फरीदाबाद | 02 फरवरी 2026
हरियाणा के फरीदाबाद जिले में सरकारी विभागों के कंडम (अनुपयोगी) वाहनों और पुराने सामान के निपटान की प्रक्रिया के तहत 10 फरवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण ई-नीलामी आयोजित की जाएगी। यह नीलामी जिला प्रशासन फरीदाबाद द्वारा आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य सरकारी संपत्तियों का पारदर्शी, नियमबद्ध और समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करना है।
डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग के बीच सरकारी नीलामी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आयोजित करना अब एक सामान्य और प्रभावी व्यवस्था बन चुकी है। इससे न केवल प्रक्रिया में पारदर्शिता आती है, बल्कि इच्छुक बोलीदाताओं को कहीं से भी भाग लेने की सुविधा भी मिलती है।
ई-नीलामी का उद्देश्य और महत्व
सरकारी विभागों में समय के साथ कई वाहन और सामग्री तकनीकी रूप से अनुपयोगी या कंडम घोषित कर दी जाती है। ऐसे वाहनों और सामान को लंबे समय तक स्टोर करके रखना न तो आर्थिक रूप से लाभकारी होता है और न ही प्रशासनिक दृष्टि से उचित। इसी कारण जिला प्रशासन समय-समय पर नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से इनका निपटान करता है।
ई-नीलामी का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि:
सरकारी संसाधनों का पारदर्शी तरीके से निपटान हो
प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता न हो
आम नागरिकों और संस्थाओं को समान अवसर मिले
राजस्व की प्राप्ति नियमों के अनुरूप हो
ऑनलाइन नीलामी प्रणाली अपनाने से यह प्रक्रिया अधिक सुगम और भरोसेमंद बन जाती है।
10 फरवरी को आयोजित होगी ऑनलाइन नीलामी
जिला प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह ई-नीलामी 10 फरवरी 2026 को आयोजित की जाएगी। नीलामी की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी, जिससे इच्छुक व्यक्ति और संस्थाएं बिना किसी भौतिक उपस्थिति के इसमें भाग ले सकेंगी।
नीलामी का समय:
प्रारंभ: प्रातः 11:00 बजे
समाप्ति: सायं 04:00 बजे
इस निर्धारित समयावधि के दौरान पंजीकृत बोलीदाता अपने-अपने प्रस्ताव ऑनलाइन जमा कर सकेंगे।
ई-ऑक्शन पोर्टल के माध्यम से होगी प्रक्रिया
यह नीलामी भारत सरकार के अधिकृत E-Auction Portal (https://eauction.gov.in) के माध्यम से आयोजित की जाएगी। यह पोर्टल विभिन्न सरकारी विभागों की नीलामी प्रक्रियाओं के लिए उपयोग में लाया जाता है और इसे सुरक्षित व विश्वसनीय प्लेटफॉर्म माना जाता है।
ई-ऑक्शन पोर्टल पर:
बोलीदाताओं का ऑनलाइन पंजीकरण होता है
नीलामी से संबंधित सभी सूचनाएं उपलब्ध कराई जाती हैं
बोली प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और ट्रैक करने योग्य होती है
इससे बोलीदाताओं को यह भरोसा मिलता है कि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार संचालित की जा रही है।
कौन-कौन ले सकता है भाग
इस ई-नीलामी में भाग लेने के लिए कोई भी इच्छुक व्यक्ति, फर्म, कंपनी या संस्था पात्र हो सकती है, बशर्ते कि वह पोर्टल पर निर्धारित नियमों के अनुसार पंजीकरण कराए।
भाग लेने के लिए आवश्यक है कि:
बोलीदाता ई-ऑक्शन पोर्टल पर पंजीकृत हो
आवश्यक दस्तावेज समय पर अपलोड किए गए हों
नीलामी की शर्तों और दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ा गया हो
प्रशासन द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि केवल पंजीकृत और पात्र बोलीदाताओं को ही नीलामी में भाग लेने की अनुमति होगी।
03 फरवरी से उपलब्ध होगी विस्तृत सूची
जिला प्रशासन के अनुसार, नीलामी में शामिल किए जाने वाले:
कंडम सरकारी वाहन
पुराने और अनुपयोगी सामान
संबंधित विभागों का विवरण
नीलामी की शर्तें और नियम
इन सभी की विस्तृत सूची 03 फरवरी 2026 से ई-ऑक्शन पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध करा दी जाएगी।
इच्छुक बोलीदाता इस सूची को देखकर यह तय कर सकेंगे कि वे किन वाहनों या सामान के लिए बोली लगाना चाहते हैं। यह व्यवस्था बोलीदाताओं को पहले से तैयारी करने और सूचित निर्णय लेने में मदद करती है।
पंजीकरण समय रहते करना आवश्यक
ई-नीलामी में भाग लेने के लिए समय पर पंजीकरण करना अनिवार्य है। जिला प्रशासन ने इच्छुक बोलीदाताओं से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना अपना पंजीकरण प्रक्रिया समय रहते पूरी कर लें।
पंजीकरण प्रक्रिया में सामान्यतः:
आधारभूत जानकारी भरना
पहचान से जुड़े दस्तावेज अपलोड करना
पोर्टल की शर्तों को स्वीकार करना
शामिल होता है। पंजीकरण पूरा होने के बाद ही बोलीदाता नीलामी में सक्रिय रूप से भाग ले सकता है।
उपायुक्त ने दी जानकारी
इस संबंध में जानकारी देते हुए आयुष सिन्हा, उपायुक्त, फरीदाबाद ने बताया कि ई-नीलामी की यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी इच्छुक बोलीदाता पोर्टल पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए नीलामी में भाग लें।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नीलामी से संबंधित सभी अपडेट और सूचनाएं केवल अधिकृत पोर्टल के माध्यम से ही जारी की जाएंगी।
पारदर्शिता और डिजिटल व्यवस्था पर जोर
ई-नीलामी जैसी डिजिटल व्यवस्थाएं प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक अहम कदम मानी जाती हैं। इससे न केवल सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ती है, बल्कि आम नागरिकों का विश्वास भी मजबूत होता है।
डिजिटल नीलामी के लाभ:
प्रक्रिया का रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है
किसी भी स्तर पर मानवीय हस्तक्षेप कम होता है
प्रतिस्पर्धा निष्पक्ष बनी रहती है
समय और संसाधनों की बचत होती है
इसी कारण अब अधिकतर सरकारी नीलामी प्रक्रियाएं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आयोजित की जा रही हैं।
इच्छुक बोलीदाताओं के लिए सलाह
जो लोग इस ई-नीलामी में भाग लेने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह आवश्यक है कि:
पोर्टल पर दी गई सभी जानकारी ध्यान से पढ़ें
नीलामी की शर्तों को समझें
समय सीमा का विशेष ध्यान रखें
किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें और अनधिकृत वेबसाइट या माध्यमों से दूर रहें।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन फरीदाबाद ने आमजन और संस्थाओं से अपील की है कि वे इस ई-नीलामी प्रक्रिया में भाग लेकर पारदर्शी व्यवस्था का लाभ उठाएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि सभी नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए, ताकि नीलामी प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

