-‘महाभारत अनुभव केंद्र’ में महाभारत की कथाओं, आदर्शों और ऐतिहासिक घटनाओं को जीवंत रूप में किया गया है प्रस्तुत
पलवल, 19 मई। भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना, दार्शनिक गहराई और राष्ट्रीय मूल्यों का अमर प्रतीक महाभारत आज भी मानवता को धर्म, कर्म, न्याय और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। महाभारत केवल एक महाकाव्य नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता और संस्कृति का कालजयी ग्रंथ है, जिसकी शिक्षाएं वर्तमान समय में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं। इसी विरासत को आधुनिक और आकर्षक स्वरूप में प्रस्तुत करने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार द्वारा कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में ‘महाभारत अनुभव केंद्र’ की स्थापना की गई है। वर्तमान में ‘महाभारत अनुभव केंद्र’ देश की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और प्रचार-प्रसार का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। यह केंद्र पवित्र भूमि ज्योतिसर में स्थित है, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का दिव्य उपदेश दिया था।
एसडीएम पलवल भूपेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस गौरवपूर्ण परियोजना का उद्घाटन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था, जिससे इस केंद्र को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिली। महाभारत अनुभव केंद्र में आधुनिक तकनीक, अत्याधुनिक ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति तथा सांस्कृतिक प्रदर्शनों के माध्यम से महाभारत की कथाओं, आदर्शों और ऐतिहासिक घटनाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह केंद्र विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, विद्वानों, श्रद्धालुओं और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन चुका है। महाभारत में वर्णित राजधर्म, नैतिक शासन, सामाजिक उत्तरदायित्व, जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण जैसे आदर्श आज भी समाज और प्रशासन के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने इसी उद्देश्य से विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों, युवा संगठनों और सांस्कृतिक संस्थाओं से महाभारत अनुभव केंद्र के भ्रमण और सहभागिता का आह्वान किया है।
एसडीएम ने बताया कि हरियाणा पर्यटन विभाग के सहयोग से शैक्षणिक भ्रमण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विरासत जागरूकता अभियान, संगोष्ठी एवं अन्य गतिविधियों के आयोजन की संभावनाओं पर भी बल दिया गया है, ताकि युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सभ्यता की महान विरासत से जोड़ा जा सके। महाभारत अनुभव केंद्र के लिए सहायक महाप्रबंधक राजपाल को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। केंद्र से संबंधित जानकारी अथवा संस्थागत भ्रमण के लिए मोबाइल नंबर 8742901812 पर संपर्क किया जा सकता है। इस पहल में विभिन्न संस्थाओं और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भारतीय संस्कृति के संरक्षण, सांस्कृतिक जागरूकता के विस्तार और राष्ट्रीय एकता की भावना को और अधिक सशक्त करेगी।

