संवाददाता – Divyanshu Ojha (Journalist)
वाहन चोरी के मामले में आदतन अपराधी गिरफ्तार, तीन दिन के पुलिस रिमांड पर आरोपी
(अपराध शाखा AVTS की कार्रवाई, पूर्व में 10 आपराधिक मामले दर्ज)
फरीदाबाद में वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में अपराध शाखा AVTS की टीम ने थाना सेंट्रल क्षेत्र में दर्ज एक वाहन चोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान संजय के रूप में हुई है, जो मूल रूप से गांव जटान खानपुर, जिला मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) का निवासी है और वर्तमान में दिल्ली की जगदम्बा कॉलोनी में रह रहा था। पुलिस ने आरोपी को माननीय अदालत से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, ताकि चोरी से जुड़े अन्य मामलों की भी गहन जांच की जा सके।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब शहर में बढ़ती वाहन चोरी की घटनाओं को लेकर आमजन में चिंता बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की सख्त और निरंतर कार्रवाई का उद्देश्य न केवल चोरी की घटनाओं का खुलासा करना है, बल्कि संगठित अपराध और आदतन अपराधियों पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
कैसे सामने आया मामला
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, जीवन नगर, फरीदाबाद निवासी नेतराम ने थाना सेंट्रल में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उन्होंने अपनी ईको गाड़ी को सेक्टर-12 स्थित तहसील के बाहर खड़ा किया था। कुछ समय बाद जब वे वापस लौटे, तो वाहन वहां से गायब मिला। आसपास तलाश करने और परिचितों से पूछताछ के बाद भी जब वाहन का कोई सुराग नहीं मिला, तो पीड़ित ने पुलिस से संपर्क किया।
शिकायत के आधार पर थाना सेंट्रल में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया और जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मामला साधारण चोरी का नहीं, बल्कि एक संगठित और पेशेवर अपराध से जुड़ा हो सकता है। इसके बाद जांच का जिम्मा अपराध शाखा AVTS को सौंपा गया।
अपराध शाखा AVTS की भूमिका
अपराध शाखा AVTS (Anti Vehicle Theft Squad) विशेष रूप से वाहन चोरी और उससे जुड़े अपराधों की जांच के लिए गठित की गई है। इस इकाई के पास तकनीकी संसाधन, डेटा विश्लेषण की सुविधा और फील्ड स्तर पर काम करने का अनुभव है।
टीम ने सबसे पहले घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही पुराने मामलों के पैटर्न, चोरी के समय और स्थान, तथा संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान कुछ अहम सुराग हाथ लगे, जिनके आधार पर पुलिस को आरोपी तक पहुंचने में मदद मिली।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को पहले से ही विभिन्न आपराधिक मामलों में नामजद किया जा चुका था। इस कारण उसकी गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जा रही थी। उपलब्ध साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और अदालत में पेश किया।
आदतन अपराधी होने की पुष्टि
पूछताछ और रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी संजय एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पहले भी वाहन चोरी और अवैध हथियार रखने से संबंधित कुल 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में अलग-अलग थानों में केस दर्ज हैं, जिनमें चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य संबंधित धाराएं शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से वाहन चोरी की वारदातों में संलिप्त रहा है और अलग-अलग शहरों में सक्रिय रहा है। बार-बार अपराध में लिप्त पाए जाने के कारण पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।
तीन दिन का पुलिस रिमांड क्यों जरूरी
अदालत से तीन दिन का पुलिस रिमांड मिलने के बाद अब आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:
चोरी की गई ईको गाड़ी की बरामदगी
आरोपी के अन्य साथियों की पहचान
पहले दर्ज मामलों से जुड़े लंबित खुलासे
चोरी के वाहनों की बिक्री या ठिकाने लगाने के नेटवर्क की जानकारी
यह पता लगाना कि आरोपी किन-किन इलाकों में सक्रिय था
पुलिस का मानना है कि रिमांड के दौरान आरोपी से महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं, जिससे अन्य लंबित मामलों को भी सुलझाने में मदद मिलेगी।
वाहन चोरी: एक गंभीर सामाजिक समस्या
शहरों में वाहन चोरी केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इससे आम नागरिकों की सुरक्षा और भरोसे पर भी असर पड़ता है। कई मामलों में चोरी किए गए वाहन अन्य आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाते हैं, जिससे अपराध की श्रृंखला और बढ़ जाती है।
फरीदाबाद पुलिस का कहना है कि वाहन चोरी रोकने के लिए तकनीकी उपायों के साथ-साथ नागरिकों की जागरूकता भी जरूरी है। वाहन मालिकों को चाहिए कि वे:
वाहन हमेशा सुरक्षित और रोशनी वाले स्थान पर पार्क करें
स्टीयरिंग लॉक और अतिरिक्त सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग करें
संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें
वाहन के दस्तावेज सुरक्षित रखें और डिजिटल रिकॉर्ड भी बनाकर रखें
पुलिस की अपील और आगे की कार्रवाई
फरीदाबाद पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे पुलिस के साथ सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी थाना या हेल्पलाइन नंबर पर दें। पुलिस का कहना है कि शहर को सुरक्षित बनाने के लिए नागरिकों की भागीदारी बेहद जरूरी है।
अपराध शाखा AVTS की यह कार्रवाई वाहन चोरों के खिलाफ एक स्पष्ट संदेश है कि कानून से बचना आसान नहीं है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और आदतन अपराधियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
निष्कर्ष
थाना सेंट्रल क्षेत्र में दर्ज वाहन चोरी के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी और तीन दिन के पुलिस रिमांड से यह साफ है कि फरीदाबाद पुलिस अपराध नियंत्रण को लेकर गंभीर और सक्रिय है। आदतन अपराधी के खिलाफ की गई यह कार्रवाई न केवल एक मामले के खुलासे तक सीमित है, बल्कि इससे शहर में वाहन चोरी की अन्य घटनाओं पर भी प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
पुलिस की सतर्कता, तकनीकी जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए सभी स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।

