया।
कैसे हुआ निवेश के नाम पर धोखाधड़ी
पुलिस के अनुसार, अकाउंट बनने के बाद पीड़ित से अलग-अलग चरणों में निवेश करने के लिए कहा गया। शुरुआत में निवेश प्रक्रिया को आसान और सुरक्षित बताया गया, जिससे पीड़ित को यह लगा कि वह किसी वैध प्लेटफॉर्म पर पैसा लगा रहा है।
ठगों के झांसे में आकर पीड़ित ने कुल 3,51,050 रुपये का निवेश कर दिया। कुछ समय बाद जब उसने अपनी निवेशित राशि निकालने की कोशिश की, तो महिला ने शर्त रखी कि कम से कम 10 लाख रुपये निवेश करने के बाद ही पैसा निकाला जा सकता है।
इसी शर्त के बाद शिकायतकर्ता को ठगी का एहसास हुआ और उसने तुरंत साइबर थाना NIT में शिकायत दर्ज कराई।
साइबर थाना NIT की जांच
शिकायत के आधार पर साइबर थाना NIT में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की, जिसमें बैंक खातों, ट्रांजैक्शन डिटेल, मोबाइल नंबर और डिजिटल लिंक का विश्लेषण किया गया।
जांच में सामने आया कि यह ठगी एक संगठित नेटवर्क के माध्यम से की जा रही थी, जिसमें अलग-अलग लोगों की भूमिका थी। मुख्य ठगों के अलावा बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले लोग भी इस अपराध में शामिल थे।
आरोपी की गिरफ्तारी
मामले में कार्रवाई करते हुए साइबर थाना NIT की टीम ने आरोपी आदित्य कुमार, निवासी सारन, बिहार को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने शिवम का बैंक खाता अभिषेक से लेकर आगे ठगों को उपलब्ध कराया था।
पुलिस के अनुसार, इस खाते का उपयोग ठगी की राशि के लेन-देन के लिए किया गया था, जिससे साइबर ठगों को रकम इधर-उधर करने में मदद मिली।
आरोपी की पृष्ठभूमि
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी आदित्य 12वीं पास है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि चाहे कोई व्यक्ति सीधे ठगी न कर रहा हो, लेकिन बैंक खाता उपलब्ध कराना भी कानून की नजर में गंभीर अपराध है।
इस मामले में आरोपी शिवम और अभिषेक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि आदित्य की गिरफ्तारी से पूरे नेटवर्क की कड़ी और मजबूत हुई है।
न्यायालय में पेशी
गिरफ्तार आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि:
इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं
ठगी की कुल राशि कितनी हो सकती है
आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में थे
शेयर मार्केट ठगी के बढ़ते मामले
विशेषज्ञों के अनुसार, टेलीग्राम और अन्य मैसेजिंग ऐप्स के जरिए फर्जी निवेश ऑफर तेजी से फैल रहे हैं। अधिक मुनाफे का लालच, कम समय में पैसा दोगुना करने का दावा और फर्जी प्रोफाइल—ये सभी साइबर ठगी के प्रमुख संकेत हैं।
अक्सर ऐसे मामलों में:
प्लेटफॉर्म की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं होती
निकासी के समय नई शर्तें लगाई जाती हैं
संपर्क केवल टेलीग्राम या व्हाट्सएप तक सीमित रहता है
पुलिस की अपील: रहें सतर्क
फरीदाबाद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान निवेश ऑफर पर भरोसा न करें। यदि:
कोई व्यक्ति या महिला खुद को निवेश विशेषज्ञ बताकर संपर्क करे
पहले पैसे जमा कराने की शर्त रखी जाए
अधिक लाभ का लालच दिया जाए
तो तुरंत सतर्क हो जाएं और ऐसे ऑफर से दूरी बनाए रखें।
निष्कर्ष
शेयर मार्केट निवेश के नाम पर 3.51 लाख रुपये की ठगी का यह मामला एक बार फिर साइबर अपराध की गंभीरता को उजागर करता है। साइबर थाना NIT की तत्परता से आरोपी की गिरफ्तारी संभव हो सकी है, लेकिन आम नागरिकों की सतर्कता ही इस तरह की ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
डिजिटल निवेश से पहले पूरी जानकारी, वैधता की जांच और सोच-समझकर निर्णय लेना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

