11 जून को सिरसा से हुई थी अभियान की शुरुआत, 26 जून को अंतर्राष्ट्रीय ड्रग निरोधक दिवस के अवसर पर फरीदाबाद में अभियान का समापन।
फरीदाबाद | हरियाणा पुलिस द्वारा अवैध नशा पर कानूनी कार्रवाई करने के साथ-साथ आमजन को जागृत करने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाते रहे हैं।अजय सिंगला, पुलिस महानिदेशक, हरियाणा के मार्गदर्शन में व ADGP हरियाणा NCB प्रमुख संजय कुमार IPS जी के दिशा-निर्देशों पर हरियाणा राज्य नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो व हरियाणा पुलिस के संयुक्त प्रयास से नशा से लड़ने के लिए 11 जून से एक अभियान की शुरुआत की गई। जिसकी थीम ड्रग्स फ्री हरियाणा है।
इस अभियान की शुरुआत 11 जून को चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा से हुई है तथा इसका समापन 26 जून को अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स निरोधक दिवस के अवसर पर एनएचपीसी परिसर सूरजकुंड रोड सेक्टर 41 फरीदाबाद में हुआ। इस प्रकार 16 दिवसीय जागरूकता यात्रा 11 जून को सिरसा से चलकर फतेहाबाद, पंचकूला, यमुनानगर, पानीपत, कैथल, झज्जर, सोनीपत व गुरुग्राम होते हुए अंत में 26 जून को फरीदाबाद पहुंची और अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स निरोधक दिवस के अवसर पर इस यात्रा का एनएचपीसी परिसर सूरजकुंड रोड सेक्टर 41 में समापन हुआ। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्र शैक्षणिक संस्थानों से अध्यापक, विद्यार्थियों ने भाग लिया, स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौजूद रही तथा एनएचपीसी द्वारा इस अभियान के समापन में अहम योगदान निभाया। पुलिस विभाग की तरफ से हिमाद्री कौशिक पुलिस उपायुक्त मुख्यालय, जयवीर राठी, पुलिस उपायुक्त यातायात विनोद कुमार, एसीपी NIT, रवि कुमार एसीपी बल्लभगढ़, जितेंद्र राणा डीएसपी, हरियाणा राज्य नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो सहित फरीदाबाद पुलिस व हरियाणा राज्य नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान हिमाद्री कौशिक, पुलिस उपायुक्त मुख्यालय ने कहा कि फरीदाबाद पुलिस द्वारा नशा के विरुद्ध आमजन को लगातार जागरूक किया जा रहा है। फरीदाबाद पुलिस ने पिछले एक साल में 500 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम कर 2,50,000 के करीब लोगों को जागरूक किये हैं। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि फरीदाबाद पुलिस द्वारा जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ नशा तस्करों पर भी लगातार सख्त कार्रवाई की जारी है।
उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प, परिवार के सहयोग और खेलकूद क्रियाकलापों से नशे की आदत ने छुटकारा मिलने में सहयोग मिलता है। हमारे देश में इसके बहुत अवसर है। भारत में तकरीबन लोग संयुक्त परिवार में रहते हैं। नशा एडिक्ट्स को अपने परिवार के सहयोग से नशे को छोड़ने में आसानी रहती है।
उन्होंने उपस्थित लोगों से आग्रह किया है कि नशे के दुष्प्रभावों बारे अपने-अपने क्षेत्र में जाकर लोगों को जागरूक करें, अगर यहां उपस्थित व्यक्ति पांच लोगों को भी जागरूक करेगा और नशा छुड़ाने में सहयोग करेंगे तो यह हरियाणा पुलिस की नशे के विरुद्ध लड़ाई में बड़ा योगदान होगा। उन्होंने आगे बताया कि जागरूकता कार्यक्रम के दौरान 5 चित्र कलाकारों द्वारा नशे के दुष्परिणाम बारे की गई पेंटिंग आकर्षण का केंद्र रही।

