कांग्रेस और इंडी गठबंधन के महिला-विरोधी रवैये से नारी शक्ति वंदन संशोधन बिल गिरा: कृष्णपाल गुर्जर
नारी शक्ति वंदन बिल गिराकर कांग्रेस ने पाप किया है, जो इनको भस्म कर देगा: कृष्णपाल गुर्जर
कांग्रेस का महिलाओं के अधिकारों पर चोट, फिर जश्न और जयनाद निंदनीय: कृष्णपाल गुर्जर
फरीदाबाद 19 अप्रैल । देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन को सुनने के बाद केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि नारी शक्ति वंदन बिल को लोकसभा में गिराकर कांग्रेस और इंडी गठबंधन के दलों ने पाप किया है, जो इन दलों को भस्म कर देगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सरकार की उपेक्षा नहीं है, बल्कि इन्होने देश की हर बहन अपमान किया है, महिलाओं के अधिकारों को कांग्रेस और इंडी गठबंधन के दलों ने ठेस पहुंचाई है। इस अपमान की कीमत इन दलों को चुकानी पड़ेगी।
श्री गुर्जर ने आगे कहा कि इंदिरा से प्रियंका तक सिमटी हैं इनकी राजनीति, इन्हें अपने परिवार की महिलाओं को संसद में भेजना अच्छा लगता है, लेकिन पार्टी के लिए काम करने वाली आम बहनों को संसद का दरवाजा तक नहीं देखने देना चाहते। कांग्रेस और इंडी नहीं चाहते कि आम महिला संसद या विधानसभा का दरवाजा देखे। वे चाहते हैं कि केवल उनके परिवार की महिलाएं ही निर्णय प्रक्रिया में शामिल हों। भाजपा जिला कार्यालय अटल कमल पर केन्द्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं बल्लभगढ़ के विधायक मूलचंद शर्मा, जिला अध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल और बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं के साथ मोदी जी के राष्ट्र के नाम संबोधन को सुना ।
कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि आज देश की नारी में आक्रोश और गुस्सा है और इसका खामियाजा कांग्रेस एवं इंडी गठबंधन को आने वाले समय में भुगतना पड़ेगा, चाहे वह सपा हो, टीएमसी हो या डीएमके। यह अत्यंत शर्मनाक है कि एक तरफ ये नारी के अधिकारों पर डाका डाल रहे थे और दूसरी तरफ मेजें थपथपा कर जश्न मना रहे थे, जयनाद कर रहे थे ।
उन्होंने कहा कि आज भले ही एनडीए के पास दो-तिहाई बहुमत नहीं है, लेकिन वह समय भी आएगा जब देश की बहनें आदरपूर्वक प्रधानमंत्री मोदी और एनडीए को इतनी ताकत देंगी कि संसद में ऐसे महिला-विरोधी दलों की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी।
श्री गुर्जर ने कहा जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कांग्रेस यह एक रिफॉर्म-विरोधी पार्टी है जो हर अच्छे काम का विरोध करती है। हमेशा देश में भ्रम फैलाने का काम करती है। सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाए, एयर स्ट्राइक पर भ्रम फैलाया, सीएए कानून पर भ्रम फैलाया और इन्होने हमेशा हर राष्ट्रीय और जनहित के मुद्दे पर देश को गुमराह करने की कोशिश की। इनकी सबसे बड़ी समस्या यह है कि ये देश को टुकड़ों में बांटते हैं—उत्तर-दक्षिण, जाति और धर्म के आधार पर। ये तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं। पीएम मोदी के लिए देश सर्वोपरि है—पहले देश, फिर पार्टी, फिर स्वयं। जबकि कांग्रेस के लिए पहले परिवार, फिर पार्टी और अंत में देश आता है।
श्री गुर्जर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में विस्तार से समझाया कि हर प्रदेश में सीटें बढ़ेंगी। नारी शक्ति वंदन बिल 2023 में यह स्पष्ट किया गया था कि जनगणना और परिसीमन (डीलिमिटेशन) के आधार पर सीटों का निर्धारण होगा।
जनगणना और परिसीमन में समय लगेगा, जिसके कारण महिलाओं को आरक्षण 2034 तक टल सकता है। इसलिए पीएम मोदी संशोधन बिल लाए थे, ताकि 2029 में ही महिलाओं को 33% आरक्षण मिल सके। लेकिन कांग्रेस और इंडी गठबंधन के महिला-विरोधी रवैये के कारण यह बिल गिरा दिया गया।
कांग्रेस और इंडी गठबंधन को डर है कि इसका श्रेय पीएम मोदी और भाजपा को मिल जाएगा। जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट कहा था कि इस कानून का श्रेय सभी दलों को मिलेगा और इसे विज्ञापनों के माध्यम से जनता तक भी बताया जाएगा।
इतिहास गवाह है कि जब-जब यह बिल आया, कांग्रेस ने अपने ही लोगों से इसका विरोध करवाकर इसे गिरवाया—चाहे अटल जी की सरकार हो या पहले की कांग्रेस सरकारें, इन्होने सदा अपने ही लोगों से, सहयोगियों से महिला आरक्षण के इस बिल को गिरवाया ।
श्री गुर्जर ने अंत में कहा कि भाजपा और एनडीए के दल देश की महिलाओं के बीच जायेंगे और उन्हें बताएगें कि उनके अधिकारों पर किसने डाका डाला। उन्हें विश्वास है कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा, और भाजपा महिलाओं को उनका हक दिलाकर रहेगी।
इस अवसर पर भाजपा जिला महामंत्री चौधरी प्रवीण गर्ग, शोभित अरोड़ा, फरीदाबाद महिला मोर्चा अध्यक्षा राजबाला सरदाना, फरीदाबाद महानगर महिला मोर्चा अध्यक्षा ममता राघव, पार्षद एवं पूर्व महापौर सुमन बाला, पार्षद गायत्री देवी, पार्षद अनीता वशिष्ठ, जिला उपाध्यक्ष सीमा भारद्वाज, भारती भाकुनी, जिला सचिव, मनीष छोकर, सुषमा यादव, जिला मीडिया प्रभारी विनोद गुप्ता, कार्यालय सचिव राज मदान, अलका भाटिया, श्वेता शर्मा, खुशबू सिंह, शालिनी मंगला, सरिता हसिजा, स्वीटी, प्रीति, अंजू भाटिया, सारिका, बबिता, मीनू, नेहा मंजू अनीता वैष्णवी, सोनिया मक्कड़, सोनिया कथूरिया, ममता समेत काफी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं और सभी ने कांग्रेस और इंडी गठंबंधन के दलों की महिला विरोधी होने के कारण भर्त्सना की ।

