संवाददाता – Vishnu Ojha (Journalist)
फरीदाबाद में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशभक्ति, सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक उत्साह का अद्भुत दृश्य उस समय देखने को मिला, जब फ्रैन्ड़स सोशल वर्कर्स एसोसिएशन द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन मार्किट नंबर-5 स्थित एसोसिएशन परिसर में संपन्न हुआ, जिसमें संस्था के पदाधिकारियों, सदस्यों, स्थानीय नागरिकों और अतिथियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय पर्व को सामूहिक रूप से मनाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को देशभक्ति, सामाजिक सेवा और बलिदान की भावना से जोड़ना रहा।
ध्वजारोहण के साथ हुआ समारोह का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई, जिसे संस्था के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सामूहिक रूप से संपन्न किया। इस अवसर पर राष्ट्रध्वज को सलामी दी गई और राष्ट्रगान के माध्यम से देश के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।
ध्वजारोहण के दौरान परिसर में अनुशासन, गरिमा और राष्ट्रीय भावना का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम में संस्था के प्रधान गुलशन सहगल, महासचिव मुकेश मल्होत्रा, कोषाध्यक्ष संदीप गेरा सहित अन्य पदाधिकारियों और सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही।
अतिथियों का सम्मान और शहीदों को श्रद्धांजलि
इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में धनेश अदलखा तथा पार्षद जसवंत सिंह गुलशन बगा उपस्थित रहे। एसोसिएशन की ओर से अतिथियों का माला पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान देश की आज़ादी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को याद करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया। उपस्थित सभी लोगों ने श्रद्धा और सम्मान के साथ शहीदों को नमन किया।
बच्चों और युवाओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
गणतंत्र दिवस समारोह का एक प्रमुख आकर्षण बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। बच्चों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत गीत, कविताएं और प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें दर्शकों ने सराहा।
इन प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति समर्पण का संदेश दिया। आयोजकों का मानना है कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों में देशप्रेम की भावना विकसित करने में सहायक होते हैं।
देशभक्ति गीतों पर झूमे अतिथि और पदाधिकारी
कार्यक्रम के दौरान जब देशभक्ति गीतों की धुनें बजीं, तो माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया। विधायक धनेश अदलखा सहित एसोसिएशन के पदाधिकारी और सदस्य देशभक्ति गीतों पर झूमते नजर आए। यह दृश्य कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों के लिए भावनात्मक और प्रेरणादायक रहा।
इस दौरान पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंगा हुआ दिखाई दिया और लोगों ने आपसी मेल-जोल के साथ राष्ट्रीय पर्व का आनंद लिया।
सामाजिक कार्यों पर वक्ताओं के विचार
कार्यक्रम के दौरान विधायक धनेश अदलखा ने अपने संबोधन में एसोसिएशन द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि समाज सेवा के क्षेत्र में इस प्रकार की संस्थाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने में सहयोग करती हैं।
उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के वीरों का स्मरण करते हुए कहा कि देश को आज़ादी दिलाने में अनेक युवाओं ने अपने प्राणों की आहुति दी। ऐसे बलिदानों को याद रखना और उनसे प्रेरणा लेना हर नागरिक का कर्तव्य है।
संस्था का संदेश: समाज और देश के प्रति समर्पण
एसोसिएशन के प्रधान गुलशन सहगल और महासचिव मुकेश मल्होत्रा ने अपने संदेश में कहा कि फ्रैन्ड़स सोशल वर्कर्स एसोसिएशन समाज और देश के प्रति पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि उन मूल्यों को याद करने का दिन है, जिन पर हमारा संविधान और लोकतंत्र आधारित है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे समाज सेवा, ईमानदारी और राष्ट्रहित को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
देशभक्ति का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान पदाधिकारियों और सदस्यों ने देश के प्रति समर्पण और जिम्मेदारी निभाने का संकल्प भी लिया। वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देना चाहिए।
कोषाध्यक्ष संदीप गेरा और उपप्रधानों ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें यह याद दिलाता है कि स्वतंत्रता और लोकतंत्र की रक्षा हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
सामूहिक सहभागिता से सफल आयोजन
इस आयोजन में एसोसिएशन के वरिष्ठ और कनिष्ठ सदस्यों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया।
आयोजकों के अनुसार, इस प्रकार के सामूहिक आयोजन सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं और लोगों को एक-दूसरे के करीब लाते हैं।
निष्कर्ष
फरीदाबाद में फ्रैन्ड़स सोशल वर्कर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस समारोह ने देशभक्ति, सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त संदेश दिया। ध्वजारोहण, शहीदों को श्रद्धांजलि, बच्चों की प्रस्तुतियां और सामूहिक उत्साह ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। यह कार्यक्रम न केवल राष्ट्रीय पर्व का उत्सव था, बल्कि समाज को जोड़ने और प्रेरित करने का एक सफल प्रयास भी रहा।

