16 जून से 31 जुलाई तक घर-घर वितरित होंगे ओआरएस पैकेट व जिंक की गोलियां
फरीदाबाद, 09 जून। अतिरिक्त उपायुक्त अंजलि श्रोत्रिया ने जिले के सभी अभिभावकों से 28 जून से 30 जून 2026 तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को बनाए रखने के लिए प्रत्येक पांच वर्ष तक के बच्चे को पोलियो रोधी दवा की खुराक पिलाना अत्यंत आवश्यक है।
एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में 28 जून से 30 जून 2026 तक विशेष पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। अभियान के प्रथम दिन 28 जून को जिलेभर में स्थापित पोलियो बूथों पर बच्चों को पोलियो की बूंदें पिलाई जाएंगी, जबकि 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को दवा पिलाएंगी जो किसी कारणवश बूथों तक नहीं पहुंच पाए।
उन्होंने कहा कि पोलियो एक गंभीर बीमारी है, जिससे बच्चों को स्थायी शारीरिक विकलांगता का सामना करना पड़ सकता है। इससे बचाव का सबसे प्रभावी उपाय समय-समय पर बच्चों को पोलियो रोधी खुराक दिलाना है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने जन्म से लेकर पांच वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों को पोलियो की बूंदें अवश्य पिलवाएं।
एडीसी ने बताया कि जिले में बच्चों को डायरिया जैसी मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से 16 जून से 31 जुलाई 2026 तक विशेष जागरूकता एवं वितरण अभियान भी चलाया जा रहा है। इस अवधि के दौरान आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर परिवारों को ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) के पैकेट तथा जिंक की गोलियां वितरित की जाएंगी। साथ ही उन्हें दस्त होने की स्थिति में ओआरएस घोल तैयार करने और जिंक के उपयोग के संबंध में आवश्यक जानकारी भी प्रदान की जाएगी।
अंजलि श्रोत्रिया ने कहा कि बरसात के मौसम में बच्चों में डायरिया के मामले बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में समय पर ओआरएस और जिंक का उपयोग बच्चों को निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे आशा कार्यकर्ताओं का सहयोग करें तथा स्वास्थ्य संबंधी सलाह का पालन करें।
उन्होंने बताया कि पल्स पोलियो अभियान के सफल संचालन के लिए जिलेभर में पोलियो बूथ स्थापित किए जाएंगे तथा स्वास्थ्य कर्मियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा वर्करों की टीमें तैनात की जाएंगी। इसके अतिरिक्त बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, प्रमुख बाजारों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी विशेष टीमों द्वारा बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी ताकि कोई भी बच्चा इस महत्वपूर्ण टीकाकरण से वंचित न रहे।
एडीसी ने सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों तथा प्रबुद्ध नागरिकों से दोनों जनस्वास्थ्य अभियानों के व्यापक प्रचार-प्रसार में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से ही बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि 28 जून को अपने नजदीकी पोलियो बूथ पर पहुंचकर तथा अगले दो दिनों तक स्वास्थ्य विभाग की टीमों का सहयोग कर अपने बच्चों को पोलियो की बूंदें अवश्य पिलवाएं तथा आशा कार्यकर्ताओं द्वारा वितरित किए जा रहे ओआरएस और जिंक का आवश्यकता पड़ने पर सही तरीके से उपयोग करें।

