धर्मेंद्र: एक युग की विदाई, एक हीरो का अमरत्व
धर्मेंद्र का जाना सिर्फ एक अभिनेता का जाना नहीं, बल्कि एक युग का शांत हो जाना है। गाँव की मिट्टी…
खबर वहि, जो सत्यता को दर्शाये
धर्मेंद्र का जाना सिर्फ एक अभिनेता का जाना नहीं, बल्कि एक युग का शांत हो जाना है। गाँव की मिट्टी…
इस दिवाली माटी का ही नहीं, भीतर का भी दीया जलाएं। घर की सफाई तो हर साल होती है, पर…
भारत में बढ़ती छात्र आत्महत्याएँ एक गहरी सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य संकट का संकेत हैं। मानसिक स्वास्थ्य कानून (2017) और…
लो फिर पुतला फूँककर, गजब किया संहार। मन के रावण दुष्ट से, गया आदमी हार।। धधक उठी लपटें बड़ी, गूँजे…
“देश-विदेश में सक्रिय लेखन, 27 पुस्तकों के रचयिता साहित्यकार दंपत्ति का साहित्यान्चल सम्मान हेतु चयन” (हिसार, सिवानी मंडी) भीलवाड़ा, राजस्थान…
साहित्य आज साधना नहीं, सौदेबाज़ी का बाज़ार बनता जा रहा है। नकली संस्थाएं ₹1000-₹2500 लेकर ‘राष्ट्रीय’ और ‘अंतरराष्ट्रीय’ पुरस्कार बांट…
गर्मी आई है, आई है; गर्मी आई है आठ महीनों बाद, फिर लौट हमारे पास लौट के आई, आई है।…
शब्दों से सेनाएं नहीं चलतीं, शेर की खाल पहनकर भेड़िए भी गरजते हैं, मंचों से चीखना आसान है, पर सरहद…