-शहीद के पैतृक गांव गहलब में अंतिम दर्शन को उमड़े लोग
-सभी ने नम आंखों से भारत माता के वीर सपूत को दी आखिरी सलामी
पलवल, 30 नवंबर। जिला पलवल खंड हथीन के गांव गहलब निवासी सूबेदार हितेश सहरावत लेह-लद्दाख में ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने से शहीद हो गए। रविवार को उनका पार्थिव शरीर जब उनके पैतृक गांव गहलब लाया गया तो हजारों लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। शहीद को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान सूबेदार हितेश सहरावत अमर रहें और भारत माता की जय के गगनभेदी नारे गांव में गूंज उठे।
सूबेदार हितेश सहरावत ने 15 फरवरी 2001 को भारतीय सेना की आर्मी सप्लाई कोर रेजिमेंट में बतौर ड्राइवर अपनी सेवा की शुरुआत की थी। वर्तमान में वे सूबेदार के पद पर देश की सेवा कर रहे थे। बीते शनिवार सुबह ड्यूटी के दौरान उन्हें अचानक हृदयाघात हुआ, जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई। उनकी शहादत की खबर से गांव में गहरा शोक फैल गया।
रविवार को जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो राजनीतिक, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं स्थानीय गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस मौके पर मौजूद नगराधीश अप्रतिम सिंह ने भी सूबेदार हितेश सहरावत की शहादत को नमन किया। सभी ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की। कर्नल के. जी. शर्मा ने बताया कि सूबेदार हितेश सहरावत अत्यंत कठिन परिस्थितियों में रसद सामग्री लेकर अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे थे। लद्दाख में तापमान लगातार गिर रहा था, बावजूद इसके उन्होंने अपनी ड्यूटी में कोई कमी नहीं आने दी। कर्नल शर्मा ने कहा कि भारतीय सेना सूबेदार हितेश सहरावत की शहादत को सदैव याद रखेगी।

