– वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए 5 से 20 नवंबर तक एनसीआर में निर्माण एवं ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा
– निजी प्रतिष्ठानों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम सुनिश्चित करने के निर्देश, जिलों में टीमें गठित कर की जाएगी औचक जांच
– प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सीएक्यूएम अध्यक्ष राजेश वर्मा ने एनसीआर के उपायुक्तों के साथ की समीक्षा बैठक
फरीदाबाद, 03 नवंबर। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण की रोकथाम तथा सर्दियों के दौरान वायु गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने एनसीआर के सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। बैठक में उन्होंने वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए आयोग द्वारा 30 अक्टूबर को जारी किए गए दो महत्वपूर्ण आदेशों की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक की अध्यक्षता कैंप कार्यालय से उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने की।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने कहा कि आयोग द्वारा जारी आदेश के तहत 5 नवंबर से 20 नवंबर तक एनसीआर क्षेत्र में सभी प्रकार की बाहरी निर्माण एवं ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह प्रतिबंध सरकारी एवं निजी क्षेत्र, दोनों की निर्माण गतिविधियों पर समान रूप से लागू होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क, भवन, विकास कार्यों तथा अन्य निर्माण परियोजनाओं को भी आदेश के दायरे में रखा गया है। संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीन चल रहे निर्माण कार्यों को निर्धारित अवधि के दौरान बंद करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं एवं आवश्यक बुनियादी ढांचा सेवाओं से जुड़ी गतिविधियों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार छूट प्रदान की गई है। इनमें रेलवे, मेट्रो, हवाई अड्डे, रक्षा तथा अस्पताल, जलापूर्ति एवं स्वच्छता जैसी आवश्यक सेवाओं से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। छूट केवल आयोग के आदेश में निर्धारित श्रेणियों के अनुसार ही मान्य होगी। उन्होंने कहा की विशेष रूप से रैखिक परियोजनाओं में जहां सड़क की मिलिंग या डिगिंग का कार्य पहले ही किया जा चुका है, वहां खुली सतह से धूल उड़ने की स्थिति में धूल नियंत्रण के लिए उपयुक्त परत बिछाने जैसे उपायों पर केवल संबंधित परिस्थितियों में विचार किया जा सकता है। इसे किसी भी स्थिति में निर्माण गतिविधियां दोबारा शुरू करने की सामान्य अनुमति नहीं माना जाएगा।
उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने वीसी के माध्यम से आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा को आश्वस्त किया कि जिले में दोनों आदेशों की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि निर्माण एवं ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर रोक के संबंध में नगर निगम सहित संबंधित विभागों द्वारा पहले से ही कार्रवाई की जा रही है। वहीं, निजी प्रतिष्ठानों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू करवाने हेतु आवश्यक आदेश जारी किए जाएंगे। इसके लिए जिला स्तर पर टीमें गठित कर औचक निरीक्षण भी किए जाएंगे, ताकि आदेशों का उल्लंघन न हो और सड़कों पर यातायात का दबाव कम किया जा सके।
डीसी आयुष सिन्हा ने कहा कि जिला प्रशासन इन दोनों आदेशों की अनुपालना को लेकर पूरी तरह गंभीर है। सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर नियमित निगरानी की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन उपायों का मुख्य उद्देश्य वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण करना, अनावश्यक वाहनों की आवाजाही कम करना तथा सड़कों पर यातायात का दबाव घटाना है। जिला प्रशासन द्वारा जनहित में जारी दिशा-निर्देशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आमजन को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रदूषण की समस्या से राहत दिलाई जा सके।
बैठक में सीटीएम अंकित कुमार, सीईओ जिला परिषद शिखा, आरटीओ सचिव मुनीश सहगल, डीएफएससी कविता परिहार सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।

