– फरीदाबाद में पीएम विकसित भारत रोजगार योजना को लेकर स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन मीटिंग आयोजित
फरीदाबाद, 13 दिसंबर। मंडल रोजगार कार्यालय, फरीदाबाद ने डीआईसी के सहयोग से फरीदाबाद इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के सभागार में “प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई)” को लेकर एक हितधारक परामर्श बैठक का आयोजन किया। बैठक की अध्यक्षता हरियाणा के युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने की। इसमें फरीदाबाद के लगभग 150 प्रमुख नियोक्ताओं, विशेषकर एमएसएमई और निर्यात इकाइयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य नियोक्ताओं को पीएमवीबीआरवाई योजना के प्रति जागरूक करना था।
प्रधान सचिव राजीव रंजन ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत यह योजना 1 अगस्त, 2025 से “प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई)” के रूप में लागू हो चुकी हैं। यह नाम विकसित भारत पहल के प्रति योजना के समग्र उद्देश्यों के अनुरूप है और देश में समावेशी एवं स्थायी रोजगार के अवसर सृजित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे पूर्व, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना को स्वीकृति दी थी। 99,446 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली पीएमवीबीआरवाई का लक्ष्य 2 वर्षों की अवधि में देश में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगारों के सृजन को प्रोत्साहित करना है। इनमें से 1.92 करोड़ लाभार्थी पहली बार कार्यबल में शामिल होंगे। इस योजना का लाभ 1 अगस्त, 2025 से 31 जुलाई, 2027 के बीच सृजित रोज़गारों पर लागू होगा। नियोक्ताओं को नए रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहित करने वाली इस योजना का उद्देश्य विनिर्माण सेक्टर पर विशेष ध्यान देते हुए विभिन्न सेक्टरों में नए रोजगार सृजन के लिए लाभ प्रदान करना है। यह रोजगार-आधारित विकास के माध्यम से आर्थिक विकास को गति देने की भारत की कार्यनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इस योजना में दो भाग हैं, भाग ए पहली बार रोजगार पाने वालों पर केंद्रित है तथा भाग बी नियोक्ताओं पर केंद्रित है:
भाग एः पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहनः-
ईपीएफओ में पहली बार पंजीकृत कर्मचारियों को लक्षित इस प्रावधान के तहत एक माह का ईपीएफ वेतन, अधिकतम ₹15,000 तक, दो किश्तों में दिया जाएगा। ₹1 लाख तक वेतन पाने वाले कर्मचारी इसके पात्र होंगे। पहली किश्त 6 माह की सेवा के बाद तथा दूसरी किश्त 12 माह की सेवा और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूर्ण करने पर मिलेगी। बचत को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन राशि का एक हिस्सा निश्चित अवधि के लिए बचत या जमा खाते में रखा जाएगा, जिसे कर्मचारी बाद में निकाल सकेंगे।

