फरीदाबाद में साइबर ठगी के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में प्रीपेड टेलीग्राम टास्क के नाम पर 2,79,000 रुपये की ठगी के एक मामले में साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने खाताधारक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर की जाने वाली ठगी की उस श्रृंखला को उजागर करता है, जिसमें आम नागरिकों को आसान कमाई का लालच देकर आर्थिक नुकसान पहुंचाया जाता है।
पुलिस के अनुसार, यह ठगी एक सुनियोजित तरीके से की गई थी, जिसमें सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने तीन युवकों को राजस्थान के झुंझुनू जिले से गिरफ्तार किया है।
क्या है पूरा मामला
पुलिस प्रवक्ता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सेक्टर-7 फरीदाबाद निवासी एक महिला ने साइबर थाना बल्लभगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 10 फरवरी 2025 को उसके व्हाट्सएप नंबर पर एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा संदेश भेजा गया। इस संदेश में महिला को पार्ट-टाइम जॉब का आकर्षक ऑफर दिया गया था।
शुरुआत में काम को बेहद आसान बताया गया। महिला को एक लिंक भेजकर कहा गया कि उसे कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर 5-स्टार रेटिंग देनी है। इस प्रक्रिया के बाद महिला को एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया गया, जहां उसे प्रीपेड टेलीग्राम टास्क से जुड़ी जानकारी दी गई।
धीरे-धीरे बढ़ता गया निवेश का दबाव
शिकायतकर्ता के अनुसार, शुरुआत में छोटी राशि निवेश करने को कहा गया, जिससे उसे यह विश्वास दिलाया गया कि काम सही और सुरक्षित है। इसके बाद अलग-अलग टास्क के नाम पर उससे कई चरणों में पैसे जमा कराए गए।
इन लेन-देन के दौरान ठगों ने भरोसा दिलाया कि निवेश की गई राशि के साथ-साथ मुनाफा भी जल्द ही खाते में वापस आ जाएगा। लेकिन जब महिला ने कुल मिलाकर 2,79,000 रुपये जमा कर दिए, तो इसके बाद—
न तो कोई भुगतान वापस मिला
न ही टेलीग्राम ग्रुप या संपर्क नंबर से संतोषजनक जवाब मिला
जब महिला को ठगी का एहसास हुआ, तो उसने तुरंत साइबर थाना बल्लभगढ़ में शिकायत दर्ज कराई।
मामला दर्ज होते ही शुरू हुई जांच
शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना बल्लभगढ़ में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की, जिसमें—
बैंक ट्रांजेक्शन की जांच
खातों की जानकारी
डिजिटल साक्ष्य
मोबाइल और सोशल मीडिया गतिविधियां
जैसे बिंदुओं पर काम किया गया।
जांच के दौरान पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खाते और उनसे जुड़े लोगों की पहचान संभव हो सकी।
झुंझुनू से तीन आरोपी गिरफ्तार
तकनीकी साक्ष्यों और बैंक विवरणों के आधार पर पुलिस टीम राजस्थान के झुंझुनू जिले तक पहुंची। वहां से तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान—
समेश (20 वर्ष)
अवदेश (21 वर्ष)
हिमांशु (19 वर्ष)
के रूप में हुई है। तीनों आरोपी राजस्थान के झुंझुनू जिले के निवासी बताए गए हैं।
खाताधारक से आगे कैसे पहुंचा पैसा
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि—
आरोपी समेश इस मामले में खाताधारक है
समेश ने अपना बैंक खाता अवदेश को दिया
अवदेश ने वही खाता आगे हिमांशु को उपलब्ध कराया
इस खाते में ठगी की राशि में से 1,16,400 रुपये ट्रांसफर हुए थे। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि शेष राशि किन खातों में भेजी गई और क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं।
आरोपियों की शैक्षणिक पृष्ठभूमि
पूछताछ में यह भी सामने आया कि—
समेश और अवदेश 12वीं पास हैं
हिमांशु बी.ए. की पढ़ाई कर रहा है
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने यह कार्य किसी बड़े साइबर ठगी गिरोह के निर्देश पर किया या यह उनका स्वयं का नेटवर्क था।
न्यायालय में पेशी, अलग-अलग कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेशानुसार—
आरोपी समेश को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया
आरोपी अवदेश और हिमांशु को 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से—
अन्य बैंक खातों की जानकारी
टेलीग्राम ग्रुप और संपर्कों का विवरण
ठगी से जुड़े अन्य मामलों
के बारे में पूछताछ की जा रही है।
टेलीग्राम टास्क ठगी: कैसे बनते हैं लोग शिकार
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, प्रीपेड टेलीग्राम टास्क ठगी में आमतौर पर—
आसान कमाई का लालच
कम समय में ज्यादा मुनाफे का वादा
सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल
किया जाता है। शुरुआत में छोटी राशि वापस कर भरोसा जीत लिया जाता है और फिर बड़ी रकम निवेश करवाकर संपर्क तोड़ दिया जाता है।
आम नागरिकों के लिए पुलिस की सलाह
फरीदाबाद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि—
अनजान नंबर से आए जॉब ऑफर पर तुरंत भरोसा न करें
किसी भी ऑनलाइन टास्क में पैसे निवेश करने से पहले सत्यापन करें
बैंक खाता या ओटीपी किसी को न दें
ठगी की आशंका होने पर तुरंत साइबर थाना या 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं
समय पर शिकायत करने से राशि रिकवर होने की संभावना बढ़ जाती है।
साइबर अपराध पर लगातार कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, साइबर अपराध के मामलों में तकनीक की मदद से लगातार कार्रवाई की जा रही है। बैंकिंग ट्रेल, डिजिटल फुटप्रिंट और अंतरराज्यीय समन्वय के माध्यम से आरोपियों तक पहुंचा जा रहा है। हालांकि, आमजन की सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है।
निष्कर्ष
प्रीपेड टेलीग्राम टास्क के नाम पर 2,79,000 रुपये की ठगी के इस मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी से एक बार फिर यह स्पष्ट हुआ है कि साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। यह मामला आम नागरिकों के लिए चेतावनी भी है कि ऑनलाइन कमाई के लुभावने ऑफर से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूरी है। पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ नागरिकों की जागरूकता ही साइबर अपराध पर प्रभावी रोक लगा सकती है।

