फरीदाबाद। विद्यासागर इंटरनेशनल स्कूल, सेक्टर-2 ब्रांच में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर कृष्णमय नजर आया। कार्यक्रम में किंडरगार्डन से लेकर सीनियर कक्षाओं तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी विभिन्न लीलाओं को अपनी शानदार प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की मनमोहक झांकी एवं प्रस्तुतियों से हुई। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने सुंदर वेशभूषा में सजकर कृष्ण, राधा और ग्वाल-बालों का रूप धारण किया। बच्चों ने मधुर भजनों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। उनकी मासूमियत, आत्मविश्वास और शानदार प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों एवं शिक्षकों को भावविभोर कर दिया।
सीनियर कक्षाओं के विद्यार्थियों ने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं पर आधारित प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण के बाल्यकाल, उनके साहस, बुद्धिमत्ता और धर्म की रक्षा के संदेश को मंच पर प्रस्तुत किया। विशेष रूप से कंस वध की प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। विद्यार्थियों ने अपनी अभिनय क्षमता और संवाद अदायगी से यह संदेश दिया कि सत्य और धर्म की सदैव विजय होती है तथा अधर्म का अंत निश्चित है।
इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर दीपक यादव ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें कर्म, सत्य, धैर्य, प्रेम और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे श्रीकृष्ण के विचारों को अपने जीवन में अपनाएं और उनके द्वारा दिखाए गए सत्य एवं कर्तव्य के मार्ग पर आगे बढ़ें।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों की सराहना की। जन्माष्टमी महोत्सव ने न केवल बच्चों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ा, बल्कि उन्हें श्रीकृष्ण के जीवन से मिलने वाली सीख को समझने और अपने जीवन में उतारने का अवसर भी प्रदान किया।

