फरीदाबाद | 05 फरवरी 2026
सराय ख्वाजा स्कूल की नई इमारत से विद्यार्थियों को मिलेगा सुरक्षित और आधुनिक शैक्षणिक वातावरण
फरीदाबाद के सेक्टर-37 स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सराय ख्वाजा की नवनिर्मित इमारत को लेकर शिक्षा जगत में सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आ रही है। जिला प्रशासन की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक के दौरान यह बताया गया कि विद्यालय की नई इमारत विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी।
बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त आयुष सिन्हा ने की। इस अवसर पर जिला शिकायत निवारण समिति, फरीदाबाद के सदस्य एवं सीएम विडो एम्बिनेट पर्सन देवेन्द्र अग्रवाल ने नई इमारत को “स्टेट ऑफ द आर्ट” बताते हुए इसे विद्यार्थियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की पहल
देवेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि विद्यालय की नई इमारत से छात्रों को पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने बताया कि सुरक्षित कक्षाओं, आधुनिक प्रयोगशालाओं और आवश्यक शैक्षणिक संसाधनों से युक्त यह भवन छात्रों के समग्र विकास में सहायक होगा।
उन्होंने कहा कि एक अच्छा शैक्षणिक वातावरण बच्चों की सीखने की क्षमता को बढ़ाता है। नई इमारत में आधुनिक डिज़ाइन और सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा गया है, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों को लाभ मिलेगा।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा भवन
जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित नई इमारत में आधुनिक कक्षाएं, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और खेल से जुड़ी सुविधाएं शामिल होंगी। इसके साथ ही विद्यालय परिसर में बुनियादी ढांचे को इस तरह विकसित किया गया है, जिससे छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के लिए भी उचित अवसर मिल सकें।
देवेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि यह भवन शिक्षा की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इससे छात्रों को व्यावहारिक और सैद्धांतिक शिक्षा दोनों में मदद मिलेगी।
सरकार की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता
उन्होंने कहा कि नई इमारत यह दर्शाती है कि सरकार शिक्षा और बच्चों के भविष्य को लेकर गंभीर है। शिक्षा से जुड़ी अधोसंरचना का विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, जिससे सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता में लगातार सुधार हो रहा है।
उनका कहना था कि सरकारी स्कूलों में सुविधाओं का विकास होने से समाज के हर वर्ग के बच्चों को समान अवसर मिलते हैं।
पुराने दिनों की यादों से जुड़ा विद्यालय
बैठक के दौरान यह भी उल्लेख किया गया कि यह विद्यालय कई लोगों की स्मृतियों से जुड़ा रहा है। देवेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि पूर्व में जब मनोहर लाल फरीदाबाद में सक्रिय थे, तब वे इस विद्यालय से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेते थे।
उन्होंने बताया कि उस समय विद्यालय की स्थिति को लेकर सुधार की आवश्यकता महसूस की गई थी। अब नई इमारत के निर्माण से उस दिशा में ठोस बदलाव दिखाई दे रहा है।
विभिन्न जनप्रतिनिधियों का योगदान
इस अवसर पर देवेन्द्र अग्रवाल ने शिक्षा अधोसंरचना के विकास में योगदान देने वाले जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल, महापौर प्रवीण जोशी बत्रा, कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल, राज्यमंत्री राजेश नागर तथा उपायुक्त आयुष सिन्हा का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि सभी के संयुक्त प्रयासों से यह परियोजना आकार ले सकी है।
विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित वातावरण पर जोर
देवेन्द्र अग्रवाल ने विशेष रूप से विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बात की। उन्होंने कहा कि नई इमारत में विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। भवन के डिज़ाइन में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है, जिससे अभिभावकों को भी संतोष मिलेगा।
उनका कहना था कि सुरक्षित वातावरण में पढ़ने वाले विद्यार्थी अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते हैं।
सरकारी स्कूलों की छवि में सुधार
नई इमारत के निर्माण से सरकारी विद्यालयों की छवि को भी मजबूती मिलेगी। इससे यह संदेश जाएगा कि सरकारी स्कूल भी आधुनिक सुविधाओं से युक्त हो सकते हैं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सकते हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जब स्कूलों में बेहतर बुनियादी ढांचा होता है, तो छात्रों की उपस्थिति और सीखने में रुचि भी बढ़ती है।
भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सराय ख्वाजा की नई इमारत को जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। इससे आने वाले वर्षों में छात्रों को बेहतर शैक्षणिक अनुभव मिलेगा और सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
प्रशासन और शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि ऐसे प्रयासों के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक, सुरक्षित और समावेशी शिक्षा वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

