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फरीदाबाद नगर निगम ने शहर की डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक अहम प्रशासनिक कदम उठाया है। नगर निगम आयुक्त के निर्देशानुसार अब सभी निजी डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन वेंडरों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। निगम ने इसके लिए 7 दिनों की समय-सीमा तय की है, जिसके भीतर रजिस्ट्रेशन न कराने वाले वेंडरों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस संबंध में नगर निगम के स्पेशल ऑफिसर (स्वच्छता) एवं जॉइंट कमिश्नर एशवीर सिंह ने विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने और आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 की तैयारियों के तहत लिया गया है।


सभी वार्डों में कार्यरत वेंडरों का पंजीकरण अनिवार्य

नगर निगम फरीदाबाद के अनुसार, वर्तमान में शहर के लगभग सभी वार्डों में निजी वेंडर घर-घर जाकर कचरा संग्रहण का कार्य कर रहे हैं। ये वेंडर नगर निगम की स्वच्छता व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन अब तक इनका कोई एकीकृत और सत्यापित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था।

इस कमी को दूर करने के लिए निगम ने यह निर्णय लिया है कि सभी वेंडरों का वार्ड-वार डेटाबेस तैयार किया जाए। इससे न केवल उनकी पहचान और कार्यक्षेत्र स्पष्ट होगा, बल्कि निगरानी, योजना निर्माण और शिकायत निवारण की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी हो सकेगी।


7 दिनों की समय-सीमा, इसके बाद होगी कार्रवाई

नगर निगम ने साफ शब्दों में कहा है कि सभी निजी डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वेंडरों को 7 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा। यह समय-सीमा सूचना जारी होने की तिथि से लागू मानी जाएगी।

यदि कोई वेंडर तय अवधि में रजिस्ट्रेशन नहीं कराता है, तो उसके खिलाफ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में—

  • आर्थिक जुर्माना

  • कार्य से हटाने जैसी प्रशासनिक कार्रवाई

  • भविष्य में निगम से संबंधित कार्यों पर प्रतिबंध

जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।


नगर निगम आयुक्त के निर्देशों पर हो रहा है क्रियान्वयन

जॉइंट कमिश्नर एशवीर सिंह ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा के दिशा-निर्देशों पर अमल में लाई जा रही है। निगम का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को नियमबद्ध और पारदर्शी बनाना है।

उन्होंने कहा कि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण प्रणाली तभी प्रभावी हो सकती है, जब इसमें शामिल सभी व्यक्ति और एजेंसियां निगम के रिकॉर्ड में दर्ज हों और उनके कार्य की निगरानी संभव हो।


स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, आने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 में शहर की रैंकिंग काफी हद तक कचरा प्रबंधन और डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन की गुणवत्ता पर निर्भर करेगी। ऐसे में यह जरूरी हो गया है कि—

  • कितने वेंडर कार्यरत हैं

  • वे किन-किन क्षेत्रों में काम कर रहे हैं

  • उनकी जिम्मेदारियां क्या हैं

इन सभी बिंदुओं पर निगम के पास स्पष्ट और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध हो।

वार्ड-वार डेटाबेस से यह भी सुनिश्चित किया जा सकेगा कि किसी क्षेत्र में कचरा संग्रहण की अनदेखी तो नहीं हो रही और कहीं दोहराव या अव्यवस्था तो नहीं है।


गूगल फॉर्म के माध्यम से होगा रजिस्ट्रेशन

इस प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने के लिए नगर निगम ने ऑनलाइन गूगल रजिस्ट्रेशन फॉर्म जारी किया है। सभी निजी डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वेंडरों को इसी फॉर्म के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करनी होगी।

फॉर्म में सामान्य रूप से निम्न जानकारी मांगी जा रही है—

  • वेंडर का नाम

  • संपर्क नंबर

  • कार्यरत वार्ड / क्षेत्र

  • पहचान से जुड़ी बुनियादी जानकारी

  • कचरा संग्रहण से संबंधित विवरण

नगर निगम का कहना है कि यह जानकारी केवल प्रशासनिक और स्वच्छता प्रबंधन उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाएगी।


वार्ड पार्षदों से भी सहयोग की अपील

नगर निगम ने सभी वार्ड पार्षदों से भी अपील की है कि वे अपने-अपने वार्ड में कार्यरत सभी निजी कचरा संग्रहण वेंडरों को इस रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की जानकारी दें और फॉर्म भरवाना सुनिश्चित करें

पार्षदों की भूमिका इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि वे अपने वार्ड की जमीनी स्थिति से भली-भांति परिचित होते हैं और यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि कोई भी वेंडर पंजीकरण से वंचित न रह जाए।


ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के तहत कार्रवाई

नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि पंजीकरण न कराने वाले वेंडरों के खिलाफ Solid Waste Management Rules, 2016 के तहत कार्रवाई की जाएगी। ये नियम शहरी क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन को वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से संचालित करने के लिए बनाए गए हैं।

इन नियमों के तहत—

  • बिना अनुमति या पंजीकरण के कचरा संग्रहण

  • नियमों की अनदेखी

  • स्वच्छता व्यवस्था में बाधा

जैसी स्थितियों में प्रशासन को सख्त कार्रवाई का अधिकार है।


क्यों जरूरी है वेंडरों का पंजीकरण

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, वेंडरों के पंजीकरण से कई प्रशासनिक और व्यावहारिक लाभ होंगे, जैसे—

  • स्वच्छता व्यवस्था में जवाबदेही तय होगी

  • शिकायत मिलने पर संबंधित वेंडर की पहचान आसान होगी

  • कचरा संग्रहण की गुणवत्ता में सुधार संभव होगा

  • भविष्य की योजनाओं और सर्वेक्षण में सटीक डेटा उपलब्ध रहेगा

इसके अलावा, पंजीकृत वेंडरों को भविष्य में निगम की योजनाओं, प्रशिक्षण और संसाधनों से जोड़ना भी आसान हो सकेगा।


निगम ने बताया विषय को अत्यंत आवश्यक

नगर निगम फरीदाबाद ने इस विषय को अत्यंत आवश्यक बताते हुए सभी संबंधित वेंडरों, पार्षदों और अधिकारियों से तुरंत अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की है। निगम का कहना है कि समय पर रजिस्ट्रेशन से न केवल वेंडरों को कानूनी परेशानी से बचाया जा सकता है, बल्कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।


वेंडरों के लिए पंजीकरण लिंक

नगर निगम द्वारा जारी किया गया आधिकारिक गूगल रजिस्ट्रेशन लिंक निम्नलिखित है, जिसके माध्यम से वेंडर अपना पंजीकरण करा सकते हैं:

पंजीकरण लिंक:
https://forms.gle/vgrzkx5jCatqVVJb8

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