नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक इमारत अचानक ढह गई। हादसे के बाद मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना मोतीबाग क्षेत्र में सत्य निकेतन स्थित शिव मंदिर के पास हुई। सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया।
दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, घटना की सूचना दोपहर करीब 1:30 बजे मिली थी। करीब 1:50 बजे स्टेशन ऑफिसर (एसटीओ) नरेंद्र घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि इमारत गिरने के कारण कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों और अतिरिक्त बचाव दल को मौके पर भेजा गया।
अधिकारियों के निर्देश पर एक एसडब्ल्यूटी, बिग फायर टेंडर (बीएफटी), ऑफिसर-इन-चार्ज, डीओ मुकेश वर्मा और एसटीओ मनोज समेत अतिरिक्त टीमों को घटनास्थल पर तैनात किया गया। पुलिस और दमकलकर्मी मलबा हटाकर संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं। फिलहाल मलबे में फंसे लोगों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बिना अनुमति इमारत गिराने के दौरान हुआ था करोलबाग हादसा
अधिकारियों ने पिछले महीने करोलबाग में हुई इसी तरह की घटना का भी उल्लेख किया। वहां एक दोमंजिला इमारत को मालिकों द्वारा नियुक्त निजी ठेकेदार के जरिए गिराया जा रहा था। शुरुआती जांच में सामने आया था कि इमारत गिराने के लिए संबंधित एजेंसी से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। काम के दौरान इमारत अचानक ढह गई, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए।
करोलबाग के रेगरपुरा स्थित प्यारे लाल रोड पर हुए उस हादसे की सूचना करीब 11:15 बजे पुलिस को मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया था। हादसे में चार मजदूर घायल हुए थे, जबकि एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हुए थे।
सत्य निकेतन हादसे में फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है। बचाव अभियान जारी है और विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।

