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फरीदाबाद 23-02-25

हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र 2026-27 के दौरान शहरी स्थानीय निकाय, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा नागरिक उड्डयन विभाग से संबंधित प्रश्नों पर सदन में विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान संबंधित विभागों का प्रतिनिधित्व करते हुए मंत्री विपुल गोयल ने विपक्ष द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर जवाब प्रस्तुत किया। अपने वक्तव्य में उन्होंने विभागीय कार्यों, नीतिगत प्राथमिकताओं और हाल के वर्षों में किए गए प्रशासनिक कदमों की जानकारी साझा की।

सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्षी सदस्यों ने शहरी विकास, कॉलोनियों की स्वीकृति, आधारभूत सुविधाओं, पारदर्शिता और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े प्रश्न उठाए। इन प्रश्नों के उत्तर में मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों में नियोजित विकास को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 से 2025 के बीच कुल 858 कालोनियों को विधिवत स्वीकृति प्रदान की गई। उनके अनुसार इन कालोनियों में नियमानुसार बुनियादी सुविधाओं, अधोसंरचना विकास और आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुनिश्चित किया गया है।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि कॉलोनियों की स्वीकृति निर्धारित नियमों और प्रचलित कानूनों के तहत दी गई है। उन्होंने कहा कि शहरी विकास से जुड़े सभी निर्णय विधिक ढांचे के अनुरूप लिए जाते हैं और प्रत्येक प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि संबंधित विभाग समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करते हैं ताकि विकास कार्यों की गति और गुणवत्ता बनी रहे।

सदन में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार सरकार का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में व्यवस्थित अधोसंरचना विकसित करना है, जिसमें सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज, बिजली, सार्वजनिक स्थानों और अन्य सुविधाओं का समावेश है। मंत्री ने कहा कि विकास योजनाओं का लक्ष्य नागरिकों को सुगम और प्रभावी प्रशासन उपलब्ध कराना है, जिससे विभिन्न वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।

चर्चा के दौरान राजस्व एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। मंत्री ने बताया कि विभाग प्राकृतिक आपदाओं और आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयारियों को सुदृढ़ करने पर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन से संबंधित योजनाओं का उद्देश्य राहत एवं पुनर्वास कार्यों को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से संचालित करना है। इसके साथ ही भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और राजस्व प्रक्रियाओं के सरलीकरण की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं।

नागरिक उड्डयन विभाग से जुड़े प्रश्नों के उत्तर में मंत्री ने कहा कि हवाई संपर्क और संबंधित अधोसंरचना के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तरों पर समन्वय किया जा रहा है, ताकि क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहन मिल सके। हालांकि, विस्तृत परियोजनाओं की जानकारी संबंधित विभागीय दस्तावेजों में उपलब्ध है।

मंत्री ने अपने वक्तव्य में यह भी कहा कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ाया गया है। ऑनलाइन सेवाओं, पोर्टल आधारित आवेदन और समयबद्ध निस्तारण प्रणाली के माध्यम से नागरिकों को सुविधा प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शासन प्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग और ऑडिट प्रक्रियाएं अपनाई जाती हैं।

विपक्ष द्वारा उठाए गए कुछ प्रश्नों में योजनाओं के क्रियान्वयन की गति और जमीनी स्तर पर प्रभाव को लेकर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि विभिन्न योजनाओं के प्रभाव का आकलन विभागीय समीक्षा बैठकों और क्षेत्रीय निरीक्षणों के माध्यम से किया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर कमियां पाई जाती हैं तो उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते हैं।

सदन में प्रस्तुत वक्तव्य के दौरान मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि राज्य सरकार की नीतियां विधिक प्रावधानों के अनुरूप तैयार की जाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक निर्णयों का उद्देश्य नागरिकों को पारदर्शी, सुगम और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना है। विकास कार्यों की निरंतरता और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।

बजट सत्र के संदर्भ में उन्होंने यह भी कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष के लिए योजनाओं और परियोजनाओं को वित्तीय प्रावधानों के अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि बजट में शामिल प्रावधानों का उपयोग निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा और विभागीय स्तर पर निगरानी की व्यवस्था रहेगी।

सत्र के दौरान प्रस्तुत विचारों में यह भी उल्लेख किया गया कि राज्य में समग्र और संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय आवश्यक है। शहरी स्थानीय निकाय, राजस्व विभाग और अन्य संबद्ध विभागों के माध्यम से नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि विकास की प्रक्रिया निरंतर चलने वाली है और समय-समय पर आवश्यक सुधार किए जाते हैं।

चर्चा के अंत में उन्होंने यह विश्वास व्यक्त किया कि सदन में उठाए गए सुझावों और प्रश्नों को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य जनहित में कार्य करना है और इसके लिए पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि विभागीय स्तर पर प्राप्त फीडबैक को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि नीतियों और योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सके।

इस प्रकार बजट सत्र के दौरान हुई चर्चा में विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली, योजनाओं और प्रशासनिक दृष्टिकोण पर विचार प्रस्तुत किए गए। सदन में हुई प्रश्नोत्तर प्रक्रिया के माध्यम से शहरी विकास, राजस्व प्रबंधन और अन्य संबंधित विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा की गई। आगे की कार्रवाई और निर्णय विधिक एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं के अनुरूप लिए जाएंगे।

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