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संवाददाता – Divyanshu Ojha (Journalist)

हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत और भारत की लोक परंपराओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने वाला 39वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर क्राफ्ट फेस्टिवल–2026 इस वर्ष शिल्प के साथ-साथ भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए भी विशेष रूप से चर्चा में रहेगा। ‘लोकल टू ग्लोबल – आत्मनिर्भर भारत की पहचान’ थीम पर आधारित यह आयोजन 31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड मेला परिसर में आयोजित किया जाएगा।

इस अंतरराष्ट्रीय महोत्सव के दौरान प्रतिदिन मुख्य चौपाल और महा स्टेज पर देश-विदेश के नामचीन लोक कलाकारों, शास्त्रीय संगीतज्ञों, बॉलीवुड गायकों, सूफी बैंड्स, हास्य कलाकारों और नृत्यांगनाओं की प्रस्तुतियां दर्शकों को भारतीय संस्कृति की विविधता से रू-बरू कराएंगी।


शिल्प के साथ संस्कृति का जीवंत उत्सव

हरियाणा पर्यटन विभाग के अनुसार, सूरजकुंड मेला केवल हस्तशिल्प और हस्तकरघा की प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह भारत की लोक-संस्कृति, संगीत, नृत्य और परंपराओं का समग्र उत्सव है। हर शाम होने वाली सांस्कृतिक संध्याएं मेले को एक जीवंत मंच प्रदान करती हैं, जहां विभिन्न राज्यों और देशों की कलात्मक अभिव्यक्तियां एक साथ देखने को मिलती हैं।

पर्यटन विभाग का मानना है कि इन प्रस्तुतियों के माध्यम से देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भारत की सांस्कृतिक विविधता को करीब से अनुभव कर पाते हैं।


उद्घाटन समारोह से होगी सांस्कृतिक यात्रा की शुरुआत

मेले की सांस्कृतिक गतिविधियों की शुरुआत 31 जनवरी 2026 को होने वाले उद्घाटन समारोह से होगी। उद्घाटन दिवस पर सुप्रसिद्ध कोरियोग्राफर संजय शर्मा द्वारा क्यूरेटेड ओपनिंग डांस परफॉर्मेंस प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें भारतीय लोक नृत्यों की विविध शैलियों की झलक देखने को मिलेगी।

इसी दिन लोकगायक सौरव अत्री तथा विश्वविख्यात सारंगी वादक कमल सबरी अपनी संगीतमय प्रस्तुतियों से दर्शकों को भारतीय लोक एवं शास्त्रीय संगीत की गहराई से परिचित कराएंगे।


लोक, बॉलीवुड और सूफी संगीत की रंगीन शामें

महोत्सव के दौरान विभिन्न तिथियों पर संगीत प्रेमियों के लिए विशेष सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन किया गया है।
1 फरवरी को पद्मश्री सम्मानित लोकगायक महाबीर गुड्डू की प्रस्तुति होगी।
2 फरवरी को प्लेबैक सिंगर एवं रियलिटी शो विजेता हेमंत बृजवासी मंच संभालेंगे।
3 फरवरी को बॉलीवुड गायिका तरन्नुम मलिक की प्रस्तुति प्रस्तावित है।

4 फरवरी को ओडिशा की प्लेबैक सिंगर सुस्मिता दास तथा हरियाणवी गायक विकास सैनी दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।
5 फरवरी को इंडियन आइडल विजेता सलमान अली अपनी आवाज़ का जादू बिखेरेंगे।


सूफी और पॉप संगीत का संगम

6 फरवरी को दिल्ली आधारित पॉप-सूफी म्यूजिक बैंड स्वरिज़्म की प्रस्तुति रहेगी, जो युवाओं के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय है।
7 फरवरी को गायक नवीन पुनिया और प्रसिद्ध स्टैंड-अप कॉमेडियन अमित टंडन की प्रस्तुति से हास्य और संगीत का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।


दिग्गज कलाकारों की प्रस्तुतियां

मेले के मध्य चरण में कई दिग्गज कलाकार मंच पर नजर आएंगे।
8 फरवरी को जादूगर सी.पी. यादव तथा पंजाबी संगीत जगत के वरिष्ठ गायक गुरदास मान की प्रस्तुति प्रस्तावित है।

9 फरवरी को पद्मश्री सम्मानित गायक कैलाश खेर और शास्त्रीय गायक कशिश मित्तल मंच साझा करेंगे।


नृत्य, कविता और हास्य का मंच

10 फरवरी को हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मनीष सिंह सहित अन्य कवि शामिल होंगे।
11 फरवरी को कथक नृत्यांगना अनु सिन्हा तथा राजस्थान के प्रसिद्ध डेजर्ट सिम्फनी लोक कलाकार समूह की प्रस्तुति दर्शकों को लोकनृत्य और शास्त्रीय नृत्य की सुंदर झलक दिखाएगी।


अंतिम चरण की खास प्रस्तुतियां

12 फरवरी को पंजाबी गायक अशोक मस्ती की प्रस्तुति होगी।
13 फरवरी को अभिनेता एवं गायक अनुज शर्मा मंच पर नजर आएंगे।
14 फरवरी को शायरी और स्टैंड-अप कॉमेडी शो आयोजित किया जाएगा।

मेले के समापन दिवस 15 फरवरी 2026 को सुप्रसिद्ध तबला वादक पं. सुभाष घोष का शास्त्रीय फ्यूज़न बैंड परफॉर्मेंस तथा संजय शर्मा द्वारा क्यूरेटेड क्लोज़िंग डांस परफॉर्मेंस प्रस्तुत की जाएगी।


सांस्कृतिक संध्याएं क्यों हैं खास

हरियाणा पर्यटन विभाग के अनुसार, इन सांस्कृतिक संध्याओं का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि भारतीय लोककला, शास्त्रीय संगीत और आधुनिक अभिव्यक्तियों के बीच सेतु बनाना है। इससे कलाकारों को मंच मिलता है और दर्शकों को विविध संस्कृतियों को समझने का अवसर प्राप्त होता है।


आमजन से सहभागिता की अपील

पर्यटन विभाग ने आम नागरिकों, कला प्रेमियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे सूरजकुंड मेले की इन सांस्कृतिक संध्याओं में सहभागी बनें और भारत की जीवंत सांस्कृतिक विरासत का प्रत्यक्ष अनुभव करें।


निष्कर्ष

39वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर क्राफ्ट फेस्टिवल–2026 शिल्प, संस्कृति, संगीत और लोककला का ऐसा संगम प्रस्तुत करने जा रहा है, जो न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित करेगा। विविध कलाकारों की प्रस्तुतियां इस महोत्सव को एक यादगार अनुभव बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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