फरीदाबाद, 1 फरवरी।
हरियाणा सरकार में मंत्री राजेश नागर ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए केंद्रीय बजट को सर्व समावेशी बताते हुए कहा कि यह बजट विभिन्न वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए इस बजट में आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया गया है।
मंत्री राजेश नागर ने कहा कि बजट में ग्रामीण और श्रमिक वर्ग को ध्यान में रखते हुए मनरेगा के लिए बड़ी राशि का प्रावधान किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को मजबूती मिलने की संभावना है। उनके अनुसार यह कदम कृषि एवं मजदूर वर्ग के लिए राहत देने वाला साबित हो सकता है।
स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े प्रावधान
राजेश नागर ने कहा कि बजट में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना
गंभीर बीमारियों के इलाज से जुड़ी दवाओं पर आयात शुल्क में कटौती
जैसे प्रावधानों से आम नागरिकों को उपचार के क्षेत्र में सुविधा मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इससे महंगे इलाज का आर्थिक बोझ कुछ हद तक कम हो सकता है।
कर प्रणाली को सरल बनाने का प्रयास
मंत्री ने कहा कि बजट में आयकर ढांचे को सरल बनाने की दिशा में भी प्रयास किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाना है, ताकि करदाताओं को अनावश्यक जटिलताओं का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि बजट में नए करों का बोझ बढ़ाने के बजाय मौजूदा व्यवस्थाओं को अधिक व्यावहारिक बनाने पर जोर दिया गया है।
दीर्घकालिक विकास की दिशा में कदम
राजेश नागर के अनुसार यह बजट दीर्घकालिक विकास के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की परिकल्पना के अनुरूप इस बजट में बुनियादी ढांचे, मानव संसाधन और सामाजिक क्षेत्रों को संतुलित रूप से आगे बढ़ाने का प्रयास दिखाई देता है।
विभिन्न वर्गों के लिए अपेक्षाएं
मंत्री ने कहा कि बजट के प्रभाव आने वाले समय में विभिन्न क्षेत्रों में देखने को मिलेंगे।
ग्रामीण रोजगार
स्वास्थ्य सेवाएं
शिक्षा और कौशल विकास
कर प्रणाली में सरलता
जैसे पहलुओं से समाज के अलग-अलग वर्गों को लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।

