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फरीदाबाद में केंद्रीय बजट 2026–27 को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में नगर निगम फरीदाबाद की मेयर प्रवीण बत्रा जोशी ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे देश की आर्थिक दिशा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण नीतिगत दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बजट में विकास, स्थिरता और दीर्घकालिक योजनाओं पर जोर दिया गया है।

मेयर के अनुसार, केंद्रीय बजट किसी भी सरकार के लिए केवल आय–व्यय का ब्योरा नहीं होता, बल्कि यह उस सोच और प्राथमिकताओं को दर्शाता है, जिनके आधार पर आने वाले वर्षों की नीतियां तय होती हैं। उन्होंने कहा कि इस बजट में विभिन्न क्षेत्रों को ध्यान में रखकर प्रावधान किए गए हैं, जिनका प्रभाव आने वाले समय में दिखाई देगा।


बजट और आर्थिक स्थिरता पर प्रतिक्रिया

महापौर प्रवीण बत्रा जोशी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव जैसी चुनौतियां देखने को मिली हैं। ऐसे माहौल में बजट का उद्देश्य आर्थिक स्थिरता बनाए रखना और विकास की निरंतरता सुनिश्चित करना होता है।

उनका कहना था कि बजट में—

  • वित्तीय अनुशासन

  • नियंत्रित महंगाई

  • दीर्घकालिक विकास रणनीति

जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए यह आवश्यक होता है कि वह अल्पकालिक दबावों के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों को भी संतुलित कर सके।


विनिर्माण और आत्मनिर्भरता से जुड़े पहलू

मेयर ने बजट में घरेलू विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और आत्मनिर्भरता से जुड़े प्रावधानों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आयात पर निर्भरता कम करने और स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन देने के प्रयास लंबे समय से नीति चर्चा का हिस्सा रहे हैं।

उनके अनुसार—

  • सेमीकंडक्टर से जुड़े कार्यक्रम

  • कच्चे माल की उपलब्धता

  • अनुसंधान और कौशल विकास

जैसे क्षेत्रों पर ध्यान देना भविष्य की औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का वास्तविक प्रभाव तभी स्पष्ट होगा, जब ये योजनाएं जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू होंगी।


एमएसएमई सेक्टर को लेकर उम्मीदें

महापौर ने लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योग (MSME) क्षेत्र से जुड़े बजटीय प्रावधानों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए अहम माना जाता है।

उन्होंने बताया कि—

  • MSME के लिए ग्रोथ फंड

  • पुराने औद्योगिक क्षेत्रों के पुनरुद्धार

  • प्रतिस्पर्धी इकाइयों को बढ़ावा

जैसे उपायों का उद्देश्य उद्योगों को मजबूत करना है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इन प्रावधानों का लाभ तभी व्यापक रूप से मिलेगा, जब छोटे उद्यमियों तक जानकारी और सहायता समय पर पहुंचे।


बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी

बजट में बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी पर किए गए प्रावधानों को लेकर मेयर ने कहा कि सड़क, रेल और शहरी परिवहन से जुड़े निवेश आर्थिक गतिविधियों को गति देते हैं। उन्होंने कहा कि—

  • कैपिटल एक्सपेंडिचर

  • टियर-2 और टियर-3 शहरों पर फोकस

  • परिवहन नेटवर्क का विस्तार

व्यापार और आवागमन को बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं। उनका कहना था कि ऐसे निवेशों का प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन व्यापक स्तर पर दिखाई देता है।


शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास

महापौर प्रवीण बत्रा जोशी ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में किए गए प्रावधान समाज के दीर्घकालिक विकास से जुड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि—

  • कौशल विकास कार्यक्रम

  • स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

  • शिक्षा के लिए वित्तीय सहयोग

मानव संसाधन को सशक्त बनाने में भूमिका निभाते हैं। उनके अनुसार, इन क्षेत्रों में निरंतर निवेश से ही समावेशी विकास संभव होता है।


महिलाओं और सामाजिक वर्गों से जुड़े पहलू

मेयर ने बजट में महिलाओं और विभिन्न सामाजिक वर्गों के लिए किए गए प्रावधानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े उपायों का उद्देश्य समाज में भागीदारी बढ़ाना है।

उनका कहना था कि—

  • नीतिगत घोषणाओं के साथ

  • जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन

भी उतना ही महत्वपूर्ण है। तभी योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से लक्षित वर्गों तक पहुंच सकता है।


हरित ऊर्जा और पर्यावरणीय दृष्टिकोण

बजट में हरित ऊर्जा, सौर ऊर्जा, बैटरी स्टोरेज और टिकाऊ परिवहन से जुड़े प्रावधानों पर प्रतिक्रिया देते हुए महापौर ने कहा कि पर्यावरणीय संतुलन आज वैश्विक चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि—

  • ऊर्जा सुरक्षा

  • पर्यावरण संरक्षण

  • सतत विकास

के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है। उनके अनुसार, इन क्षेत्रों में किए गए निवेश भविष्य की पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण होंगे।


मध्यम वर्ग और कर संबंधी मुद्दे

मेयर ने कहा कि मध्यम वर्ग की अपेक्षाएं हर बजट में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा और चिकित्सा से जुड़े कुछ कर प्रावधानों में राहत के प्रयास किए गए हैं, जिससे कुछ परिवारों को सुविधा मिल सकती है।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि—

  • कर प्रणाली की सरलता

  • पारदर्शिता

  • दीर्घकालिक स्थिरता

पर निरंतर काम किए जाने की आवश्यकता बनी हुई है।


बजट पर संतुलित दृष्टिकोण

महापौर प्रवीण बत्रा जोशी ने कहा कि बजट को केवल समर्थन या विरोध के नजरिये से नहीं, बल्कि उसके व्यावहारिक प्रभावों के आधार पर देखा जाना चाहिए। किसी भी बजट के परिणाम समय के साथ सामने आते हैं।

उन्होंने कहा कि—

  • नीतियों का क्रियान्वयन

  • राज्यों और स्थानीय निकायों के साथ समन्वय

  • जनभागीदारी

इन सभी पर निर्भर करता है कि बजट से घोषित लक्ष्यों को कितना हासिल किया जा सकेगा।


स्थानीय निकायों की भूमिका

उन्होंने यह भी कहा कि शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं के संदर्भ में स्थानीय निकायों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। केंद्रीय योजनाओं का प्रभाव शहरों और कस्बों तक पहुंचे, इसके लिए राज्य और नगर निगम स्तर पर समन्वय आवश्यक है।

उनका कहना था कि बुनियादी सुविधाएं, स्वच्छता, परिवहन और आवास जैसे विषय सीधे नागरिकों के जीवन से जुड़े होते हैं, इसलिए बजट प्रावधानों का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।


समग्र आकलन

मेयर के अनुसार, केंद्रीय बजट 2026–27 को एक नीति दस्तावेज के रूप में देखा जाना चाहिए, जिसमें आर्थिक विकास, सामाजिक संतुलन और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के प्रयास शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसके परिणाम आंकड़ों और जमीनी प्रभाव के माध्यम से स्पष्ट होंगे।

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