चार दिन से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और दीपेंद्र हुड्डा के साथ आंदोलन में थे रोहित नागर, दिल्ली जाने से रोकने पर भडक़े कांग्रेस कार्यकर्ता, भाजपा सरकार के खिलाफ की जमकर नारेबाजी
फरीदाबाद, 10 अक्तूबर। दिल्ली में चल रहे आंदोलन के समर्थन में कूच करने की तैयारी कर रहे तिगांव विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहे रोहित नागर को शनिवार सुबह पुलिस ने उनके सेक्टर-14 स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया। सुबह-सवेरे भारी पुलिस बल के साथ पहुंची सेंट्रल थाना पुलिस ने उन्हें दिल्ली जाने से रोक दिया। कार्रवाई की सूचना मिलते ही बडी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक उनके आवास पर जुटने लगे। पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई। रोहित नागर को दिल्ली जाने से रोकने की इस कार्रवाई ने फरीदाबाद के राजनीतिक माहौल में हलचल पैदा कर दी। यूं तो शुक्रवार से ही उनके आवास पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई थी, लेकिन दूसरे दिन शनिवार सुबह पुलिस टीम बड़ी संख्या में फिर से उनके निवास पर पहुंची, इनमें महिला पुलिस बल के अलावा सीआईए टीम भी मौजूद रहीं और सैन्ट्रल पुलिस थाना सेकटर-12 के थाना इंचार्ज स्वयं मौजूद रहे और उन्होंने रोहित नागर को घर से बाहर निकलकर दिल्ली जाने से रोक दिया। इसके बाद मौके पर पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
चार दिन से दिल्ली में आंदोलन की अगुवाई कर रहे नेताओं के साथ थे रोहित नागर
बता दें कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता रोहित नागर पिछले चार दिनों से दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी और सांसद दीपेंद्र हुड्डा के साथ आंदोलन में शामिल थे। इस आंदोलन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जा रही थी। इसी आंदोलन के समर्थन में रोहित नागर शनिवार को भी अपने समर्थकों के साथ दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें उनके आवास पर ही रोक दिया।
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और दीपेन्द्र हुड्डा की आवाज को दबाया नहीं जा सकत: रोहित नागर
इस मौके पर तिगांव से कांग्रेस प्रत्याशी रोहित नागर ने कहा कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और दीपेन्द्र हुड्डा लोकतंत्र की रक्षा, चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और जनता के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठा रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है। मैं भी अपने साथियों के साथ इसी आवाज को मजबूती देने के लिए दिल्ली जा रहा था, लेकिन पुलिस ने मुझे मेरे आवास पर ही रोक दिया। लोकतंत्र में अपनी बात रखना और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और दीपेन्द्र हुड्डा जिस मुद्दे को लेकर आवाज उठा रहे हैं, वह देश के लोकतंत्र और चुनावी व्यवस्था में जनता के विश्वास से जुड़ा है। पुलिस की यह कार्रवाई हमें जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों के पक्ष में आवाज उठाने से रोक नहीं सकती। उन्होंने कहा कि हमें दिल्ली जाने से रोकने के लिए पुलिस बल तैनात करना अंग्रेजी शासन की याद ताजा कर रहा है और लोकतांत्रिक आवाज को बाधित करने जैसा है। उन्होंने कहा कि जबतक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश का इस्तीफा नहीं होता कांग्रेस कार्यकर्ता शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
इस अवसर पर विक्की नागर, अश्वनी नागर, पंकज सिंह, राहुल, आशू अधाना, विकास, पवन चंदीला, कृष्ण नंबरदार, दीपक, कुनाल, रणतेश, अभिषेक, संचिन, सुमित, विपिन पिलवान, मयंक सरदाना व युवराज पांडे सहित भारी संख्या में युवा कार्यकर्ता मौजूद थे।

