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फरीदाबाद | 

हरियाणा के फरीदाबाद में साइबर अपराधों पर नियंत्रण को लेकर पुलिस द्वारा निरंतर और व्यवस्थित कार्रवाई की जा रही है। बीते एक सप्ताह के दौरान साइबर ठगी के मामलों में बड़ी सफलता हासिल करते हुए फरीदाबाद पुलिस की साइबर थानों की टीम ने 14 अलग-अलग मामलों में कुल 41 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान पुलिस ने 94,74,977 रुपये की राशि बरामद की, जबकि सैकड़ों पीड़ितों की शिकायतों का समाधान भी किया गया है।

डिजिटल लेन-देन और ऑनलाइन सेवाओं के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों की चुनौती भी तेजी से बढ़ी है। ऐसे में पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई न केवल कानून प्रवर्तन की सक्रियता को दर्शाती है, बल्कि आम नागरिकों के लिए एक अहम संदेश भी है कि समय पर शिकायत करने से ठगी की राशि को रोका और वापस पाया जा सकता है।

एक सप्ताह में व्यापक कार्रवाई

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 24 जनवरी से 30 जनवरी के बीच फरीदाबाद पुलिस की साइबर थानों ने विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के अंतर्गत विभिन्न प्रकार की साइबर ठगी—जैसे ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, फर्जी लिंक और सोशल मीडिया के माध्यम से की गई ठगी—से जुड़े मामलों की जांच की गई।

इस अवधि में 14 मुकदमों में कार्रवाई करते हुए 41 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इन मामलों में साइबर थाना NIT, सेंट्रल और बल्लभगढ़ क्षेत्र शामिल रहे, जहां से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन मामलों में तकनीकी जांच, बैंक ट्रांजेक्शन का विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों की मदद से आरोपियों तक पहुंचा गया।

बरामद राशि और खातों पर रोक

इस अभियान के दौरान साइबर थानों की टीम ने ठगी से संबंधित 94,74,977 रुपये की राशि बरामद की। इसके अलावा, पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए 248 शिकायतों का निस्तारण किया और 4,23,306 रुपये की राशि को संबंधित बैंक खातों में फ्रिज कराया गया, ताकि ठग उस पैसे को आगे ट्रांसफर न कर सकें।

विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती घंटों में की गई शिकायत बेहद महत्वपूर्ण होती है। जितनी जल्दी पीड़ित पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करता है, उतनी ही अधिक संभावना होती है कि ठगी की रकम को रोका जा सके।

गिरफ्तार आरोपियों की जांच जारी

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किसी संगठित गिरोह का हिस्सा थे या अलग-अलग मामलों में शामिल थे। कई मामलों में यह सामने आया है कि साइबर ठग अलग-अलग राज्यों में बैठे होकर फर्जी खातों और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हैं।

पुलिस का यह भी कहना है कि जांच के दौरान यह देखा जा रहा है कि कहीं गिरफ्तार किए गए आरोपियों से जुड़े अन्य बैंक खाते या डिजिटल वॉलेट तो सक्रिय नहीं हैं। यदि ऐसे तथ्य सामने आते हैं, तो उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

साइबर ठगी के बदलते तरीके

हाल के वर्षों में साइबर ठगी के तरीके लगातार बदल रहे हैं। पहले जहां फोन कॉल या एसएमएस के माध्यम से ठगी होती थी, वहीं अब सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप, फर्जी वेबसाइट और ऑनलाइन विज्ञापनों का सहारा लिया जा रहा है।
आम तौर पर ठग निम्न तरीकों का उपयोग करते हैं:

  • आसान कमाई या निवेश का लालच

  • फर्जी नौकरी या वर्क फ्रॉम होम ऑफर

  • बैंक या सरकारी विभाग के नाम से कॉल

  • फर्जी लिंक भेजकर व्यक्तिगत जानकारी हासिल करना

इन सभी तरीकों का उद्देश्य लोगों की निजी जानकारी या धन को गलत तरीके से हासिल करना होता है।

आम नागरिकों से पुलिस की अपील

फरीदाबाद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के लालच में न आएं और अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर तुरंत भरोसा न करें। यदि किसी को साइबर ठगी का संदेह होता है, तो उसे बिना देरी किए 1930 हेल्पलाइन नंबर पर सूचना देनी चाहिए। इसके साथ ही, राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।

पुलिस का कहना है कि जागरूकता ही साइबर अपराध के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है। जितनी अधिक जानकारी और सतर्कता होगी, उतना ही ठगों के लिए लोगों को निशाना बनाना मुश्किल होगा।

समय पर शिकायत क्यों जरूरी है

कई मामलों में देखा गया है कि पीड़ित व्यक्ति झिझक या जानकारी के अभाव में देर से शिकायत करता है। इस देरी का फायदा ठग उठाते हैं और रकम को कई खातों में ट्रांसफर कर देते हैं।
इसलिए पुलिस लगातार यह संदेश दे रही है कि

  • ठगी होने पर घबराएं नहीं

  • तुरंत 1930 पर कॉल करें

  • सभी उपलब्ध विवरण साझा करें

समय पर की गई शिकायत से न केवल आपकी राशि बच सकती है, बल्कि अन्य लोगों को ठगी का शिकार होने से भी रोका जा सकता है।

डिजिटल सुरक्षा को लेकर जागरूकता की जरूरत

डिजिटल युग में सुरक्षित रहना केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक की भी उतनी ही भूमिका है। मजबूत पासवर्ड, ओटीपी की गोपनीयता, और अनजान स्रोतों से मिली जानकारी की जांच—ये सभी कदम साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाते हैं।

फरीदाबाद पुलिस का कहना है कि आने वाले समय में भी साइबर अपराध के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और जनता के सहयोग से ही साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

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