Author: Divyanshu Ojha (Journalist)

जनता से सीधे जुड़ने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री हैं नरेंद्र मोदी – राजेश नागर

हरियाणा सरकार के मंत्री राजेश नागर ने स्वजनों के साथ सुनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात फरीदाबाद |…

फर्स्टक्राई इंटेलिटॉट्स, सेक्टर 83 में तीज महोत्सव का रंगारंग आयोजन, माताएं और नन्हें सितारे छाए रहे

फरीदाबाद। सेक्टर 83 स्थित FirstCry Intellitots Preschool में शनिवार, 27 जुलाई को पारंपरिक उल्लास और आधुनिक उत्साह का संगम देखने…

तीज त्यौहार हमारे देश के परंपरागत एवं संस्कृति की धरोहर: सुषमा गुप्ता

फरीदाबाद , जुलाई । शहर में हरियाली तीज उत्सव की धूम रही। विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा रविवार को उत्सव का…

मूलचंद शर्मा ने सेक्टर 2 कार्यालय पर मन की बात कार्यक्रम का 124 वा एपिसोड सुना

बल्लभगढ़ । विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा ने सेक्टर 2 कार्यालय पर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी…

मुफ्त फैटी लीवर व हेपेटाइटिस स्क्रीनिंग कैंप में 300 लोगों ने कराई जांच

फरीदाबाद,  जुलाई। ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-86 स्थित एकॉर्ड अस्पताल में रविवार को फैटी लीवर और हेपेटाइटिस को लेकर मुफ्त स्वास्थ्य…

मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज में एक विशेष सत्र का आयोजन 

फरीदाबाद| मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज (MRIIRS) ने अपने दीक्षारंभ 2025 ओरिएंटेशन प्रोग्राम के अंतर्गत एक विशेष सत्र का आयोजन किया, जिसमें अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) टी. जी. सीतारम ने नवागंतुक विद्यार्थियों को संबोधित किया। यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना के अनुरूप मूल्य-आधारित और भविष्योन्मुखी शिक्षा की नींव रखने हेतु आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रो. सीतारम ने भारत में उच्च शिक्षा की दिशा और विकास पर महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। उन्होंने कहा, “स्वतंत्रता के समय भारत में उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात (Gross Enrolment Ratio – GER) मात्र 1% था। आज यह बढ़कर 29% तक पहुंच चुका है, जिसमें 4.5 करोड़ से अधिक विद्यार्थी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में नामांकित हैं। अगले 10 वर्षों में यह आंकड़ा 9 करोड़ तक पहुंच जाएगा।” उन्होंने बताया कि यह विस्तार केवल आकार में नहीं, बल्कि शिक्षा तक पहुंच, संरचनात्मक सहजता और उद्देश्य की स्पष्टता में भी एक बड़े बदलाव को दर्शाता है। प्रो. सीतारम ने एआईसीटीई और शिक्षा मंत्रालय की प्रमुख पहलों की जानकारी भी दी, जिनमें अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट और एक विशेष एपीएआर आईडी शामिल है, जो बालवाटिका से पीएचडी तक प्रत्येक विद्यार्थी को प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया, “नेशनल इंटर्नशिप पोर्टल पर 75,000 से अधिक कंपनियां उपलब्ध हैं, जिसमें 2 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं। इसके अलावा NEAT जैसे प्लेटफॉर्म्स पर 480 से अधिक स्किल कोर्सेस उपलब्ध हैं।” उन्होंने एआईसीटीई करियर पोर्टल का भी उल्लेख किया, जो विद्यार्थियों को 7 लाख से अधिक नियोक्ताओं से जोड़ता है। साथ ही उन्होंने छात्रों को प्रोडक्टाइजेशन फेलोशिप का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया, जिसके अंतर्गत एक वर्ष तक ₹37,000 से ₹40,000 प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे विद्यार्थी अपने उत्पादों को विकसित और लॉन्च कर सकें। इस वर्ष के ओरिएंटेशन में शैक्षणिक सत्र 2025–26 के लिए आरंभ किए गए अनेक नवाचारपूर्ण कोर्सेस और वैश्विक साझेदारियों को भी प्रस्तुत किया गया। इनमें बी.टेक (ऑनर्स) इन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विद स्पेशलाइज़ेशन इन सेमीकंडक्टर डिज़ाइन और डिफेंस टेक्नोलॉजी, बी.कॉम (ऑनर्स) इन फिनटेक इन कोलैबोरेशन विद डेलॉइट और ज़ेल एजुकेशन, तथा एमबीए इन बिज़नेस इंटेलिजेंस एंड एनालिटिक्स विद एसएएस जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। विश्वविद्यालय ने एम.ए./एम.फिल इन क्लिनिकल साइकोलॉजी और पर्ड्यू यूनिवर्सिटी नॉर्थवेस्ट, क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी लंदन, केज बिजनेस स्कूल (फ्रांस) और एचटीएमआई स्विट्ज़रलैंड जैसे संस्थानों के साथ अंतरराष्ट्रीय डुअल-डिग्री व पाथवे कार्यक्रम भी आरंभ किए हैं। डॉ. प्रशांत भल्ला, अध्यक्ष, एमआरईआई ने कहा, “यह विद्यार्थियों के लिए उनके शैक्षणिक जीवन की एक निर्णायक शुरुआत है। मानव रचना में हमारा उद्देश्य उन्हें मजबूत शैक्षणिक आधार देने के साथ-साथ उन्हें परिवर्तन के दौर को आत्मविश्वास से अपनाने का दृष्टिकोण भी प्रदान करना है।” डॉ. अमित भल्ला, उपाध्यक्ष, एमआरईआई ने कहा, “हम इस बात के लिए प्रतिबद्ध हैं कि विद्यार्थी सिर्फ अकादमिक रूप से नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र के लिए तैयार हों। हमारी शैक्षणिक सोच में ज्ञान, नवाचार, मूल्यों और जीवन-कौशल का समावेश है, जो विद्यार्थियों को भविष्य के लिए सक्षम बनाता है।” डॉ. संजय श्रीवास्तव, कुलपति, एमआरआईआईआरएस ने कहा, “हम अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद की दृष्टि के साथ पूर्ण रूप से समन्वित हैं और अपनी सभी शैक्षणिक धाराओं में उत्कृष्टता के लिए प्रयासरत हैं। हमारे प्रयास उच्च प्रत्यायन, वैश्विक सहयोग और विद्यार्थियों को आज के समय के अनुरूप कौशल व मूल्य प्रदान करने पर केंद्रित हैं।” प्रो. सीतारम ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे पारंपरिक पढ़ाई की सीमाओं से आगे बढ़कर शिक्षा को एक परिवर्तनकारी अनुभव के रूप में अपनाएं। उन्होंने कहा, “आप अगले चार वर्षों में कक्षा के बाहर जो कुछ भी सीखते हैं, वही आपकी सफलता को परिभाषित करेगा। दीक्षारंभ केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, यह ज्ञान, नवाचार और राष्ट्रनिर्माण की कालातीत यात्रा की आत्मिक शुरुआत है।” उन्होंने यह भी कहा कि आज के बदलते दौर में केवल डिग्री नहीं, बल्कि कौशल, मूल्य और अनुकूलन क्षमता ही भविष्य की पहचान बनती जा रही है।

बीपीटीपी जिला-1 (ब्लॉक-ए, बी और सी), सेक्टर-81 के निवासियों ने बीपीटीपी बिल्डर के खिलाफ किया प्रर्दशन, लगाया जाम

फरीदाबाद | बीपीटीपी जिला-1 (ब्लॉक-ए, बी और सी), सेक्टर-81, फरीदाबाद के लगभग 50 परिवारों ने बीपीटीपी बिल्डर के खिलाफ बीपीटीपी…

केंद्र एवं राज्य सरकार जल जीवन मिशन के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक ग्रामीण और शहरी घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध: कृष्ण पाल गुर्जर

– केन्द्रीय राज्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर किया नि:शुल्क टैंकर जल सेवा का किया शुभारंभ फरीदाबाद, 26 जुलाई। आज शनिवार…

फरीदाबाद एनसीबी ने नूह से दो नशा तस्कर किए गिरफ्तार, रू0 2 लाख मूल्य की 49.09 ग्राम हेरोइन बरामद

–    आरोपियों के खिलाफ थाना सदर तावडू, जिला नूह में एन.डी.पी.एस. अधिनियम की संबंधित धाराओं के अंतर्गत मुकदमा किया दर्ज। नूह/फरीदाबाद, 25 जुलाई 2025 |  हरियाणा में नशा तस्करों…

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