– लेक्चर, डेमो व मॉक ड्रिल के जरिए स्टॉफ व छात्रों को किया जागरूक
– भूकंप, आग व युद्ध के समय घबराएं नहीं, संयम से काम लें
रोहतक। दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) में मंगलवार को स्टॉफ व छात्रों को आपदा के समय जान बचाने के तरीके बताए गए। डिजास्टर मैनेजमेंट अवेयरनेस सेशन आयोजित करते हुए राष्ट्रपति अवार्डी, पूर्व डीएसओ लक्ष्मण सिंह को बतौर एक्सपर्ट आमंत्रित किया गया। उन्होंने लेक्चर, लाइव डेमो व ड्रिल के जरिए टीचिंग, नॉन टीचिंग स्टॉफ व छात्रों का आह्वान किया कि भूकंप, आग या युद्ध की स्थिति में घबराएं नहीं, बल्कि संयम से काम लें।
फैकेल्टी ऑफ प्लानिंग एवं आर्किटेक्चर के सेमीनार हॉल में लेक्चर देते हुए लक्ष्मण सिंह ने कहा कि आपदा कभी भी और कहीं भी आ सकती है। ऐसी स्थिति में सिर्फ जागरूक व्यक्ति ही अपनी व अन्य लोगों की जान बचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि भूकंप आने पर घबराने की बजाए सुरक्षित स्थान की तलाश करें। यदि आप घर या कार्यालय के अंदर हैं तो मजबूत मेज के नीचे बैठ जाएं और अपने सिर व गर्दन को हाथों से ढक लें। खिड़कियों, शीशों, अलमारियों व भारी सामान से दूर रहें। लिफ्ट का प्रयोग बिल्कुल न करें। झटके बंद होने के बाद सावधानीपूर्वक खुले मैदान में जाएं। यदि आप बाहर हैं तो इमारतों, बिजली के खंभों व पेड़ों से दूर रहें। भूकंप के बाद गैस व बिजली की आपूर्ति बंद कर दें। आग लगने की स्थिति में उन्होंने कहा कि तुरंत आसपास के लोगों को सूचित करें और अग्निशमन सेवा को फोन करें। आग लगने पर लिफ्ट का प्रयोग न करें, बल्कि सीढ़ियों से बाहर निकलें। धुआं होने पर जमीन के पास झुककर या रेंगकर बाहर निकलें। यदि कपड़ों में आग लग जाए तो भागने के बजाय रुकें, जमीन पर लेटें और लुढ़कें। अग्निशामक यंत्र का सही तरीके से प्रयोग करना सीखें। उनकी टीम में अन्य एक्सपर्ट सुखबीर सिंह व अक्षय भी शामिल रहे।
लक्ष्मण सिंह ने कहा कि युद्ध या हवाई हमले की स्थिति में सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। सायरन बजने पर तुरंत सुरक्षित आश्रय स्थल, बेसमेंट या फिर मजबूत इमारत के अंदर चले जाएं। खिड़कियों व दरवाजों से दूर रहें। अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। रेडियो, मोबाइल या सरकारी सूचना माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं पर ध्यान दें। किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक को न छुएं और उसकी सूचना प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल के माध्यम से लोगों को वास्तविक आपदा जैसी स्थिति में बचाव कार्यों का अभ्यास कराया जाता है। इसमें निकासी प्रक्रिया, प्राथमिक उपचार, अग्निशामक यंत्र का उपयोग, सुरक्षित स्थानों की पहचान व आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करने का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसी कड़ी में आपात स्थिति में रस्सी के सहारे किसी भी बिल्डिंग से उतरने, घायल को सुरक्षित बाहर निकालने की विधि भी बताई। बाद में अलग-अलग तरह की आग को बुझाने के लिए प्रयोग होने वाले फायर एक्सटिंग्विशर के बारे में जानकारी दी। इस दौरान स्टॉफ व छात्रों को अपने

