फरीदाबाद। सेक्टर-33 स्थित विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण प्रतिष्ठान (एनपीटीआई) में तीन सप्ताहीय अनिवार्य फाउंडेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम के 33वें बैच का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्रालय के केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSUs) — एनएचपीसी, डीवीसी, एसजेवीएनएल तथा ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) के 100 से अधिक युवा अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एनएचपीसी के निदेशक (वित्त) श्री महेश कुमार शर्मा रहे, जिनका स्वागत केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के सदस्य (ग्रिड ऑपरेशन एवं वितरण) एवं एनपीटीआई के महानिदेशक श्री हेमंत जैन ने पौधा भेंट कर किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य पावर सेक्टर के युवा अधिकारियों की तकनीकी दक्षता, व्यावसायिक क्षमता एवं नेतृत्व कौशल का विकास करना है।
स्वागत संबोधन में डॉ. इंदु महेश्वरी, प्रिंसिपल डायरेक्टर (प्रशिक्षण), एनपीटीआई ने कहा कि यह प्रशिक्षण केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि विभिन्न संगठनों से आए प्रतिभागियों को एक साझा उद्देश्य ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition) की दिशा में जोड़ने का अवसर है। उन्होंने गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के विचारों का उल्लेख करते हुए प्रतिभागियों को आपसी सहयोग एवं सामूहिक सीखने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य वक्तव्य में श्री हेमंत जैन ने कहा कि पावर सेक्टर का प्रत्येक क्षेत्र—उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण, ऊर्जा दक्षता एवं नियमन एक-दूसरे से गहराई से जुड़ा हुआ है। इस फाउंडेशन कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पेशेवरों में समग्र दृष्टिकोण विकसित करना है, ताकि वे संसाधनों के बेहतर उपयोग, कार्यकुशलता और भविष्य की ऊर्जा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।
अपने उद्घाटन संबोधन में श्री महेश कुमार शर्मा ने कहा कि एनपीटीआई देश का अग्रणी प्रशिक्षण संस्थान है, जिसने पावर सेक्टर में मानव संसाधन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि डी कार्बोनाइजेशन, डिजिटाइजेशन और डिसेंट्रलाइजेशन भविष्य के ऊर्जा क्षेत्र की आधारशिला हैं तथा ऐसे समय में दक्ष एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने अब तक 32 सफल फाउंडेशन कार्यक्रमों के आयोजन तथा 2,500 से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए एनपीटीआई की सराहना करते हुए 33 वें बैच के प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. महेंद्र सिंह, उप निदेशक, एनपीटीआई ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का सफल समन्वयन श्री अनुराग राय, सहायक निदेशक द्वारा किया गया।

