निकाय मंत्री विपुल गोयल के आवास पर करीब दो घंटे चली बैठक; लिखित आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारियों ने काम पर लौटने का किया ऐलान
चंडीगढ़, 11 सितंबर। हरियाणा में पिछले कई दिनों से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार को समाप्त हो गई। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच हुई वार्ता के बाद 16 प्रमुख मांगों पर सहमति बनने का दावा किया गया है। बैठक के बाद कर्मचारी नेताओं ने तत्काल प्रभाव से काम पर लौटने की घोषणा की।
पालिका कर्मचारी संघ के प्रधान नरेश शास्त्री के अनुसार, निकाय मंत्री विपुल गोयल के आवास पर करीब दो घंटे तक मैराथन बैठक हुई। इसमें सफाई कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। कर्मचारी नेता के मुताबिक, सरकार की ओर से मांगों को लेकर लिखित आश्वासन भी दिया गया है।
आज से काम पर लौटेंगे कर्मचारी
बैठक के बाद नरेश शास्त्री ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को स्वीकार कर लिया है। इसके बाद प्रदेशभर के सफाई कर्मचारी शुक्रवार से अपने काम पर लौटेंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का प्रयास रहेगा कि आगामी 10 दिनों के भीतर शहरों और कस्बों में सफाई व्यवस्था को पूरी तरह पटरी पर लाया जाए तथा लंबे समय से जमा कचरे को प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाए।
भर्ती और कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों पर बनी सहमति
कर्मचारी संगठनों के अनुसार, वार्ता में कुल 16 मांगों पर सहमति बनी है। इनमें सफाई कर्मचारियों की सेवा शर्तों, भर्ती, वेतन एवं मानदेय, रोजगार सुरक्षा तथा अन्य कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। रिक्त पदों पर नियमित भर्ती किए जाने को लेकर भी सरकार की ओर से सकारात्मक रुख सामने आने की बात कर्मचारी नेताओं ने कही है।
हालांकि, 16 मांगों के प्रत्येक बिंदु, उनके क्रियान्वयन की समयसीमा और सरकार के लिखित आश्वासन की विस्तृत शर्तों का आधिकारिक विवरण सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
हड़ताल से प्रभावित हुई थी सफाई व्यवस्था
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते पिछले कई दिनों से प्रदेश के कई शहरों और कस्बों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई थी। जगह-जगह कूड़े के ढेर जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच सहमति के बाद हड़ताल समाप्त होने को प्रदेश की सफाई व्यवस्था के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
अब कर्मचारियों के काम पर लौटने के बाद स्थानीय निकायों के सामने सबसे बड़ी चुनौती जमा कचरे का शीघ्र उठान और शहरों की सफाई व्यवस्था को सामान्य स्थिति में लाना होगी। कर्मचारी संगठनों ने अगले 10 दिनों में व्यापक सफाई अभियान चलाकर व्यवस्था दुरुस्त करने का लक्ष्य रखा है।

