नशे के स्रोत और सप्लाई चेन तक पहुंचना ही लक्ष्य: डीआईजी राजेंद्र कुमार मीणा
फरीदाबाद/गुरुग्राम/रेवाड़ी, नवंबर। हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एचएसएनसीबी) की फरीदाबाद, गुरुग्राम और रेवाड़ी यूनिटों ने 1 जुलाई 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक चार महीनों में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई करते हुए कुल 45 मामले दर्ज किए और 50 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान तीनों यूनिटों ने नशीले पदार्थों की भारी मात्रा बरामद की और अपने-अपने क्षेत्रों में स्कूल-कॉलेजों व आमजन के बीच 31 जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए।
ब्यूरो प्रमुख एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री संजय कुमार के निर्देशन तथा डीआईजी श्री राजेंद्र कुमार मीणा के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण में इन तीनों यूनिटों ने सूचना-आधारित कार्रवाई को तेज किया।
चार माह में 45 मुकदमे, 11 कमर्शियल क्वांटिटी के
तीनों यूनिटों में दर्ज कुल 45 मुकदमों में से 11 मामले कमर्शियल क्वांटिटी (व्यावसायिक मात्रा) के रहे, जो कुल मामलों का लगभग एक-चौथाई हैं। इसके अलावा 32 मामले इंटरमीडिएट क्वांटिटी और 2 मामले स्मॉल क्वांटिटी के रहे। कमर्शियल क्वांटिटी के मामले सबसे गंभीर माने जाते हैं, क्योंकि इनमें संगठित तस्करी नेटवर्क की आशंका रहती है।
यूनिट-वार कार्रवाई
गुरुग्राम यूनिट ने इस अवधि में सबसे अधिक 19 मुकदमे दर्ज किए और 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें 7 कमर्शियल, 11 इंटरमीडिएट और 1 स्मॉल क्वांटिटी का मामला शामिल है। तीनों यूनिटों के कुल 11 कमर्शियल मामलों में से 7 गुरुग्राम के हैं। यूनिट ने 163.71 ग्राम MDMA, 43.26 ग्राम कोकीन, 40.39 ग्राम हेरोइन, 6.92 किलोग्राम गांजा और 24 ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए। यूनिट ने सबसे ज्यादा 19 जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए।
फरीदाबाद यूनिट ने 18 मुकदमे दर्ज कर 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें 2 कमर्शियल, 15 इंटरमीडिएट और 1 स्मॉल क्वांटिटी के मामले हैं। यूनिट ने 205.278 ग्राम हेरोइन, 6.96 किलोग्राम गांजा, 6.194 किलोग्राम पोस्त चूरा, 8.90 ग्राम कोकीन, 6,480 नशीली कैप्सूल व टैबलेट, 386 नशीले इंजेक्शन और 24 कोडीन सिरप बरामद किए। यूनिट ने 5 जागरूकता कार्यक्रम किए। तीनों यूनिटों की कुल हेरोइन बरामदगी का करीब 72 प्रतिशत हिस्सा फरीदाबाद यूनिट का रहा।
रेवाड़ी यूनिट ने 8 मुकदमे दर्ज कर 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें 2 कमर्शियल और 6 इंटरमीडिएट क्वांटिटी के मामले हैं। यूनिट ने 38.14 ग्राम हेरोइन, 3,600 ट्रामाडोल कैप्सूल और 8 बोतल कोडीन सिरप बरामद किया तथा 7 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।
तीनों यूनिटों की संयुक्त बरामदगी
1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक तीनों यूनिटों ने मिलकर बरामद किया:
- 283.808 ग्राम हेरोइन
- 163.71 ग्राम MDMA
- 52.16 ग्राम कोकीन
- 13.88 किलोग्राम गांजा
- 6.194 किलोग्राम पोस्त चूरा
- 10,104 नशीली कैप्सूल व टैबलेट (ट्रामाडोल सहित)
- 386 नशीले इंजेक्शन
- 32 बोतल कोडीन सिरप
इन आंकड़ों से पता चलता है कि फरीदाबाद-गुरुग्राम-रेवाड़ी क्षेत्र में हेरोइन व गांजा जैसे पारंपरिक नशों के साथ एमडीएमए व कोकीन जैसे सिंथेटिक नशे और नशीली फार्मा दवाइयां भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं, जिन पर ब्यूरो की विशेष नजर है।
कमर्शियल क्वांटिटी के मामलों में नशे के स्रोत और सप्लाई चेन तक पहुंचना ही लक्ष्य: डीआईजी राजेंद्र कुमार मीणा
डीआईजी एचएसएनसीबी श्री राजेंद्र कुमार मीणा ने कहा: “नशे के खिलाफ हमारी लड़ाई केवल गिरफ्तारी और बरामदगी तक सीमित नहीं है। हर मामले में, खासकर कमर्शियल क्वांटिटी के मामलों में, हमारा जोर नशे के स्रोत और सप्लाई चेन तक पहुंचने पर है। साथ ही जागरूकता और पुनर्वास भी हमारी रणनीति का अहम हिस्सा हैं। चार महीनों में तीनों यूनिटों की टीमों ने अच्छा काम किया है और यह अभियान आगे भी इसी तेजी से जारी रहेगा। मैं आमजन से अपील करता हूं कि नशे से जुड़ी कोई भी जानकारी तुरंत पुलिस या ब्यूरो को दें, सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।”
प्रवर्तन के साथ जागरूकता पर भी जोर
ब्यूरो ने प्रवर्तन के साथ-साथ जन-जागरूकता को भी समान महत्व दिया है। इस अवधि में गुरुग्राम यूनिट ने 19, रेवाड़ी यूनिट ने 7 और फरीदाबाद यूनिट ने 5, यानी कुल 31 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इनमें विद्यार्थियों, युवाओं, अभिभावकों और आमजन को नशे के दुष्परिणामों व एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों की जानकारी दी गई तथा नशे की सूचना पुलिस तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
आमजन से सहयोग की अपील
एचएसएनसीबी ने आमजन से अपील की है कि नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी या अवैध कारोबार से जुड़ी किसी भी जानकारी को तुरंत पुलिस या एचएसएनसीबी के संज्ञान में लाएं। सूचना एचएसएनसीबी हेल्पलाइन 90508-91508 या मानस टोल-फ्री हेल्पलाइन 1933 पर दी जा सकती है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।

