संवाददाता – Divyanshu Ojha (Journalist)
फरीदाबाद में आयोजित होने जा रहे 39वें सूरजकुंड मेला–2026 को लेकर नगर निगम फरीदाबाद ने तैयारियों को और तेज कर दिया है। मेले के दौरान भारत के उपराष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को ध्यान में रखते हुए नगर निगम द्वारा साफ-सफाई, स्वच्छता व्यवस्था और आवारा पशुओं के प्रबंधन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि मेला पूरी तरह सुव्यवस्थित, स्वच्छ और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो, ताकि आम नागरिकों और आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, यह निर्देश न केवल वीवीआईपी दौरे के मद्देनज़र जारी किए गए हैं, बल्कि मेले में आने वाले लाखों पर्यटकों की सुविधा और शहर की छवि को ध्यान में रखते हुए भी इन पर विशेष जोर दिया गया है।
नगर निगम आयुक्त के निर्देशों पर जारी हुआ आदेश
नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा के दिशा-निर्देशों के अनुसार नगर निगम के विशेष अधिकारी (सेनेटेशन) ने संबंधित विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 39वां सूरजकुंड मेला 31 जनवरी 2026 से फरीदाबाद के सूरजकुंड क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा और इस दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नगर निगम का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में स्वच्छता और व्यवस्था का विशेष महत्व होता है, क्योंकि यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
मेले के मार्गों पर होगी मैकेनाइज्ड सफाई व्यवस्था
जारी निर्देशों के अनुसार, मेला स्थल तक आने-जाने वाले सभी प्रस्तावित मार्गों पर पर्याप्त संख्या में मैकेनाइज्ड स्वीपिंग मशीनें तैनात की जाएंगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सड़कों पर धूल-मिट्टी, कचरा या गंदगी न दिखाई दे।
इस कार्य की जिम्मेदारी कार्यकारी अभियंता (SBM) को सौंपी गई है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि—
सभी प्रमुख मार्गों की पहचान समय रहते कर ली जाए
सफाई मशीनों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए
मेले की अवधि के दौरान सफाई में किसी प्रकार की कमी न रहने दी जाए
नगर निगम का कहना है कि नियमित मैनुअल सफाई के साथ-साथ मैकेनाइज्ड सफाई से सड़कों की स्थिति बेहतर बनी रहेगी।
मेला परिसर और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता पर विशेष जोर
उपराष्ट्रपति के कार्यक्रम स्थल, सूरजकुंड मेला परिसर और इसके आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता एवं सैनिटेशन व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी वरिष्ठ सेनेटरी इंस्पेक्टर हरबीर सिंह रावत को सौंपी गई है।
निर्देशों के तहत—
शौचालयों की नियमित सफाई
कचरा उठान की समयबद्ध व्यवस्था
खुले में कचरा न पड़े, इसके लिए पर्याप्त डस्टबिन
नालियों की सफाई और जलभराव से बचाव
जैसे बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। नगर निगम का उद्देश्य है कि मेला क्षेत्र में स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण बना रहे।
आवारा पशुओं के प्रबंधन को लेकर अलग-अलग जिम्मेदारियां तय
सूरजकुंड मेला क्षेत्र और आसपास की सड़कों पर आवारा पशुओं की आवाजाही को रोकने के लिए भी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। मेला परिसर के अंदर और बाहर आवारा पशुओं को पकड़ने की कार्रवाई की जिम्मेदारी सहायक सेनेटरी इंस्पेक्टर नरेंद्र लोहिया को सौंपी गई है।
इसके साथ ही—
मेला परिसर और आसपास के इलाकों में
बंदरों और आवारा कुत्तों को पकड़ने का कार्य
चिकित्सा अधिकारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जाएगा। नगर निगम का कहना है कि इस व्यवस्था से न केवल वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा बनी रहेगी, बल्कि आम आगंतुकों को भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
वीवीआईपी दौरे को लेकर अतिरिक्त सतर्कता
प्रस्तावित वीवीआईपी दौरे को देखते हुए नगर निगम ने सभी संबंधित विभागों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि—
सभी तैयारियां समय से पहले पूरी कर ली जाएं
किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो
नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाए
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, यह केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि शहर की जिम्मेदारी भी है कि इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त रहे।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
नगर निगम ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा आदेशों की अवहेलना या कार्य में लापरवाही पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
इस निर्देश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी विभाग अपने-अपने दायित्वों को गंभीरता से निभाएं और सूरजकुंड मेला-2026 बिना किसी अव्यवस्था के संपन्न हो।
सूरजकुंड मेला और शहर की छवि
सूरजकुंड मेला न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा हुआ आयोजन है। यह मेला वर्षों से भारत की हस्तशिल्प परंपरा और सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करता आ रहा है। ऐसे में प्रशासन की यह कोशिश है कि स्वच्छता, सुरक्षा और व्यवस्था के मामले में कोई कमी न रह जाए।
नगर निगम का मानना है कि बेहतर व्यवस्थाएं न केवल वीवीआईपी दौरे को सफल बनाती हैं, बल्कि आम नागरिकों और पर्यटकों के अनुभव को भी सकारात्मक बनाती हैं।
निष्कर्ष
39वें सूरजकुंड मेला–2026 को लेकर नगर निगम फरीदाबाद द्वारा जारी किए गए ये निर्देश प्रशासन की गंभीरता को दर्शाते हैं। साफ-सफाई, स्वच्छता और आवारा पशुओं के प्रबंधन पर विशेष ध्यान देकर मेला आयोजन को सुचारू और सुरक्षित बनाने की कोशिश की जा रही है। यदि सभी विभाग अपने दायित्वों का सही ढंग से पालन करते हैं, तो यह मेला न केवल सफल होगा बल्कि शहर की सकारात्मक छवि भी मजबूत करेगा।

