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संवाददाता – Divyanshu Ojha (Journalist)

फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित होने जा रहे 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट मेला–2026 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इसी क्रम में हरियाणा के पर्यटन मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने शुक्रवार को मेला परिसर में पहुंचकर तैयारियों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने स्थल का निरीक्षण भी किया और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इस दौरान पर्यटन मंत्री ने कहा कि सूरजकुंड मेला विभिन्न राज्यों और देशों की पारंपरिक कलाओं, शिल्प और संस्कृतियों को एक मंच पर लाने वाला आयोजन है। इसे लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी है कि आगंतुकों, शिल्पकारों और कलाकारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और आयोजन व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।


समीक्षा बैठक में तैयारियों पर विस्तार से चर्चा

समीक्षा बैठक के दौरान मेला आयोजन से जुड़े विभिन्न विभागों द्वारा अब तक की गई तैयारियों की जानकारी साझा की गई। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि मेला केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि एक ऐसा आयोजन है जिसमें बड़ी संख्या में पर्यटक, कलाकार और शिल्पकार शामिल होते हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यवस्था का समय पर और समन्वित ढंग से पूरा होना आवश्यक है।

पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी कार्य तय समय-सीमा में पूरे किए जाएं और किसी भी स्तर पर जल्दबाजी या लापरवाही न हो। उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं को कागजों तक सीमित न रखकर उनका ज़मीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन किया जाना चाहिए।


मेला परिसर का निरीक्षण, व्यवस्थाओं का जायजा

समीक्षा बैठक के बाद पर्यटन मंत्री ने मेला परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिल्पकारों के लिए बनाए गए पवेलियन, स्टॉलों की संरचना और उनके आसपास की व्यवस्थाओं को देखा। इसके साथ ही—

  • प्रवेश और निकास द्वार

  • पार्किंग व्यवस्था

  • सुरक्षा प्रबंध

  • यातायात नियंत्रण

  • स्वच्छता और कचरा प्रबंधन

जैसे बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मेला शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाओं की दोबारा जांच की जाए, ताकि किसी प्रकार की तकनीकी या व्यवस्थागत कमी न रह जाए।


बुनियादी सुविधाओं पर विशेष फोकस

पर्यटन मंत्री ने मेला परिसर में उपलब्ध कराई जाने वाली बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि आगंतुकों की सुविधा सर्वोपरि है। उन्होंने पेयजल, बिजली आपूर्ति, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाओं और अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि—

  • पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो

  • शौचालयों की नियमित सफाई की जाए

  • स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मेडिकल टीम और एंबुलेंस तैनात रहें

  • बिजली आपूर्ति में किसी प्रकार का व्यवधान न आए

इन सभी बिंदुओं पर विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के लिए कहा गया।


कलाकारों और शिल्पकारों की सुविधाओं पर चर्चा

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि मेले में भाग लेने वाले देशी-विदेशी कलाकारों और शिल्पकारों के ठहराव, भोजन और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि—

  • आवास व्यवस्था समय पर सुनिश्चित हो

  • भोजन की गुणवत्ता और समयबद्धता बनी रहे

  • कलाकारों और शिल्पकारों को किसी प्रकार की प्रशासनिक परेशानी न हो

इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा, मंच व्यवस्था और कार्यक्रमों के समय निर्धारण को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।


सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर जोर

सूरजकुंड मेला बड़ी संख्या में आगंतुकों को आकर्षित करता है। इसे ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी समीक्षा की गई। पर्यटन मंत्री ने कहा कि—

  • भीड़ प्रबंधन की स्पष्ट योजना हो

  • सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था प्रभावी ढंग से काम करे

  • पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए

  • आपातकालीन सेवाएं हर समय उपलब्ध रहें

उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की चूक न हो, ताकि मेला शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सके।


प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति

इस अवसर पर हरियाणा पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव अमित कुमार अग्रवाल, हरियाणा पर्यटन निगम के प्रबंध निदेशक पार्थ गुप्ता, पुलिस आयुक्त फरीदाबाद सतेंद्र कुमार गुप्ता, उपायुक्त फरीदाबाद विक्रम सिंह सहित जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग, पुलिस विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने मेला तैयारियों की प्रगति से संबंधित जानकारी साझा की और बताया कि अधिकांश कार्य अंतिम चरण में हैं। साथ ही यह आश्वासन भी दिया गया कि शेष कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरे कर लिए जाएंगे।


सूरजकुंड मेला और सांस्कृतिक विविधता

सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट मेला विभिन्न राज्यों और देशों की सांस्कृतिक विविधता को एक मंच पर प्रस्तुत करता है। यहां हस्तशिल्प, लोक कला, पारंपरिक व्यंजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से विभिन्न संस्कृतियों की झलक देखने को मिलती है।

यह आयोजन न केवल कलाकारों और शिल्पकारों के लिए एक अवसर प्रदान करता है, बल्कि आगंतुकों को भी विभिन्न परंपराओं और कलाओं को करीब से देखने का मौका देता है।


समयबद्ध तैयारी पर जोर

समीक्षा के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि मेला शुरू होने से पहले सभी विभाग अपने-अपने कार्यों की समीक्षा कर लें। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत आपसी समन्वय से समाधान किया जाए, ताकि आयोजन के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।


निष्कर्ष

39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट मेला–2026 को लेकर की गई यह समीक्षा बैठक और निरीक्षण प्रशासन की तैयारियों का आकलन करने का अवसर रहा। बैठक में दिए गए निर्देशों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मेला सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल में संपन्न हो। यदि सभी विभाग आपसी समन्वय और समयबद्धता के साथ कार्य करते हैं, तो यह आयोजन आगंतुकों और शिल्पकारों के लिए एक सकारात्मक अनुभव बन सकता है।

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