ऑनलाइन सेल्फ एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर प्रदेशवासियों से की सक्रिय भागीदारी की अपील
चंडीगढ़, 16 अप्रैल (वार्ता)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऑनलाइन सेल्फ एन्यूमरेशन (स्व-गणना) फॉर्म भरकर राज्य में जनगणना-2027 प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से जनगणना में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान करते हुए कहा कि यह पहल विकसित हरियाणा और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-गणना की प्रक्रिया सरल, सुरक्षित और समय की बचत करने वाली है। इससे नागरिक अपने मोबाइल, टैबलेट अथवा कंप्यूटर के माध्यम से घर बैठे अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘डिजिटल इंडिया’ विजन को और मजबूती प्रदान करेगी।
उन्होंने बताया कि हरियाणा में जनगणना का प्रथम चरण 1 मई से 30 मई, 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें मकानों की गणना एवं सूचीकरण का कार्य पूरा किया जाएगा। इससे पहले 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक नागरिकों को डिजिटल माध्यम से स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
श्री सैनी ने कहा कि सटीक एवं विश्वसनीय जनगणना आंकड़े ही राज्य और देश की योजनाओं की आधारशिला होते हैं। स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों तथा अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण से लेकर गरीब एवं जरूरतमंद वर्गों के लिए योजनाएं तैयार करने तक सही आंकड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने प्रधानमंत्री के मंत्र ‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’ को दोहराते हुए कहा कि यह संकल्प हर नागरिक की भागीदारी से ही पूरा होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनेगी। इसके लिए se.census.gov.in पोर्टल विकसित किया गया है, जहां नागरिक मोबाइल नंबर के माध्यम से ओटीपी आधारित लॉगिन कर अपने राज्य, जिला और स्थानीय विवरण का चयन कर डिजिटल मानचित्र पर अपने घर को चिह्नित करेंगे तथा परिवार एवं आवास संबंधी जानकारी दर्ज करेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान एकत्रित की गई सभी जानकारियां पूर्णतः गोपनीय रहेंगी और उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति, संस्था या एजेंसी के साथ यह जानकारी साझा नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई नागरिक स्व-गणना सुविधा का उपयोग नहीं कर पाता है तो 1 मई से 30 मई के बीच जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि योजनाएं प्रभावी और न्यायसंगत बन सकें।
उन्होंने युवाओं, स्वयं सहायता समूहों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों, पंचायत प्रतिनिधियों, नगर पार्षदों तथा समाज के जागरूक वर्गों से इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा जनगणना के लिए हरियाणा स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2011 के बाद देश में यह जनगणना हो रही है और इस बार लगभग 60 हजार कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। जनगणना कर्मियों के मानदेय में भी वृद्धि की गई है।
निदेशक जनगणना ललित जैन ने बताया कि हरियाणा के 51 हजार एन्यूमरेशन ब्लॉक्स को डिजिटलाइज कर दिया गया है तथा उनका नक्शा पोर्टल पर उपलब्ध है, जिससे नागरिक आसानी से स्व-गणना कर सकेंगे।
इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, सचिव हेमा शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

