फरीदाबाद | 03 फरवरी 2026
ग्रेटर फरीदाबाद में कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी चिंता का विषय बनती जा रही है। एकॉर्ड अस्पताल में हर महीने औसतन करीब 90 नए कैंसर मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल के कैंसर विभाग के अनुसार, महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और पुरुषों में लंग कैंसर के मामले सबसे अधिक सामने आ रहे हैं। यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज में समय पर जांच और जागरूकता की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।
अस्पताल के कैंसर विभागाध्यक्ष डॉ. सन्नी जैन ने बताया कि कैंसर के मामलों में यह रुझान पिछले कुछ समय से लगातार देखा जा रहा है। आंकड़े यह संकेत देते हैं कि जीवनशैली, पर्यावरणीय कारण और देर से जांच कराना इस समस्या को और गंभीर बना रहे हैं।
हर महीने सामने आ रहे हैं नए कैंसर मामले
एकॉर्ड अस्पताल में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, हर महीने करीब 90 नए मरीज कैंसर से संबंधित इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं। इनमें से बड़ी संख्या ऐसे मरीजों की होती है, जिनमें बीमारी एडवांस स्टेज में पहुंच चुकी होती है।
डॉ. सन्नी जैन के अनुसार, जब मरीज बीमारी की गंभीर अवस्था में अस्पताल आते हैं, तो इलाज अधिक जटिल हो जाता है। इसके कारण न केवल उपचार की अवधि बढ़ती है, बल्कि मरीज और उनके परिवार पर मानसिक एवं आर्थिक दबाव भी बढ़ता है।
महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते मामले
डॉ. जैन ने बताया कि महिलाओं में सबसे अधिक मामले ब्रेस्ट कैंसर के देखने को मिल रहे हैं। इसके पीछे कई कारण सामने आते हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
ब्रेस्ट कैंसर को लेकर जागरूकता की कमी
नियमित जांच और स्क्रीनिंग न कराना
शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना
सामाजिक झिझक या भय के कारण डॉक्टर से देर से संपर्क करना
उन्होंने कहा कि कई महिलाएं शुरुआती स्तर पर होने वाले बदलावों को गंभीरता से नहीं लेतीं, जिससे बीमारी समय के साथ बढ़ती चली जाती है। जब तक जांच कराई जाती है, तब तक कैंसर उन्नत अवस्था में पहुंच चुका होता है।
पुरुषों में लंग कैंसर सबसे बड़ी चिंता
पुरुषों में लंग कैंसर के मामलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डॉ. सन्नी जैन के अनुसार, इसके पीछे मुख्य कारण हैं:
धूम्रपान और तंबाकू का सेवन
बढ़ता वायु प्रदूषण
औद्योगिक क्षेत्रों में लंबे समय तक प्रदूषित वातावरण में रहना
फेफड़ों से जुड़ी शुरुआती समस्याओं की अनदेखी
उन्होंने बताया कि कई मरीज लंबे समय तक खांसी, सांस फूलना या सीने में दर्द जैसे लक्षणों को सामान्य मानकर टाल देते हैं। परिणामस्वरूप, जब वे अस्पताल पहुंचते हैं, तब तक बीमारी गंभीर रूप ले चुकी होती है।
देर से पहचान बन रही है बड़ी चुनौती
डॉ. जैन ने स्पष्ट किया कि कैंसर के इलाज में समय पर पहचान सबसे अहम भूमिका निभाती है। लेकिन व्यवहार में देखा जा रहा है कि अधिकांश मरीज देर से अस्पताल पहुंचते हैं।
इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं:
नियमित हेल्थ चेकअप की आदत न होना
लक्षणों को सामान्य बीमारी समझकर नजरअंदाज करना
कैंसर शब्द से डर और भ्रम
सही जानकारी और मार्गदर्शन की कमी
उन्होंने कहा कि यदि कैंसर की पहचान शुरुआती अवस्था में हो जाए, तो इलाज की सफलता की संभावना कहीं अधिक बढ़ जाती है।
समय पर जांच से संभव है बेहतर इलाज
डॉ. सन्नी जैन ने आम नागरिकों से अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग रहें। शरीर में किसी भी प्रकार का असामान्य बदलाव—जैसे गांठ, लगातार दर्द, वजन में अचानक कमी, लंबे समय तक खांसी या थकान—को हल्के में न लें।
उनका कहना है कि:
महिलाओं को नियमित ब्रेस्ट स्क्रीनिंग करानी चाहिए
पुरुषों को फेफड़ों से जुड़ी जांच समय-समय पर करानी चाहिए
जोखिम कारकों वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह से जांच करवानी चाहिए
समय पर जांच से न केवल बीमारी की पहचान जल्दी होती है, बल्कि इलाज भी अपेक्षाकृत सरल और प्रभावी हो सकता है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस कैंसर यूनिट
डॉ. जैन ने बताया कि एकॉर्ड अस्पताल की कैंसर यूनिट आधुनिक तकनीक से सुसज्जित है, जहां मरीजों को एक ही छत के नीचे समग्र उपचार की सुविधा मिलती है।
अस्पताल में उपलब्ध प्रमुख सुविधाओं में शामिल हैं:
कीमोथेरेपी
रेडियोथेरेपी
सर्जरी
मल्टीडिसिप्लिनरी मेडिकल टीम द्वारा उपचार
उन्होंने कहा कि इलाज के दौरान मरीज की शारीरिक स्थिति के साथ-साथ मानसिक और भावनात्मक पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाता है।
जीवनशैली से जुड़ी सावधानियां हैं जरूरी
डॉ. सन्नी जैन ने बताया कि कैंसर के खतरे को पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं है, लेकिन स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि:
धूम्रपान और तंबाकू से दूरी बनाएं
संतुलित और पोषणयुक्त आहार लें
नियमित व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करें
तनाव को नियंत्रित रखने के प्रयास करें
स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण में रहने की कोशिश करें
इन उपायों से न केवल कैंसर, बल्कि अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा भी कम किया जा सकता है।
बढ़ते आंकड़े समाज के लिए चेतावनी
ग्रेटर फरीदाबाद जैसे तेजी से विकसित होते शहरी क्षेत्र में कैंसर के बढ़ते मामलों को एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी जीवनशैली, प्रदूषण और असंतुलित दिनचर्या इसके प्रमुख कारण बनते जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते जागरूकता और नियमित जांच को प्राथमिकता दी जाए, तो कैंसर से होने वाली जटिलताओं और मृत्यु दर को कम किया जा सकता है।
जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार
डॉ. जैन ने कहा कि कैंसर के खिलाफ लड़ाई में सबसे बड़ा हथियार जागरूकता है। जब लोग सही जानकारी के साथ समय पर कदम उठाते हैं, तो इलाज की राह आसान हो जाती है।
उन्होंने कहा कि परिवार, समाज और स्वास्थ्य संस्थानों को मिलकर ऐसे प्रयास करने होंगे, जिससे लोग बिना डर और संकोच के जांच और इलाज के लिए आगे आएं।
निष्कर्ष
एकॉर्ड अस्पताल में हर महीने सामने आ रहे करीब 90 नए कैंसर मामलों के आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि कैंसर अब एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और पुरुषों में लंग कैंसर के बढ़ते मामले समय पर जांच, जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोग नियमित स्वास्थ्य जांच को अपनी आदत बना लें और लक्षणों को नजरअंदाज न करें, तो कैंसर जैसी बीमारी से बेहतर तरीके से मुकाबला किया जा सकता है।

