– केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने नालों, ड्रेनों और जल निकासी मार्गों को पूरी तरह कार्यशील रखने के दिए निर्देश
– मुख्य मार्गों और ग्रीन बेल्ट में बड़े पैमाने पर होगा पौधारोपण
– प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर दिव्यांगजनों के लिए विशेष शिविर और जनकल्याण कार्यक्रम होंगे आयोजित
फरीदाबाद, 19 जून। भारत सरकार में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि फरीदाबाद के समग्र विकास, जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान, सड़क एवं यातायात व्यवस्था में सुधार तथा हरित वातावरण के निर्माण के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर मिशन मोड में कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार जल निकासी व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी कुछ क्षेत्रों में अतिरिक्त प्रयासों की आवश्यकता है ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के पौधारोपण गतिविधियों की तैयारी और स्थिति, तथा जल-जमाव/मानसून की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक करते हुए सेक्टर-21 से सैनिक कॉलोनी, लकड़पुर, प्याली, भड़कल तथा अन्य क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उनके साथ सीईओ एफएमडीए पी सी मीणा, नगर निगम कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा, डीसी आयुष सिन्हा, अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम सलोनी शर्मा, एडीसी अंजलि श्रोत्रिया भी मौजूद रही।
केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए सभी नालों, ड्रेनों एवं जल निकासी मार्गों को पूरी तरह कार्यशील रखा जाए तथा जहां कहीं भी अवरोध की संभावना हो उसे तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि शहर में यातायात सुगमता बढ़ाने के लिए विभिन्न स्थानों पर सड़क सुधार एवं वैकल्पिक मार्गों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर सर्विस रोड, यू-टर्न अथवा अन्य यातायात संबंधी सुधार कार्य प्रस्तावित हैं, उन्हें निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए ताकि नागरिकों को जाम की समस्या से राहत मिल सके।
बैठक के दौरान विभिन्न चौकों के सौंदर्यीकरण एवं पुनर्विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कई प्रमुख चौकों की डिजाइन तैयार कर ली गई है तथा उपयोगिताओं के स्थानांतरण के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा और संबंधित एजेंसियां निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करें।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कई महत्वपूर्ण स्थानों पर जल निकासी के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं। कुछ स्थानों पर पुराने एवं क्षतिग्रस्त ढांचों की मरम्मत की गई है तथा आवश्यकतानुसार नए नालों का निर्माण एवं चौड़ीकरण भी किया गया है। मंत्री ने निर्देश दिए कि जलभराव की समस्या वाले सभी चिन्हित बिंदुओं की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी शिकायत का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।
केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने वृक्षारोपण अभियान को लेकर विशेष निर्देश देते हुए कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लगाए गए पौधों के जीवित रहने की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी और ठेकेदार की होगी। यदि किसी स्थान पर पौधे नष्ट होते हैं तो उनकी पुनः रोपाई कराई जाए तथा नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद को हरित एवं स्वच्छ शहर बनाने के उद्देश्य से इस वर्ष बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। मुख्य मार्गों, ग्रीन बेल्ट, संस्थागत क्षेत्रों तथा उपलब्ध सरकारी भूमि पर बड़े पैमाने पर पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे एवं अन्य प्रमुख मार्गों के आसपास भी हरित पट्टी विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे पौधों का चयन किया जाए जो कम समय में विकसित होकर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ शहर की सुंदरता में भी वृद्धि करें।
केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पौधारोपण कार्य के लिए दीर्घकालीन योजना तैयार की जाए तथा कम से कम तीन वर्षों तक पौधों के रखरखाव की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण जनभागीदारी से ही संभव है और इसके लिए सामाजिक संगठनों, आरडब्ल्यूए, पंचायतों एवं जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाए।
केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि आगामी 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर जिले में दिव्यांगजनों के लिए एक व्यापक एवं प्रभावी जनकल्याण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके लिए अभी से तैयारी प्रारंभ करते हुए पात्र लाभार्थियों का सर्वेक्षण, आंकड़ों का संकलन तथा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक ब्लॉक एवं शहरी क्षेत्र से संबंधित दिव्यांगजनों की सूची तैयार कर उनका सत्यापन किया जाए ताकि वास्तविक लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिले में 60 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उनकी विस्तृत सूची तैयार की जाए तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों, पार्षदों, आशा कार्यकर्ताओं एवं अन्य स्थानीय निकायों के सहयोग से अधिक से अधिक लाभार्थियों को विशेष शिविरों में शामिल किया जाए।
समीक्षा बैठक में निगम जॉइंट कमिश्नर गौरव अंतिल सहित अन्य सभी विभागों के संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।

