फरीदाबाद, 1 फरवरी।
नौकरी का झांसा देकर युवाओं को विदेश बुलाने और उनसे जबरन साइबर ठगी करवाने के एक गंभीर मामले में फरीदाबाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने थाईलैंड और म्यांमार ले जाकर साइबर अपराध में जबरन शामिल कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान आकाश महादेव भानवसे, निवासी करयाले, सोलापुर, महाराष्ट्र के रूप में हुई है।
व्हाट्सएप मैसेज से शुरू हुआ धोखाधड़ी का जाल
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, सेक्टर-78, फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना सेंट्रल में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि जुलाई 2025 में उसके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से मैसेज आया। शुरुआत में ठगों ने उसकी सामान्य जानकारी ली और बाद में उसे थाईलैंड में उच्च वेतन पर नौकरी दिलाने का लालच दिया।
ठगों ने पीड़ित को बताया कि उसे ऑन-अराइवल वीजा पर बुलाया जाएगा और बाद में उसका वर्क वीजा बदलवा दिया जाएगा। इसी बहाने अगस्त 2025 में उसे बैंकॉक का हवाई टिकट भेजा गया और यात्रा के लिए कहा गया।
बैंकॉक से म्यांमार तक जबरन ले जाया गया
पीड़ित के अनुसार, बैंकॉक पहुंचने के बाद उसे एक गाड़ी में बैठाया गया। कुछ दूरी तय करने के बाद चालक ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया। इसके बाद बार-बार गाड़ियां बदली गईं और अंततः उसे नदी के रास्ते म्यांमार सीमा पार कराकर वहां ले जाया गया।
म्यांमार पहुंचने के बाद पीड़ित को करीब 15 दिन तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उससे जबरन साइबर ठगी का काम करवाया गया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकियां दी गईं।
डेटिंग ऐप के जरिए साइबर ठगी करवाने का आरोप
पीड़ित ने बताया कि वहां उसे साइबर अपराध के अलग-अलग तरीके सिखाए गए। आरोपियों द्वारा—
डेटिंग ऐप के माध्यम से लोगों से संपर्क
भावनात्मक बातचीत के जरिए भरोसा जीतना
निवेश के नाम पर रकम ट्रांसफर करवाना
जैसी गतिविधियों में जबरन शामिल किया गया। यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था।
म्यांमार आर्मी की कार्रवाई में हुआ रेस्क्यू
शिकायतकर्ता के अनुसार, बाद में म्यांमार आर्मी द्वारा उस इलाके में छापेमारी की गई, जिसके दौरान उसे और अन्य लोगों को वहां से रेस्क्यू किया गया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से भारत भेजा गया।
भारत लौटने के बाद पीड़ित ने पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी, जिसके आधार पर साइबर थाना सेंट्रल में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मुंबई एयरपोर्ट से आरोपी गिरफ्तार
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि तकनीकी जांच के माध्यम से इस मामले में शामिल आरोपी का पता लगाया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ LOC (लुकआउट सर्कुलर) जारी करवाया।
इसके बाद 29 जनवरी को साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने मुंबई एयरपोर्ट से आरोपी आकाश महादेव भानवसे को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आया पूरा नेटवर्क
पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि वह—
नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं का डाटा एकत्र करता था
उन्हें थाईलैंड में मोटी सैलरी का झांसा देता था
वीजा और टिकट की व्यवस्था कर उन्हें विदेश बुलवाता था
इसके बाद पीड़ितों को थाईलैंड से म्यांमार ले जाकर बंधक बनाया जाता और उनसे साइबर ठगी का काम करवाया जाता था।
अदालत में पेश कर भेजा गया जेल
पुलिस के अनुसार, पूछताछ पूरी होने के बाद आरोपी को माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
साइबर अपराध को लेकर पुलिस की अपील
फरीदाबाद पुलिस ने आमजन से अपील की है कि—
सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर आने वाले नौकरी के लालच वाले संदेशों से सतर्क रहें
बिना सत्यापन के विदेश नौकरी के ऑफर पर विश्वास न करें
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर पुलिस को दें
पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।

