संवाददाता – Divyanshu Ojha (Journalist)
समाज सेवा को अपना जीवन उद्देश्य मानने वाले फरीदाबाद के समाजसेवी राकेश मेहरा को उनके निरंतर सामाजिक योगदान के लिए 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें बडखल क्षेत्र में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान प्रदान किया गया, जहां उनके सामाजिक कार्यों को सराहते हुए प्रशंसा पत्र भेंट किया गया।
यह सम्मान धनेश अदलखा (बडखल विधायक) एवं त्रिलोक चन्द (एसडीएम) द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया गया। समारोह के दौरान समाजसेवी राकेश मेहरा के कार्यों को जनसेवा की प्रेरणादायक मिसाल बताया गया।
गणतंत्र दिवस समारोह में हुआ सम्मान
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर बडखल क्षेत्र में आयोजित समारोह में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही। इसी दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया, जिनमें समाजसेवी राकेश मेहरा का नाम प्रमुख रहा।
प्रशासन की ओर से कहा गया कि समाज के कमजोर वर्गों के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य करने वाले लोग सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और ऐसे लोगों को सार्वजनिक मंच से सम्मानित किया जाना समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनता है।
सम्मान मिलने पर राकेश मेहरा की प्रतिक्रिया
सम्मान प्राप्त करने के बाद राकेश मेहरा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि समाज सेवा उनके लिए कोई औपचारिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आत्मिक संतोष का माध्यम है। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से फरीदाबाद शहर की अनेक सामाजिक संस्थाओं से जुड़े हुए हैं और समय-समय पर जरूरतमंद लोगों की सहायता करने का प्रयास करते रहते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज में यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दे, तो कई समस्याओं का समाधान सामूहिक रूप से संभव हो सकता है।
पिता की स्मृति में स्थापित किया चैरिटेबल ट्रस्ट
राकेश मेहरा ने अपने पिता स्वर्गीय चन्दर प्रकाश मेहरा की स्मृति में स्व. चन्दर प्रकाश मेहरा चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना की है। इस ट्रस्ट के माध्यम से वे समाज के गरीब, जरूरतमंद और वंचित वर्गों की सहायता करते आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि ट्रस्ट का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को सम्मान के साथ सहयोग प्रदान करना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
सामाजिक कार्यों की विस्तृत श्रृंखला
स्व. चन्दर प्रकाश मेहरा चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से समय-समय पर विभिन्न सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इनमें प्रमुख रूप से:
रक्तदान शिविरों का आयोजन
कैंसर जागरूकता शिविर
वृक्षारोपण अभियान
दिव्यांगजनों की सहायता
गौ सेवा
पशु-पक्षियों की सेवा और संरक्षण
शामिल हैं। ट्रस्ट से जुड़े स्वयंसेवक इन गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
समाज सेवा को बताया सबसे बड़ा कर्म
राकेश मेहरा का मानना है कि समाज सेवा सबसे बड़ा धर्म और कर्म है। उन्होंने कहा कि जब किसी जरूरतमंद की मदद की जाती है, तो उससे जो संतोष मिलता है, वह किसी भी व्यक्तिगत उपलब्धि से बड़ा होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता ने उन्हें हमेशा समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की सीख दी थी और उसी प्रेरणा से वे सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं।
प्रशासन और समाज की सराहना
सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि समाजसेवियों का योगदान प्रशासनिक प्रयासों को भी मजबूत करता है। जब नागरिक स्वेच्छा से समाजहित के कार्यों में आगे आते हैं, तो विकास और कल्याण की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बनती है।
उन्होंने कहा कि ऐसे उदाहरण युवाओं को भी सामाजिक कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि राकेश मेहरा जैसे समाजसेवी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद निरंतर सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहना यह दर्शाता है कि समाज सेवा के लिए केवल बड़े मंच या संसाधन जरूरी नहीं, बल्कि संकल्प और संवेदना सबसे महत्वपूर्ण होती है।
भविष्य की योजनाएं
राकेश मेहरा ने बताया कि आने वाले समय में वे ट्रस्ट के माध्यम से स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों को और विस्तार देने की योजना बना रहे हैं। इसके साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता से जुड़े अभियानों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि समाज की जरूरतों के अनुसार ट्रस्ट की गतिविधियों को लगातार अपडेट किया जाता रहेगा।
निष्कर्ष
77वें गणतंत्र दिवस पर समाजसेवी राकेश मेहरा को मिला यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान की पहचान है, बल्कि समाज सेवा के महत्व को रेखांकित करने वाला उदाहरण भी है। स्व. चन्दर प्रकाश मेहरा चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से किए जा रहे विविध सामाजिक कार्य यह दर्शाते हैं कि निरंतर और निस्वार्थ प्रयासों से समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है। ऐसे सम्मान समाज में सेवा भावना को और मजबूत करने का कार्य करते हैं।

