संवाददाता – Divyanshu Ojha (Journalist)
फरीदाबाद में अनाज मंडी बल्लभगढ़ में हुई साधु की हत्या के मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में क्राइम ब्रांच DLF की टीम ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना आदर्श नगर में दर्ज हत्या के मामले में की गई है, जहां पहले से गिरफ्तार एक आरोपी के बाद अब दूसरे आरोपी को भी कानून के दायरे में लाया गया है।
हत्या के मामले में दूसरी गिरफ्तारी
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, क्राइम ब्रांच DLF की टीम ने 26 जनवरी को शनि देव राम, निवासी सैदपुर, जिला बिहार को गिरफ्तार किया है। आरोपी को इस मामले में पूछताछ के बाद माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से घटना से जुड़े तथ्यों, उसकी भूमिका और अन्य संभावित पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
क्या है पूरा मामला
यह मामला अनाज मंडी बल्लभगढ़ से जुड़ा है, जहां वर्ष 2025 की 8/9 जून की रात एक साधु की हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में थाना थाना आदर्श नगर में हत्या से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
शिकायतकर्ता कल्लू, जो अनाज मंडी बल्लभगढ़ में पल्लेदारी का कार्य करता है, ने पुलिस को बताया था कि विजय गुप्ता नाम का एक बाबा अनाज मंडी में अक्सर घूमता रहता था और रात के समय वहीं सोता था। वह लंबे समय से मंडी परिसर में ही रह रहा था।
घटना की रात क्या हुआ
शिकायत के अनुसार, 8 और 9 जून की मध्य रात्रि को अनाज मंडी में बेलदारी का काम करने वाले 2 से 3 युवक बाबा विजय गुप्ता के पास पहुंचे। किसी बात को लेकर पहले कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। आरोप है कि युवकों ने डंडों से बाबा की पिटाई की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद मंडी परिसर में हड़कंप मच गया और सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और मामले की जांच शुरू की गई।
जांच में सामने आए तथ्य
पुलिस जांच के दौरान यह सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी शनि देव राम अनाज मंडी बल्लभगढ़ में बेलदारी का कार्य करता था। घटना वाली रात उसकी और उसके साथी संजीत मेहतो की बाबा विजय गुप्ता के साथ गाली-गलौच हुई थी। इसी विवाद के बाद दोनों ने मिलकर बाबा पर डंडों से हमला किया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
इस मामले में आरोपी संजीत मेहतो को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अब दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी से पुलिस को उम्मीद है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जा सकेगा।
क्राइम ब्रांच की भूमिका
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच क्राइम ब्रांच DLF को सौंपी गई थी। टीम ने तकनीकी साक्ष्य, चश्मदीदों के बयान और स्थानीय जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की। लगातार की गई छानबीन के बाद दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी संभव हो सकी।
पुलिस रिमांड के दौरान जांच
आरोपी को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि:
घटना में प्रयुक्त डंडों की बरामदगी
वारदात के समय मौजूद अन्य व्यक्तियों की पहचान
आपसी विवाद के कारणों की पुष्टि
घटना की सटीक समय-रेखा
जैसे पहलुओं पर जांच की जा सके। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान प्राप्त जानकारी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कानून व्यवस्था और सुरक्षा का संदेश
इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर हिंसा और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अनाज मंडी जैसे व्यस्त इलाकों में कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है।
पुलिस यह भी सुनिश्चित कर रही है कि ऐसे मामलों में त्वरित जांच और निष्पक्ष कार्रवाई हो, ताकि आमजन में कानून के प्रति विश्वास बना रहे।
स्थानीय लोगों में चर्चा
घटना के बाद से अनाज मंडी क्षेत्र में स्थानीय लोगों के बीच इस मामले को लेकर चर्चा बनी हुई है। लोगों का कहना है कि मंडी परिसर में रात के समय सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस की अपील
फरीदाबाद पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि:
किसी भी विवाद को हिंसा में न बदलें
संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें
कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें
पुलिस का मानना है कि नागरिकों की सतर्कता और सहयोग से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
निष्कर्ष
अनाज मंडी बल्लभगढ़ में साधु की हत्या के मामले में दूसरी गिरफ्तारी पुलिस जांच की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। क्राइम ब्रांच DLF द्वारा की गई यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि गंभीर अपराधों में पुलिस किसी भी आरोपी को बख्शने के मूड में नहीं है। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी। यह मामला एक बार फिर यह संदेश देता है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और अपराध करने वालों को अंततः न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना ही पड़ता है।

