vds

संवाददाता – Divyanshu Ojha (Journalist)

फरीदाबाद में क्रेडिट कार्ड से जुड़ी साइबर ठगी के मामलों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस द्वारा लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में साइबर थाना सेंट्रल फरीदाबाद की टीम ने क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर 73,664 रुपये की ठगी के एक मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस प्रकरण में दो कॉलर सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

यह मामला इस बात की ओर इशारा करता है कि साइबर अपराधी किस तरह बैंक अधिकारी बनकर आम नागरिकों को फोन करते हैं, भरोसा जीतते हैं और फिर फर्जी लिंक के जरिए कार्ड-डिटेल्स हासिल कर ठगी को अंजाम देते हैं।


अनजान कॉल से शुरू हुआ ठगी का सिलसिला

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, रोशन नगर निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना सेंट्रल में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि 27 नवंबर 2025 को उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को DBS बैंक के क्रेडिट कार्ड विभाग से जुड़ा कर्मचारी बताया और उसके कार्ड की लिमिट तीन लाख रुपये तक बढ़ाने का भरोसा दिलाया।

कॉलर ने बातचीत के दौरान पेशेवर भाषा का इस्तेमाल किया, जिससे शिकायतकर्ता को कॉल के वास्तविक होने का आभास हुआ। इस तरह का भरोसा पैदा करना साइबर ठगों की सामान्य रणनीति मानी जाती है।


व्हाट्सएप लिंक और कार्ड-डिटेल्स

कॉलर की बातों में आकर शिकायतकर्ता ने लिमिट बढ़ाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी मांगी। इसके बाद कथित कर्मचारी ने शिकायतकर्ता के व्हाट्सएप नंबर पर एक लिंक भेजा। लिंक को खोलने पर एक ऐसा पेज दिखाई दिया, जो देखने में बैंक से संबंधित प्रतीत हो रहा था।

शिकायतकर्ता ने लिंक पर मांगी गई क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारियां भर दीं। इसके कुछ ही समय बाद उसके क्रेडिट कार्ड से 73,664 रुपये की राशि कट गई। जब शिकायतकर्ता को इस कटौती का संदेश मिला, तब उसे ठगी का अंदेशा हुआ।


शिकायत के बाद शुरू हुई पुलिस जांच

पीड़ित ने तुरंत साइबर थाना सेंट्रल में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। बैंक ट्रांजैक्शन, कॉल-डिटेल रिकॉर्ड्स और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया।

जांच के दौरान सामने आया कि ठगी की योजना संगठित तरीके से बनाई गई थी, जिसमें अलग-अलग भूमिकाएं तय थीं—कुछ आरोपी कॉल करते थे, जबकि अन्य डाटा, सिम और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराते थे।


चार आरोपी गिरफ्तार

तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने दिल्ली से साहिल (23), रजनी (काल्पनिक नाम) (21), अर्जुन (21) और अमन (25) को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, इनमें से दो आरोपी कॉलर की भूमिका में थे, जबकि दो अन्य लॉजिस्टिक और तकनीकी सहयोग प्रदान कर रहे थे।


पूछताछ में सामने आए अहम तथ्य

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी साहिल और अमन ने पालम विहार, दिल्ली में एक होटल का कमरा किराए पर ले रखा था। इसी कमरे से बैठकर अर्जुन और रजनी पीड़ितों को कॉल किया करते थे। साहिल और अमन द्वारा कॉलिंग के लिए सिम कार्ड और डाटा उपलब्ध कराया जाता था।

पुलिस के अनुसार:

  • साहिल 12वीं पास है

  • अर्जुन 9वीं पास है

  • अमन 10वीं पास है

  • रजनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही है

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या ये आरोपी अन्य मामलों में भी इसी तरीके से ठगी में शामिल रहे हैं।


न्यायालय में पेशी और रिमांड

गिरफ्तारी के बाद साहिल, अर्जुन और अमन को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि:

  • इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं

  • कितने पीड़ितों को निशाना बनाया गया

  • ठगी की रकम आगे किन खातों में भेजी गई


क्रेडिट कार्ड लिमिट ठगी का सामान्य तरीका

साइबर पुलिस अधिकारियों के अनुसार, क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर होने वाली ठगी में आमतौर पर:

  • बैंक कर्मचारी बनकर कॉल की जाती है

  • लिमिट बढ़ाने का लालच दिया जाता है

  • व्हाट्सएप या एसएमएस से फर्जी लिंक भेजे जाते हैं

  • लिंक पर कार्ड-डिटेल्स भरवाकर पैसे निकाल लिए जाते हैं

किसी भी बैंक द्वारा इस तरह की प्रक्रिया फोन कॉल या अनजान लिंक से पूरी नहीं की जाती।


पुलिस की आमजन से अपील

फरीदाबाद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि:

  • क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के लिए आने वाली अनजान कॉल पर भरोसा न करें

  • किसी भी लिंक पर कार्ड-डिटेल्स, CVV या OTP न भरें

  • बैंक से संबंधित कार्यों के लिए केवल आधिकारिक ऐप या शाखा का ही उपयोग करें

  • संदेह होने पर तुरंत साइबर पुलिस से संपर्क करें

साइबर ठगी की शिकायत के लिए:

  • नजदीकी साइबर थाना

  • राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930

  • या cybercrime.gov.in का उपयोग करें


समाज के लिए चेतावनी

विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर ठग तकनीकी जानकारी से ज्यादा मानसिक दबाव और भरोसे का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए किसी भी स्थिति में जल्दबाज़ी में निर्णय न लें और बैंक से जुड़े मामलों में स्वयं आधिकारिक माध्यम से पुष्टि करें।


निष्कर्ष

क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर हुई यह ठगी एक गंभीर चेतावनी है कि साइबर अपराधी अब आम बैंकिंग सेवाओं को निशाना बना रहे हैं। साइबर थाना सेंट्रल की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि पुलिस ऐसे मामलों में सक्रिय और सतर्क है। फिर भी, साइबर अपराध से बचाव के लिए नागरिकों की जागरूकता और सावधानी सबसे बड़ा बचाव है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About Us

फरीदाबाद दर्शन एक स्वतंत्र हिंदी समाचार पोर्टल है, जो फरीदाबाद व आसपास के क्षेत्रों की ताज़ा, सत्य और निष्पक्ष खबरें पाठकों तक पहुँचाता है। हमारा उद्देश्य स्थानीय समाचारों को विश्वसनीय और जिम्मेदार तरीके से प्रस्तुत करना है।

Contact

📍 Faridabad, Haryana
📧 Email: dishuojha707@gmail.com
📞 Phone: +91 9891990785, +91 9540702609

© 2026 Faridabad Darshan — All Copyrights Reserved
Made with ❤️ by Divyanshu Ojha (Journalist)