संवाददाता – Divyanshu Ojha (Journalist)
फरीदाबाद में ऑनलाइन निवेश के नाम पर साइबर ठगी के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। इसी कड़ी में शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर 6 लाख 13 हजार रुपये की ठगी करने के एक मामले में साइबर थाना सैंट्रल फरीदाबाद की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 आरोपितों को मध्यप्रदेश से गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए बैंक खाते उपलब्ध करवाने में शामिल पाए गए हैं।
यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि साइबर अपराधी किस तरह सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से निवेश का लालच देकर आम नागरिकों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं।
टेलीग्राम मैसेज से शुरू हुई ठगी की कहानी
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, सेक्टर-37 फरीदाबाद निवासी एक महिला ने साइबर थाना सैंट्रल में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि 9 सितंबर को उसके टेलीग्राम अकाउंट पर ट्रेडिंग के माध्यम से पैसे कमाने से संबंधित एक मैसेज आया।
शुरुआत में यह मैसेज सामान्य निवेश सलाह जैसा प्रतीत हुआ, लेकिन इसके बाद उसे एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया गया, जहां शेयर मार्केट और ट्रेडिंग से जुड़े मुनाफे के दावे किए जा रहे थे। ग्रुप में मौजूद लोग खुद को निवेश विशेषज्ञ बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर रहे थे।
ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाकर कराया गया निवेश
ग्रुप से जुड़े लोगों ने पीड़िता को बताया कि यदि वह बताए गए तरीके से निवेश करती है, तो उसे अच्छा रिटर्न मिलेगा। इसी भरोसे में पीड़िता का ट्रेडिंग के नाम पर एक अकाउंट खुलवाया गया।
इसके बाद आरोपियों के निर्देश पर पीड़िता ने निवेश के लिए अलग-अलग बैंक खातों में कुल 6,13,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। शुरुआत में उसे बताया गया कि उसका निवेश बढ़ रहा है, जिससे उसका विश्वास और मजबूत होता गया।
पैसा वापस मांगने पर संपर्क हुआ बंद
कुछ समय बाद जब पीड़िता से और अधिक पैसे निवेश करने के लिए कहा गया, तो उसने मना कर दिया और अपने निवेश की राशि वापस मांगी। इसके बाद आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी और फिर पूरी तरह संपर्क बंद कर दिया।
तब पीड़िता को ठगी का अहसास हुआ और उसने साइबर थाना सैंट्रल में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
साइबर थाना सैंट्रल की तकनीकी जांच
मामला दर्ज होने के बाद फरीदाबाद पुलिस की साइबर थाना सैंट्रल टीम ने बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल नंबर, टेलीग्राम अकाउंट और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया।
जांच में सामने आया कि ठगी की रकम जिन खातों में ट्रांसफर की गई थी, वे खाते सीधे-सीधे मुख्य ठगों के नाम पर नहीं थे, बल्कि अन्य लोगों द्वारा उपलब्ध करवाए गए थे।
मध्यप्रदेश से 4 आरोपी गिरफ्तार
तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले से गौतम केसरिया (23), अभिषेक परेटा (21), उदय (23) और प्रशांत (23) को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में सामने आया कि:
आरोपी गौतम ने खाताधारक हर्षवर्धन का बैंक खाता आगे अभिषेक को उपलब्ध कराया
अभिषेक ने यह खाता आगे उदय और प्रशांत को सौंप दिया
इसी खाते के माध्यम से ठगी की रकम को इधर-उधर किया गया
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, हर्षवर्धन (खाताधारक) को इस मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
आरोपियों की पृष्ठभूमि
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि:
गौतम पेशे से ड्राइवरी का काम करता है
उदय, प्रशांत और अभिषेक मिलकर इंदौर में जिम चलाते हैं
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि ये आरोपी कितने समय से साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े हुए थे और क्या इनके जरिए अन्य ठगी मामलों में भी खातों का इस्तेमाल किया गया है।
न्यायालय में पेश, 5 दिन का पुलिस रिमांड
चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि:
ठगी की रकम आगे किन-किन खातों में भेजी गई
मुख्य ठग कौन हैं और उनका नेटवर्क कितना बड़ा है
क्या इन आरोपियों की संलिप्तता अन्य साइबर ठगी मामलों में भी रही है
निवेश ठगी का सामान्य तरीका
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शेयर मार्केट ठगी में अक्सर:
टेलीग्राम या व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जाते हैं
फर्जी मुनाफे के स्क्रीनशॉट दिखाए जाते हैं
शुरुआती भरोसा जीतने के लिए छोटे लाभ का भ्रम दिया जाता है
बाद में बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली जाती है
निवेश के नाम पर ऐसे किसी भी अनजान मैसेज या ग्रुप से सावधान रहने की आवश्यकता है।
पुलिस की आमजन से अपील
फरीदाबाद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि:
सोशल मीडिया पर मिलने वाले निवेश प्रस्तावों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें
किसी भी ऐप या ग्रुप के कहने पर पैसा ट्रांसफर न करें
निवेश से पहले अधिकृत संस्थानों और सेबी-पंजीकृत प्लेटफॉर्म की जांच करें
साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं
साइबर अपराध की शिकायत के लिए:
नजदीकी साइबर थाना
राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930
या cybercrime.gov.in का उपयोग करें
निष्कर्ष
शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर हुई यह ठगी एक स्पष्ट चेतावनी है कि साइबर अपराधी अब संगठित तरीके से बैंक खातों का दुरुपयोग कर आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। साइबर थाना सैंट्रल द्वारा की गई यह कार्रवाई न केवल ठगी के नेटवर्क को उजागर करने में मददगार है, बल्कि आमजन के लिए भी सतर्क रहने का संदेश देती है। सुरक्षित निवेश के लिए जागरूकता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

