फरीदाबाद, 17 फरवरी 2026
फरीदाबाद पुलिस ने अवैध नशा तस्करी के खिलाफ अपनी मुहिम के तहत एक और बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से 460 ग्राम गांजा बरामद हुआ है। यह कार्रवाई जिले में मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे सघन अभियान का हिस्सा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे युवाओं को नशे की लत से बचाने और शहर में अपराध को कम करने के उद्देश्य से इस मुहिम को आगे बढ़ाएंगे।
पुलिस उपायुक्त अपराध मुकेश कुमार के निर्देश पर फरीदाबाद पुलिस की अपराध शाखाएं नशा तस्करों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए हैं। 16 फरवरी को, एनआईटी की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर विभिन्न स्थानों पर छापेमारी करते हुए दो व्यक्तियों को पकड़ लिया। इन दोनों के पास से गांजा मिला है, जिसकी कुल मात्रा 460 ग्राम बताई गई है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, पहली कार्रवाई नेहरू कॉलोनी टाउन नंबर-3 क्षेत्र में हुई, जहां 25 वर्षीय सुरज को गिरफ्तार किया गया है। वह नेहरू कॉलोनी का निवासी है और उसकी तलाशी के दौरान 250 ग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह क्षेत्र में अवैध नशे की बिक्री में संलिप्त है। सूचना की पुष्टि के बाद, टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे हिरासत में लिया और गांजा बरामद किया।
दूसरी कार्रवाई सूरजकुंड क्षेत्र के गांव अनखिर में की गई, जहां 39 वर्षीय अमरनाथ को गिरफ्तार किया गया। वह श्याम कॉलोनी सूरजकुंड का निवासी है और उसके पास से 210 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वह लंबे समय से क्षेत्र में अवैध नशे की बिक्री कर रहा था और स्थानीय युवाओं को इसकी सप्लाई कर रहा था।
दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि ये आरोपी किस नेटवर्क से जुड़े थे और नशा कहां से लाते थे।
मादक पदार्थों की तस्करी एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की आसान उपलब्धता युवाओं को अपराध की ओर धकेल सकती है। ऐसे में पुलिस की समय-समय पर की जाने वाली सख्त कार्रवाइयां समाज में सकारात्मक संदेश देती हैं और नशा तस्करों के मनोबल को तोड़ने में मदद करती हैं।
फरीदाबाद जैसे औद्योगिक और तेजी से विकसित होते शहर में बड़ी संख्या में युवा वर्ग निवास करता है। पुलिस का कहना है कि युवाओं को नशे के चंगुल से बचाना उनकी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है।
पुलिस प्रवक्ता ने नागरिकों से अपील की है कि यदि आसपास कोई व्यक्ति अवैध नशे की बिक्री में संलिप्त है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि समाज और पुलिस का संयुक्त प्रयास ही नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण ला सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, एनडीपीएस अधिनियम के तहत मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त, परिवहन या भंडारण करना दंडनीय अपराध है। दोष सिद्ध होने पर कठोर कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। न्यायालय भी ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाते हैं ताकि समाज में कानून का भय बना रहे और अन्य लोग इस प्रकार के अपराध से दूर रहें।
फरीदाबाद पुलिस की यह कार्रवाई यह दिखाती है कि प्रशासन नशा तस्करी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। हाल के महीनों में, पुलिस ने कई अभियानों के जरिए मादक पदार्थों की बरामदगी की है और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन कार्रवाइयों से जिले में अवैध नशा कारोबार पर काफी हद तक अंकुश लगा है।
सामाजिक संगठनों और शिक्षाविदों का भी मानना है कि केवल पुलिस की कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जागरूकता अभियान भी जरूरी हैं। स्कूलों और कॉलेजों में नशा विरोधी कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को इसके दुष्परिणामों के बारे में बताया जाना चाहिए। साथ ही अभिभावकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है ताकि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रख सकें।
फरीदाबाद पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में जिले के विभिन्न हिस्सों में नशा तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाए जाएंगे। संदिग्ध व्यक्तियों और स्थानों पर नजर रखी जा रही है और खुफिया तंत्र को और अधिक सक्रिय किया गया है।
इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि फरीदाबाद पुलिस समाज को नशामुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अवैध नशा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाकर पुलिस ने यह दर्शाया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयां न केवल अपराधियों को चेतावनी देती हैं, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास की भावना को भी मजबूत करती हैं।

