-जिला पलवल से उपायुक्त डा. जयेंद्र सिंह छिल्लर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े
-हरियाणा सरकार ने राजस्व सेवाओं में किया बड़ा डिजिटल बदलाव, नागरिकों को तहसील कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने के झंझट से मिलेगी मुक्ति
-नागरिकों को तेज, विश्वसनीय और पारदर्शी राजस्व सेवाओं का लाभ होगा प्राप्त
पलवल, 23 जून। हरियाणा सरकार ने राजस्व प्रशासन को आधुनिक, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ऑटो म्यूटेशन सिस्टम तथा पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 का शुभारंभ कर दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा निवास चंडीगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में इन दोनों डिजिटल पहलों का वर्चुअल माध्यम से विधिवत उद्घाटन किया।
जिला पलवल से उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर, जिला राजस्व अधिकारी बलराज सिंह दांगी, तहसीलदार पलवल दिनेश कुमार, नायब तहसीलदार श्री दुग्गल सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी गण वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने कहा कि प्रदेश सरकार नागरिकों को तेज, सरल और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार तकनीकी नवाचारों को अपनाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से भूमि एवं संपत्ति संबंधी कार्यों में आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता तथा जवाबदेही बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि ऑटो म्यूटेशन सिस्टम लागू होने के बाद संपत्ति की रजिस्ट्री होते ही संबंधित इंतकाल (म्यूटेशन) स्वत: दर्ज हो जाएगा, नागरिकों को अलग से इंतकाल दर्ज करवाने के लिए आवेदन नहीं करना पड़ेगा। जिन मामलों में किसी अतिरिक्त जांच या विभाजन की आवश्यकता नहीं होगी, उनमें 24 घंटे के भीतर इंतकाल स्वीकृत कर दिया जाएगा, जबकि जटिल मामलों का निपटान अधिकतम 10 दिनों के भीतर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विरासत, पारिवारिक बंटवारे तथा न्यायालय की डिक्री आधारित मामलों को भी समयबद्ध तरीके से निपटाया जाएगा।
उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर कहा कि सरकार की इस डिजिटल पहल से नागरिकों को तहसील कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने के झंझट से मुक्ति मिलेगी। लोग अपने इंतकाल की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे तथा संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां भी डिजिटल माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। इससे भूमि अभिलेखों का रिकॉर्ड तेजी से अपडेट होगा और किसानों तथा भूमि स्वामियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा। उन्होंने पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 को राजस्व विभाग के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 1.0 के सफल संचालन और नागरिकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर नई प्रणाली को और अधिक उन्नत बनाया गया है। नई व्यवस्था में आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है तथा प्रथम और द्वितीय पक्ष के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी को अनिवार्य किया गया है।
उपायुक्त ने कहा कि पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 में डिजिटल हस्ताक्षर, बायोमेट्रिक सत्यापन, ऑनलाइन स्टेटस ट्रैकिंग, क्यूआर कोड आधारित सत्यापन, अतिरिक्त दस्तावेज अपलोड सुविधा, ऑनलाइन रिकॉर्ड सत्यापन और विभिन्न विभागों के डाटा के एकीकरण जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल की गई हैं। इसके अलावा डीटीपी और एनओसी से संबंधित दस्तावेजों की भौतिक प्रतियां जमा कराने की आवश्यकता को समाप्त कर ऑनलाइन सत्यापन व्यवस्था लागू की गई है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि विभाग का लक्ष्य नागरिकों को न्यूनतम समय में अधिकतम सुविधा उपलब्ध कराना है। नई प्रणालियों के माध्यम से विभागीय प्रक्रियाएं अधिक कुशल, पारदर्शी और जवाबदेह बनेंगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के उपयोग से फर्जीवाड़े पर प्रभावी रोक लगेगी, दस्तावेजों की प्रमाणिकता बढ़ेगी तथा स्टांप ड्यूटी की सही गणना सुनिश्चित होगी।
कार्यक्रम के दौरान दोनों प्रणालियों की कार्यप्रणाली का लघु फिल्म के माध्यम से प्रदर्शन भी किया गया। हरियाणा सरकार द्वारा ऑटो म्यूटेशन प्रणाली को लागू करने से पहले पायलट परियोजना के रूप में इसका परीक्षण किया गया, जिसमें हजारों मामलों का सफल निपटान किया गया। साथ ही लंबे समय से लंबित इंतकालों के समाधान के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है।
उपायुक्त ने बताया कि इन दोनों डिजिटल पहलों का उद्देश्य राजस्व सेवाओं को नागरिक हितैषी बनाना है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से रजिस्ट्रेशन और इंतकाल प्रक्रियाओं में बेहतर समन्वय स्थापित होगा, लंबित मामलों में कमी आएगी और राजस्व प्रशासन की कार्यकुशलता में उल्लेखनीय सुधार होगा। हरियाणा सरकार का मानना है कि ऑटो म्यूटेशन सिस्टम और पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश में डिजिटल व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को तेज, विश्वसनीय और पारदर्शी राजस्व सेवाओं का लाभ प्राप्त होगा। यह पहल हरियाणा को सुशासन और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
उपायुक्त डा. छिल्लर ने बताया कि दूसरे चरण में रजिस्ट्री के साथ इंतकाल प्रक्रिया को भी एकीकृत किया गया है। नई प्रणाली में आधार आधारित ई-केवाईसी, डिजिटल हस्ताक्षर और बायोमेट्रिक सत्यापन को अनिवार्य बनाया गया है, जिससे पहचान की शत-प्रतिशत पुष्टि सुनिश्चित होगी। अब रजिस्ट्री आवेदन प्रक्रिया पहले से अधिक सरल और यूजर फ्रेंडली होगी तथा नागरिक स्वयं, डीड राइटर, अधिवक्ता या हेल्प डेस्क के माध्यम से दस्तावेज तैयार कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि ऑटो इंतकाल प्रणाली के माध्यम से लाखों किसानों और भूस्वामियों को राहत मिलेगी तथा अधिकांश मामलों में इंतकाल 24 घंटे के भीतर स्वीकृत हो सकेगा। नागरिक अब अपने इंतकाल की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे और उसकी प्रति डाउनलोड भी कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य शेष लंबित इंतकालों का शीघ्र निपटान कर राजस्व सेवाओं को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।

