फरीदाबाद, 26 अप्रैल। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासंघ के तत्वावधान में भगवान परशुराम जी का जन्मोत्सव बड़े हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सराय ख्वाजा टोल से सैकड़ों वाहनों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें ब्राह्मण समाज के युवा, बुजुर्ग एवं महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरे मार्ग में जयघोष और धार्मिक नारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
शोभायात्रा सराय ख्वाजा बाजार से होती हुई तिलपत स्थित बाबा सूरदास मंदिर पहुंची, जहां विशाल सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया तथा भगवान परशुराम के आदर्शों और जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल, राज्य मंत्री राजेश नागर, फरीदाबाद की महापौर प्रवीण बत्रा जोशी तथा पूर्व संसदीय सचिव सीमा त्रिखा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि महापुरुष किसी एक जाति या समाज के नहीं होते, बल्कि पूरे समाज के प्रेरणास्रोत होते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम ने अन्याय के विरुद्ध संघर्ष कर धर्म और न्याय की स्थापना का संदेश दिया, जिससे सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने अखिल भारतीय ब्राह्मण महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रकाश भारद्वाज के साथ अपने पुराने संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका फरीदाबाद से विशेष लगाव रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम का जन्मोत्सव सामाजिक एकता और संस्कृति को मजबूत करने का पर्व है।
राज्य मंत्री राजेश नागर, पूर्व संसदीय सचिव सीमा त्रिखा और मेयर प्रवीण बत्रा जोशी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र भारद्वाज, बदरपुर के पूर्व विधायक नारायण दत्त शर्मा, दिल्ली से कमल शर्मा सहित देशभर से समाज के अनेक प्रमुख लोग शामिल हुए।
संस्था की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रकाश भारद्वाज, संगठन सचिव पंडित मुकेश शास्त्री, युवा महासंघ अध्यक्ष विकास पाराशर, राष्ट्रीय प्रवक्ता विजय कौशिक, जिला अध्यक्ष भोला शर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भगवान परशुराम जन्मोत्सव समारोह में भारी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने समाज की एकता और उत्साह का परिचय दिया।

