संवाददाता – Divyanshu Ojha (Journalist)
फरीदाबाद में सामाजिक समरसता, परंपरा और सहभागिता का संदेश देने के उद्देश्य से अखिल भारतीय किन्नर समाज द्वारा 31 जनवरी को एक विशाल कलश यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन को लेकर शहर में तैयारियां जोरों पर हैं और समाज के विभिन्न वर्गों में उत्साह देखा जा रहा है।
यह जानकारी सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर के प्रधान डॉ. राजेश भाटिया ने साझा की। उन्होंने बताया कि यह कलश यात्रा दशहरा ग्राउंड, एनआईटी से दोपहर 12 बजे आरंभ होकर शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए एनआईटी मार्केट नंबर-1 स्थित सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर तक पहुंचेगी, जहां इसका औपचारिक स्वागत किया जाएगा।
कलश यात्रा का मार्ग और कार्यक्रम
आयोजकों के अनुसार, कलश यात्रा का उद्देश्य केवल एक धार्मिक आयोजन करना नहीं, बल्कि सामाजिक समावेशन और आपसी सम्मान का संदेश देना भी है। यात्रा के दौरान पारंपरिक वेशभूषा, सांस्कृतिक झलकियां और अनुशासित रूप से आगे बढ़ता जुलूस देखने को मिलेगा। यात्रा का समापन सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर परिसर में होगा, जहां मंदिर प्रबंधन की ओर से स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
मंदिर में भेंट और सांस्कृतिक प्रस्तुति
फरीदाबाद की गुरु मां मनीषा, राखी तथा आवी दीक्षित ने जानकारी दी कि यात्रा के मंदिर पहुंचने पर किन्नर समाज द्वारा चांदी का मुकुट और घंटा मंदिर को भेंट किया जाएगा। इसे परंपरा और श्रद्धा से जुड़ा एक प्रतीकात्मक आयोजन बताया गया है, जो सामाजिक सहभागिता को दर्शाता है।
“किन्नर समाज हमारे समाज का अभिन्न अंग” – डॉ. राजेश भाटिया
डॉ. राजेश भाटिया ने कहा कि किन्नर समुदाय भारतीय समाज का अभिन्न हिस्सा रहा है और सदियों से सामाजिक-सांस्कृतिक परंपराओं में उनकी भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सम्मान, संवाद और समरसता का भाव मजबूत होता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य सभी नागरिकों को एक मंच पर लाकर सकारात्मक सामाजिक संदेश देना है, ताकि विविधता के साथ एकता की भावना को बल मिले।
स्वागत की तैयारियां
मंदिर प्रबंधन के अनुसार, कलश यात्रा के मंदिर परिसर में पहुंचने पर पारंपरिक ढंग से स्वागत किया जाएगा। इस दौरान ढोल-नगाड़ों और सांस्कृतिक धुनों के साथ आयोजन को गरिमामय रूप दिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान शांति, अनुशासन और सहयोग बनाए रखने के लिए स्वयंसेवक भी तैनात रहेंगे।
सामाजिक सहभागिता और संदेश
आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों—स्थानीय निवासियों, दुकानदारों, युवाओं और सामाजिक संगठनों—को सकारात्मक सहभागिता के लिए आमंत्रित करता है। कार्यक्रम का फोकस सम्मानजनक सहभाग पर रहेगा, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
समावेशन की दिशा में एक कदम
किन्नर/ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े आयोजनों का उद्देश्य केवल धार्मिक या सांस्कृतिक गतिविधि नहीं, बल्कि समावेशन, पहचान और सम्मान को बढ़ावा देना भी होता है। इस तरह के सार्वजनिक आयोजन समाज में संवाद को बढ़ाते हैं और विभिन्न समुदायों के बीच आपसी समझ विकसित करते हैं।
आमजन से अपील
आयोजकों और मंदिर प्रबंधन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे कार्यक्रम में शांतिपूर्ण और अनुशासित रूप से भाग लें, ट्रैफिक और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और आयोजन की गरिमा बनाए रखें। यह कार्यक्रम सामाजिक-सांस्कृतिक सौहार्द को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
निष्कर्ष
31 जनवरी को फरीदाबाद में प्रस्तावित अखिल भारतीय किन्नर समाज की कलश यात्रा एक सांस्कृतिक-सामाजिक आयोजन के रूप में आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य परंपरा के साथ-साथ समावेशन और सम्मान का संदेश देना है। मंदिर प्रबंधन और आयोजकों की तैयारियों के बीच यह कार्यक्रम शहर में सकारात्मक सहभागिता का अवसर प्रदान करेगा।

