फरीदाबाद, 17 फरवरी 2026
नगर निगम फरीदाबाद ने प्रॉपर्टी टैक्स बकायादारों के खिलाफ अपने सीलिंग अभियान को और तेज कर दिया है। वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले राजस्व वसूली की प्राथमिकता के चलते, निगम प्रशासन ने एक सप्ताह के भीतर 113 संपत्तियों को सील कर दिया है, जिन पर लगभग 38 लाख रुपये से ज्यादा का टैक्स बकाया है।
नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा के निर्देश पर चलाया जा रहा यह विशेष अभियान बड़े बकायादारों पर कड़ी कार्रवाई करने पर केंद्रित है। निगम का कहना है कि टैक्स वसूली से मिलने वाले पैसे का उपयोग शहर के निर्माण, सड़कें, सफाई, जल निकासी और अन्य बुनियादी सेवाओं के विकास में किया जाता है। इसलिए टैक्स जमा न करना न सिर्फ कानूनी उल्लंघन है, बल्कि यह शहर की प्रगति में भी बाधा डालता है।
इसी सिलसिले में एनआईटी-4 में स्थित Central Public Works Department (सीपीडब्ल्यूडी) के कार्यालय को सील किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्यालय पर 12 करोड़ रुपये से अधिक का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। इतनी बड़ी राशि के चलते निगम ने सख्त कदम उठाते हुए सीलिंग की कार्रवाई की, यह दर्शाता है कि निगम बकाया वसूली में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगा, चाहे वह संस्था कितनी ही बड़ी क्यों न हो।
साथ ही, एनआईटी-5 के कस्तूरबा सेवा सदन के कार्यालय को भी सील किया गया है, जिसमें 1 करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक का टैक्स बकाया बताया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित पक्षों को पहले कई बार नोटिस दिए गए थे, लेकिन समय पर टैक्स जमा नहीं किया गया। चेतावनी और मौके देने के बावजूद पैसा न चुकाने पर निगम को यह कठोर कदम उठाना पड़ा।
यह कार्रवाई क्षेत्रीय और कर अधिकारी सुमन रतरा की टीम द्वारा की गई। अधिकारियों के मुताबिक, सीलिंग अभियान को सुचारू और पारदर्शी तरीके से अंजाम दिया जा रहा है। हर कार्रवाई से पहले बकायादारों को विधिवत नोटिस दिया जाता है और उन्हें भुगतान का समय दिया जाता है। इसके बाद भी अगर भुगतान नहीं होता, तो नियमानुसार संपत्ति को सील कर दिया जाता है।
नगर निगम के सभी जोनों में क्षेत्रीय और कर अधिकारियों की टीमों ने मिलकर अभियान चलाया। पिछले एक हफ्ते में 25 करोड़ रुपये से अधिक के बकायादारों की कुल 111 संपत्तियों को सील किया गया। इनमें व्यावसायिक प्रतिष्ठान, कार्यालय, संस्थान और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। अधिकारी कहते हैं कि यह अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा और लंबी अवधि से टैक्स बकाया वाले संपत्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने सभी प्रॉपर्टी मालिकों से अपील की है कि वे 31 मार्च, जो कि वित्तीय वर्ष की अंतिम तिथि है, से पहले अपना बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराएं। उन्होंने कहा कि समय पर टैक्स भुगतान करने से न केवल कानूनी कार्रवाई से बचा जा सकता है, बल्कि शहर के विकास में भी योगदान मिलता है।
उन्होंने साफ-साफ कहा कि टैक्स न चुकाने वाले बकायादारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। निगम का मकसद किसी को परेशान करना नहीं है, बल्कि राजस्व संग्रह को सुनिश्चित करना है ताकि विकास कार्य सुचारू रूप से चलते रहें।
विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी निकायों के लिए प्रॉपर्टी टैक्स आय का एक प्रमुख स्रोत होता है। इसी से सड़कों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, पार्कों का रखरखाव, सीवरेज व्यवस्था और कचरा प्रबंधन जैसे काम चलते हैं। अगर बड़ी संख्या में संपत्ति मालिक टैक्स नहीं चुकाते, तो नगर निगम की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो सकती है और विकास योजनाएं रुक सकती हैं।
नगर निगम फरीदाबाद ने टैक्स भुगतान को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम उपलब्ध कराए हैं। नागरिक निगम की वेबसाइट या निर्धारित काउंटरों पर जाकर अपना टैक्स जमा कर सकते हैं। इसके अलावा, समय-समय पर छूट योजनाएं और ब्याज में राहत जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं ताकि लोग स्वेच्छा से बकाया राशि का भुगतान कर सकें।
सीलिंग अभियान की खबर के बाद शहर के कई बकायादार अपने दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं और निगम कार्यालयों में टैक्स चुकाने के लिए पहुंच रहे हैं। निगम अधिकारियों का कहना है कि जिन संपत्तियों को सील किया गया है, वे बकाया राशि चुकाने पर नियमानुसार फिर से खोली जा सकती हैं।
शहर के विकास को गति देने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए नगर निगम का यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन को विश्वास है कि जब बड़े बकायादारों पर सख्ती की जाती है, तो अन्य संपत्ति मालिक भी समय पर टैक्स चुकाने के लिए गंभीर हो जाते हैं।
नगर निगम ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में टैक्स बकाया रखने वालों की सूची सार्वजनिक की जा सकती है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और अन्य नागरिक भी जागरूक हों। साथ ही, डिजिटल रिकॉर्ड और सर्वे के जरिए उन संपत्तियों की पहचान की जा रही है जो टैक्स के दायरे में आकर भी पंजीकृत नहीं हैं।
फरीदाबाद जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाए रखने के लिए नियमित राजस्व संग्रह अत्यंत आवश्यक है। नगर निगम का यह अभियान इस दिशा में एक सशक्त कदम है, जो यह संदेश देता है कि नियमों का पालन सभी के लिए अनिवार्य है।
जैसे-जैसे वित्तीय वर्ष की अंतिम तिथि नजदीक आ रही है, निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि टैक्स वसूली के मामले में कोई समझौता नहीं होगा। सभी बकायादारों को समय पर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी, नहीं तो उनके खिलाफ भी ऐसे ही कदम उठाए जाएंगे।

