अपनी हार स्वीकार करने के बजाय चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर निशाना साध रही कांग्रेस: धर्मेंद्र प्रधान
देश राहुल गांधी की इच्छा से नहीं, देशवासियों के जनादेश से चलेगा: धर्मेंद्र प्रधान
फरीदाबाद, 1 नवंबर। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जनता का विश्वास हासिल करने में असफल हो रहे लोग अब संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाकर अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं। लोकतंत्र में सरकार जनता के आशीर्वाद और जनादेश से बनती है। दबाव, दादागिरी और अराजकता के सहारे सत्ता हासिल करने की सोच स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि भारत को बांग्लादेश नहीं बनने दिया जाएगा और देश के जनादेश पर भीड़तंत्र को हावी नहीं होने देंगे।
रविवार को फरीदाबाद में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश की मालिक जनता है। जनता की इच्छा और उसके निर्णय से ही देश चलेगा। चुनाव में हार मिलने पर जनता के बीच जाकर अपनी कमियों को समझने के बजाय चुनाव आयोग, न्यायपालिका और संसद जैसी संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक जिम्मेदारी से बचने का प्रयास है।
लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ विशाल पदयात्रा का भव्य आयोजन केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के संयोजन में बडखल विधानसभा के बी.के चौक से शुरू होकर हार्डवेयर चौक एन.आई.टी में किया गया । पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं सांसद धर्मेन्द्र प्रधान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और गुरुग्राम के सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राव इन्द्रजीत सिंह मुख्य तौर पर उपस्थित रहे। पूरी यात्रा के दौरान देशभक्ति के नारों और ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ की गूंज सुनाई दी। कार्यकर्ताओं और जनता ने हाथों में तिरंगा और पार्टी के झंडे लेकर देश विरोधी एवं अराजकतावादी ताकतों के खिलाफ एकजुट रहने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया।
राहुल गांधी पर तंज कसते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने ‘अंगूर खट्टे हैं’ की कहावत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पिछले बीस वर्षों से प्रधानमंत्री बनने की आकांक्षा लेकर घूम रहे हैं, लेकिन जनता का समर्थन नहीं मिलने पर संस्थाओं को दोष देने लगते हैं। आजादी के बाद उनके परिवार को लंबे समय तक शासन करने का अवसर मिला। वर्ष 2004 से 2014 तक भी कांग्रेस के पास देश की सेवा करने का अवसर था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उस अवसर का उपयोग भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और देशहित से समझौते के लिए किया।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश की जनता ने वर्ष 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को विपक्ष में बैठने का जनादेश दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा तथा एनडीए पर विश्वास जताया। कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि बार-बार मिल रहा यह समर्थन जनता के विश्वास का परिणाम है। देश किसी परिवार की जागीर नहीं है कि उसकी इच्छा के अनुसार ही हर निर्णय और चुनाव परिणाम आए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा ने चुनावी पराजयों को भी स्वीकार किया है। उन्होंने केरल, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना और हरियाणा के लोकसभा चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां जनता ने भाजपा के पक्ष में निर्णय नहीं दिया, वहां पार्टी ने जनादेश स्वीकार किया। कांग्रेस की परेशानी तब शुरू होती है, जब वही जनता नरेंद्र मोदी और भाजपा पर भरोसा जताती है। लोकतंत्र में जीत का उत्सव मनाने के साथ हार स्वीकार करने का साहस भी होना चाहिए। मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सूची में सुधार की प्रक्रिया कोई नई व्यवस्था नहीं है। कांग्रेस के शासनकाल में भी ऐसी प्रक्रियाएं होती रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जो प्रक्रिया पहले स्वीकार्य थी, वही आज चुनाव आयोग करे तो उसे भाजपा से मिलीभगत बताना कहां तक उचित है?
उन्होंने उपस्थित जनसमूह से पूछा कि क्या विदेशी नागरिकों, रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों के नाम भारत की मतदाता सूची में होने चाहिए? क्या किसी व्यक्ति के निधन के बाद भी उसका नाम सूची में बना रहना चाहिए? क्या एक ही व्यक्ति का नाम तीन अलग-अलग स्थानों की मतदाता सूचियों में दर्ज होना चाहिए? उन्होंने कहा कि मृत व्यक्तियों के नाम, दोहरी प्रविष्टियों और स्थान बदल चुके मतदाताओं के रिकॉर्ड को दुरुस्त करना आवश्यक है। उन्होंने सूची से छूटे पात्र नागरिकों के लिए उपलब्ध प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि संबंधित प्रमाण प्रस्तुत करके नाम जुड़वाया जा सकता है। उन्होंने अपने संबोधन में 11 प्रकार के प्रमाणपत्रों और फॉर्म-6 की व्यवस्था का भी उल्लेख किया।
कांग्रेस की संगठनात्मक भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राजनीतिक दलों के पास बीएलए-2 नियुक्त करने और मतदाता सूची की प्रक्रिया में भाग लेने की व्यवस्था है। कांग्रेस को भी यह अवसर उपलब्ध है। उन्होंने पूछा कि कांग्रेस के प्रतिनिधि प्रक्रिया में सक्रिय क्यों नहीं हुए और समय रहते आपत्तियां क्यों नहीं उठाईं? जनता से संपर्क नहीं करना, मतदान केंद्रों पर अपने प्रतिनिधि नहीं लगाना और बाद में चुनाव आयोग को दोष देना अपनी जिम्मेदारी से बचना है। उन्होंने कांग्रेस पर टिकट वितरण में परिवारवाद, पैसे के प्रभाव और अपने ही कार्यकर्ताओं की उपेक्षा के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी हार के वास्तविक कारणों का सामना करना चाहिए। अपने संगठन की कमियों और जनता से बढ़ती दूरी का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ने से सच्चाई नहीं बदलेगी।
निर्वाचन आयोग में नियुक्तियों के विषय पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वर्तमान चयन व्यवस्था में प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली समिति में नेता प्रतिपक्ष की भी भागीदारी है। इसके बावजूद कांग्रेस आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती रहती है। उन्होंने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि देश किसी की व्यक्तिगत पसंद से नहीं, देशवासियों की इच्छा और संवैधानिक व्यवस्था से चलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके माता-पिता को लेकर की गई टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस नेतृत्व की राजनीतिक भाषा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता का समर्थन प्राप्त करने के बजाय व्यक्तिगत हमलों, भय और दबाव की राजनीति की जा रही है। सत्ता तक पहुंचने का रास्ता जनता का विश्वास है, अराजकता और दहशत नहीं।
भाजपा की राजनीतिक यात्रा का उल्लेख करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेताओं ने भी पराजय स्वीकार की थी। दो लोकसभा सीटों से आगे बढ़ी भाजपा को आज लगातार तीसरी बार देश की सेवा का अवसर मिला है। यह अवसर किसी की कृपा से नहीं, देश की माताओं, किसानों, नौजवानों और नागरिकों के आशीर्वाद से मिला है। उन्होंने भाजपा को ‘अंगद का पैर’ बताते हुए कहा कि संगठन की मजबूती उसके कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत और निरंतर जनसेवा से आती है। कार्यक्रम में ‘लोकतंत्र रक्षक’ के रूप में उपस्थित कार्यकर्ताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यही कार्यकर्ता भाजपा की असली ताकत हैं। जनता के बीच रहकर काम करने और उसके सुख-दुख में सहभागी बनने से ही उसका विश्वास जीता जाता है।
संसद की कार्यवाही को लेकर धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष पर चर्चा से बचने और बाहर हंगामा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र को व्यवधान की भेंट चढ़ाया गया, जबकि सरकार विभिन्न विषयों पर चर्चा के लिए तैयार थी। भाजपा और एनडीए देश के नागरिकों की सुरक्षा, विकास तथा लोकतंत्र की मजबूती के लिए सदैव तत्पर हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अभियान का संदेश जिलों और विधानसभा क्षेत्रों से आगे जन-जन तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति और विकास को स्वीकार नहीं कर पा रहे लोग भीड़तंत्र का सहारा ले रहे हैं। ऐसे प्रयासों के विरुद्ध नागरिकों को जागरूक करना और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति विश्वास मजबूत करना आवश्यक है। यह कार्यक्रम शुरुआत है; लोकतंत्र के सम्मान और जनता के अधिकारों की रक्षा का संकल्प निरंतर आगे बढ़ना चाहिए।
केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का जनादेश सर्वोपरि है और सभी राजनीतिक दलों को उसका सम्मान करना चाहिए। आज देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ है। विपक्ष को विरोध के नाम पर अराजकता फैलाने के बजाय लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश विकास, सुशासन और राष्ट्रीय गौरव के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की जागरूक जनता देश की प्रगति में बाधा डालने वाले किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगी।
केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस द्वारा युवाओं में भ्रम और झूठ फैलाया जा रहा है। कांगेस द्वारा देश में अराजकता का माहौल बनाने, संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने और युवाओं को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। वोट काटने की बात करने वाली कांग्रेस पहले अपने गिरेबान में झांककर देखे, इनका इतिहास कितना अलोकतांत्रिक एवं दागदार है। इनके चेहरे पर कालिख लगी है और ये आइना साफ़ कर रहे हैं । आज इस जन आक्रोश ने दिखा दिया है कि जनता का अटूट विश्वास मोदी में है, लोकतंत्र और संविधान में है । आज देश समझ चुका है, इनके हाथ में तो संविधान है, तिरंगा है, लेकिन इनके दिल में ना संविधान है, ना तिरंगा है । रिजीम चेंज पर इनकी मानसिकता बाहर आ गई है ये लोकतंत्र नहीं अराजकता से सत्ता हथियाना चाहते हैं । श्री गुर्जर ने कहा देश संविधान से चलेगा, अराजकता से नहीं ।
इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री गोपाल शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक मंगला, फरीदाबाद के जिला अध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल, फरीदाबाद महानगर के जिला अध्यक्ष सोहनपाल सिंह, हरियाणा के उद्योग एवं पर्यावरण मंत्री राव नरवीर सिंह, खाद्य मंत्री राजेश नागर, खेल मंत्री गौरव गौतम, बडखल के विधायक धनेश अदलखा, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं बल्लभगढ़ के विधायक मूलचन्द शर्मा, एन.आई.टी के विधायक सतीश फागना, महापौर फरीदाबाद प्रवीण बत्रा जोशी, होडल के विधायक हरेन्द्र राम रत्न, गुरुग्राम से विधायक मुकेश शर्मा, विधायक बिमला चौधरी, विधायक तेजपाल तंवर, प्रदेश सह कोषाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक नरेंद्र गुप्ता, राष्ट्रीय परिषद् सदस्य संदीप जोशी, पदयात्रा के प्रभारी बिजेंद्र दलाल, पूर्व वरिष्ठ महापौर देवेन्द्र चौधरी, भनीराम मंगला, पलवल के जिला अध्यक्ष विपिन बैसला, गुरुग्राम के जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी, गुरुग्राम ग्रामीण जिला अध्यक्ष अजित सिंह मेवात के जिला अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह, पूर्व शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा, जिला परिषद के अध्यक्ष विजय लोहिया, जिला प्रभारी लतिका शर्मा, कमल यादव, राजकुमार वोहरा, नागेन्द्र शर्मा,पूर्व जिला अध्यक्ष पलवल चरणसिंह तेवेतिया, भाजपा नेता अमन गोयल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ओमप्रकाश रक्षवाल, पार्षद अजय बैसला, पूर्व विधायक प्रवीण डागर, भाजपा जिला महामंत्री चौधरी प्रवीण गर्ग, शोभित अरोड़ा, कविन्द्र फागना, अनुराग गर्ग, पार्षद अनिल नागर, जिला मीडिया प्रभारी विनोद गुप्ता, अमित मिश्रा, मंडल अध्यक्ष अमित आहूजा, भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, विभिन्न मोर्चों व प्रकोष्ठों के अध्यक्ष, पार्षद सहित अनेक जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में लोकतंत्र रक्षक उपस्थित रहे ।

