फरीदाबाद | 2 फरवरी 2026
फरीदाबाद के खेल जगत के लिए यह गर्व का विषय है कि शोटोकन कराटे-डो एसोसिएशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में गोवा के मापुसा शहर में आयोजित 10वीं इंटरनेशनल कराटे चैम्पियनशिप 2026 में बल्लभगढ़ स्थित आरटूएफ मार्शल आर्ट एकेडमी के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शानदार पदक जीत दर्ज की। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में एकेडमी के खिलाड़ियों ने कुल 10 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल हासिल कर न केवल फरीदाबाद बल्कि पूरे हरियाणा का नाम रोशन किया।
यह प्रतियोगिता विभिन्न देशों और राज्यों से आए अनुभवी तथा उभरते खिलाड़ियों के बीच आयोजित की गई, जहां तकनीक, अनुशासन और मानसिक मजबूती की कड़ी परीक्षा ली गई। ऐसे प्रतिस्पर्धी मंच पर आरटूएफ मार्शल आर्ट एकेडमी के खिलाड़ियों का प्रदर्शन उनके निरंतर अभ्यास, समर्पण और सही मार्गदर्शन का प्रमाण माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर फरीदाबाद के खिलाड़ियों की मजबूत उपस्थिति
10वीं इंटरनेशनल कराटे चैम्पियनशिप 2026 का आयोजन गोवा के मापुसा में किया गया, जहां अलग-अलग आयु वर्ग और वजन श्रेणियों में मुकाबले हुए। प्रतियोगिता में भारत सहित अन्य स्थानों से आए खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिससे प्रतिस्पर्धा का स्तर काफी ऊंचा रहा।
इस चुनौतीपूर्ण माहौल में आरटूएफ मार्शल आर्ट एकेडमी, बल्लभगढ़ के खिलाड़ियों ने आत्मविश्वास के साथ मुकाबले खेले और कई श्रेणियों में स्वर्ण पदक अपने नाम किए। खेल विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह का प्रदर्शन किसी भी खिलाड़ी और एकेडमी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है।
गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतने वाले खिलाड़ी
प्रतियोगिता में आरटूएफ मार्शल आर्ट एकेडमी के जिन खिलाड़ियों ने पदक जीते, उनके नाम इस प्रकार हैं:
वंश सैनी – गोल्ड मेडल
मुदित टिकोरिया – गोल्ड मेडल
स्वाति डागर – गोल्ड मेडल
प्रदीप खरेल – गोल्ड मेडल
कृपा श्रेष्ठ – गोल्ड मेडल
अखिल – गोल्ड मेडल
व्योम – गोल्ड मेडल
सुमित स्वामी – गोल्ड मेडल
गार्गी खत्री – गोल्ड मेडल
परिशा – सिल्वर मेडल
इन खिलाड़ियों ने अपने-अपने मुकाबलों में तकनीकी कौशल, संतुलन और रणनीति का बेहतरीन प्रदर्शन किया। कई मुकाबले बेहद रोमांचक रहे, जहां आखिरी क्षणों तक परिणाम स्पष्ट नहीं था।
वंश सैनी का शानदार और रोमांचक प्रदर्शन
प्रतियोगिता के दौरान वंश सैनी का प्रदर्शन विशेष रूप से सराहा गया। उन्होंने अपने फाइनल मुकाबले में एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को कड़े संघर्ष में हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। मुकाबले के दौरान वंश ने संयम, फुर्ती और सटीक तकनीक का प्रदर्शन किया, जिसे दर्शकों और निर्णायकों ने खूब सराहा।
आरटूएफ मार्शल आर्ट एकेडमी के पदाधिकारियों के अनुसार, वंश सैनी पिछले कई वर्षों से नियमित रूप से कराटे का प्रशिक्षण ले रहे हैं और वह ब्लैक बेल्ट खिलाड़ी हैं। उनकी यह उपलब्धि निरंतर अभ्यास और अनुशासन का परिणाम मानी जा रही है।
शिक्षा और खेल का संतुलन
बताया गया कि वंश सैनी वर्तमान में के.आर. मंगलम विश्वविद्यालय में बी.एससी. एग्रीकल्चर प्रथम वर्ष के छात्र हैं। खेल के साथ-साथ शिक्षा में सक्रिय रहना युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।
कोच और प्रशिक्षकों का मानना है कि पढ़ाई और खेल का संतुलन बनाए रखने से खिलाड़ियों में समय प्रबंधन, आत्मअनुशासन और लक्ष्य के प्रति स्पष्टता विकसित होती है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन में सहायक होती है।
एकेडमी के पदाधिकारियों और कोच की प्रतिक्रिया
आरटूएफ मार्शल आर्ट एकेडमी के जनरल सेक्रेटरी दुष्यंत सैनी और कोच दिवाकर सैनी ने बताया कि इस प्रतियोगिता में एकेडमी के खिलाड़ियों ने बेहतरीन तकनीक और आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि कुल 10 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल हासिल करना एकेडमी के लिए गर्व की बात है।
कोच दिवाकर सैनी ने कहा कि खिलाड़ियों की इस सफलता के पीछे नियमित अभ्यास, सही प्रशिक्षण पद्धति और मानसिक तैयारी की बड़ी भूमिका है। उन्होंने बताया कि हर खिलाड़ी की तैयारी अलग-अलग रणनीति के तहत की गई थी, ताकि प्रतियोगिता के स्तर के अनुरूप प्रदर्शन किया जा सके।
युवाओं की प्रतिभा को निखारने का प्रयास
कोच दिवाकर सैनी ने यह भी कहा कि आरटूएफ मार्शल आर्ट एकेडमी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं में छिपी खेल प्रतिभा को निखारने के लिए लगातार काम कर रही है। एकेडमी का उद्देश्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है।
उनका मानना है कि मार्शल आर्ट जैसे खेल युवाओं को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ मानसिक रूप से भी सशक्त बनाते हैं। इससे उनमें आत्मरक्षा, धैर्य और निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का महत्व
खेल विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों के करियर में अहम भूमिका निभाती हैं। ऐसे मंच पर खेलने से खिलाड़ियों को:
विभिन्न शैलियों और तकनीकों को समझने का अवसर मिलता है
दबाव में प्रदर्शन करने का अनुभव होता है
आत्मविश्वास और खेल समझ में वृद्धि होती है
आरटूएफ मार्शल आर्ट एकेडमी के खिलाड़ियों के लिए यह प्रतियोगिता भविष्य की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी का मजबूत आधार मानी जा रही है।
परिवार और एकेडमी के लिए गर्व का क्षण
पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से उनके परिवारों और प्रशिक्षकों में भी खुशी का माहौल है। परिजनों का कहना है कि बच्चों ने कड़ी मेहनत और अनुशासन के बल पर यह मुकाम हासिल किया है।
एकेडमी से जुड़े लोगों का मानना है कि इस तरह की सफलताएं अन्य युवाओं को भी खेलों की ओर आकर्षित करती हैं और यह संदेश देती हैं कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी सफलता हासिल की जा सकती है।
भविष्य की तैयारी और लक्ष्य
आरटूएफ मार्शल आर्ट एकेडमी के पदाधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में खिलाड़ी राष्ट्रीय और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लेंगे। इसके लिए प्रशिक्षण को और अधिक उन्नत बनाने पर काम किया जा रहा है।
कोचों का कहना है कि खिलाड़ियों की तकनीकी, शारीरिक और मानसिक तैयारी को संतुलित रूप से विकसित करना प्राथमिकता रहेगी, ताकि वे लंबे समय तक खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में कदम
फरीदाबाद और बल्लभगढ़ जैसे क्षेत्रों में मार्शल आर्ट्स के प्रति बढ़ती रुचि को खेल संस्कृति के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर एकेडमियों और प्रशिक्षकों द्वारा किए जा रहे प्रयासों से युवा खेल को करियर के रूप में देखने लगे हैं।
इस तरह की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां न केवल खिलाड़ियों के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती हैं।
निष्कर्ष
10वीं इंटरनेशनल कराटे चैम्पियनशिप 2026 में आरटूएफ मार्शल आर्ट एकेडमी, बल्लभगढ़ के खिलाड़ियों का प्रदर्शन फरीदाबाद के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। 10 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल के साथ खिलाड़ियों ने यह साबित किया है कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी सफलता हासिल की जा सकती है।

