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संवाददाता – Divyanshu Ojha (Journalist)

फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित होने जा रहे 39वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज़ कर दी गई हैं। शुक्रवार को हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने मेले की व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक विस्तृत बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य मेले में आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों और आम नागरिकों की सुविधा एवं सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा करना रहा।

बैठक के दौरान मंत्री ने स्पष्ट किया कि इतने बड़े अंतर्राष्ट्रीय आयोजन में आगंतुकों की सुविधा, सुरक्षा और सुव्यवस्था सर्वोपरि है और इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा, ताकि किसी भी स्तर पर अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।


39वें सूरजकुंड मेले की तैयारियों पर विस्तृत समीक्षा

यह समीक्षा बैठक 30 जनवरी को आयोजित की गई, जिसमें विरासत एवं पर्यटन विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि सूरजकुंड मेला केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हरियाणा की परंपरा, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विविधता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करता है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी व्यवस्थाएं समय पर, सुव्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण हों, ताकि आगंतुकों को सकारात्मक अनुभव मिले और आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।


विभागों को आपसी तालमेल से काम करने के निर्देश

बैठक में पर्यटन मंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि—

  • किसी भी विभाग की लापरवाही से पूरे आयोजन पर असर पड़ सकता है

  • समस्याओं का समाधान समय रहते किया जाना चाहिए

  • तैयारियों की नियमित समीक्षा आवश्यक है

उन्होंने यह भी कहा कि सूरजकुंड मेला हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी भव्यता और व्यवस्थाओं में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।


पर्यटकों की सुविधा के लिए यातायात और पार्किंग प्रबंध

बैठक में बताया गया कि मेले के दौरान यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए 10 अलग-अलग पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की गई है। इन पार्किंग स्थलों पर—

  • वाहनों की सुव्यवस्थित पार्किंग

  • पीने के पानी की सुविधा

  • शौचालयों की व्यवस्था

उपलब्ध कराई गई है, ताकि पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पार्किंग स्थलों की नियमित निगरानी की जाए और ट्रैफिक जाम की स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी तैयार रखी जाएं।


स्वच्छता व्यवस्था के लिए 200 एमसीएफ टीमें तैनात

स्वच्छता को लेकर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। जानकारी दी गई कि मेला परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखने के लिए नगर निगम फरीदाबाद (MCF) की 200 टीमें तैनात की जाएंगी। ये टीमें—

  • 24 घंटे सफाई व्यवस्था की निगरानी करेंगी

  • कचरा प्रबंधन को सुनिश्चित करेंगी

  • शौचालयों की नियमित सफाई पर ध्यान देंगी

मंत्री ने कहा कि स्वच्छ वातावरण न केवल पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाता है, बल्कि स्वास्थ्य और सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहद जरूरी है।


ऑनलाइन और ऑफलाइन टिकट व्यवस्था

आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार टिकट व्यवस्था को और सरल बनाया गया है। बैठक में बताया गया कि—

  • मेले की टिकट काउंटर से खरीदी जा सकेगी

  • दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) द्वारा ऑनलाइन टिकट बिक्री भी शुरू की जाएगी

ऑनलाइन टिकट बिक्री कल से प्रारंभ होने की जानकारी दी गई। इसके अलावा भुगतान के लिए—

  • नकद (Cash)

  • यूपीआई (UPI)

  • अन्य ऑनलाइन माध्यम

उपलब्ध रहेंगे, ताकि किसी को भुगतान को लेकर परेशानी न हो।


स्टॉलों पर रेट कार्ड अनिवार्य

बैठक में उपभोक्ता हितों को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बताया गया कि इस वर्ष मेला परिसर में लगभग 1300 स्टॉल लगाए जाएंगे और हर स्टॉल पर रेट कार्ड प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।

इसका उद्देश्य—

  • पर्यटकों को वस्तुओं की सही कीमत की जानकारी देना

  • अनावश्यक विवाद या भ्रम से बचाव

  • पारदर्शिता बनाए रखना

है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इस नियम का सख्ती से पालन कराया जाए।


सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस

बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि—

  • मेला परिसर में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती हो

  • सीसीटीवी निगरानी प्रभावी ढंग से काम करे

  • भीड़ प्रबंधन के लिए स्पष्ट योजना तैयार रहे

  • आपातकालीन सेवाएं हर समय उपलब्ध हों

पर्यटन मंत्री ने कहा कि बड़े आयोजनों में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती होती है, इसलिए इन पहलुओं पर किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।


सूरजकुंड मेला: सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक

बैठक में विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला केवल एक मेला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका आयोजन है। उन्होंने कहा कि यह मेला किसी व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि शिल्पकारों और उनकी कला को मंच देने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है।

उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों से अपील की कि वे आपसी सहयोग और समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि आयोजन सफल और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।


प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति

इस समीक्षा बैठक में हरियाणा पर्यटन निगम के प्रबंध निदेशक पार्थ गुप्ता सहित जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग, पुलिस विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने अब तक की गई तैयारियों की जानकारी दी और शेष कार्य तय समय-सीमा में पूरा करने का आश्वासन दिया।


निष्कर्ष

39वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले को लेकर की गई यह समीक्षा बैठक आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही। बैठक में दिए गए निर्देशों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मेला सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण में आयोजित हो। यदि सभी विभाग आपसी तालमेल और समयबद्धता के साथ कार्य करते हैं, तो यह आयोजन न केवल शिल्पकारों और कलाकारों के लिए, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी एक सकारात्मक अनुभव बन सकता है।

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